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हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेश बंसल की गिरफ्तारी से राजस्थान की सियासत में हलचल. बीकानेर में रात को डिटेन किए जाने के बाद CID-CB की रेंज सेल ने की कार्रवाई. विधायक का मेडिकल परीक्षण कराया गया, पूछताछ के लिए पल्लू ले जाने की बात सामने आई.
हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेश बंसल को गिरफ्तारी किया गया है. बीकानेर में रात को डिटेन किए जाने के बाद CID-CB की रेंज सेल ने कार्रवाई की है. विधायक का मेडिकल परीक्षण कराया गया और पूछताछ के लिए पल्लू ले जाने की बात सामने आई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधायक गणेशराज बंसल के खिलाफ हनुमानगढ़ में जमीन के पट्टों से जुड़ा पुराना मामला सामने आया है. साल 2003 में सरकारी जमीन पर कथित रूप से आवासीय पट्टे जारी करने को लेकर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी.
हनुमानगढ़ में समर्थकों ने शुरू किया प्रदर्शन
विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी के बाद हनुमानगढ़ में उनके समर्थन में प्रदर्शन किया गया. टाउन के भारत माता चौक पर समर्थक एकत्र हुए और विधायक की गिरफ्तारी का विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने अपनी नाराजगी जाहिर की. विधायक समर्थकों ने कल बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की बात कही है. वहीं, आज दोपहर बाद समर्थकों की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी. इसमें विधायक की गिरफ्तारी और आगे की रणनीति को लेकर जानकारी दी जा सकती है.
पूछताछ के लिए किया गया था तलब
एएसपी सतपाल सिंह ने विधायक को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया. जैसे ही विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैली, पूरे शहर में हड़कंप मच गया और समर्थक गुस्से से लाल हो गए. खबर मिलते ही सैकड़ों की तादाद में समर्थक, स्थानीय व्यापारी और निर्दलीय पार्षद अग्रसेन भवन में इकट्ठा हुए. वहां से पैदल मार्च निकालते हुए भीड़ ने जंक्शन पुलिस थाने को घेर लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
प्रदर्शनकारियों ने सीधा आरोप लगाया कि आने वाले सभापति चुनाव को प्रभावित करने के लिए सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल हो रहा है. विधायक गुट के पार्षदों और व्यापारियों को डराने के लिए जीएसटी और खाद्य सुरक्षा विभाग से छापेमारी करवाई जा रही है.
विधायक के गिरफ्तारी से बदले समीकरण
नगर परिषद चेयरमैन पद का चुनाव नजदीक है. 60 वार्डों के नतीजों में विधायक गणेशराज बंसल समर्थित निर्दलीय गुट के 34 पार्षद जीते हैं. ऐसे में विधायक की गिरफ्तारी हो गई है. इसलिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.विधायक समर्थित खेमा चुनाव में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा था, लेकिन हिरासत की खबर के बाद स्थानीय राजनीति में नया मोड़ आ गया है.