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Ranchi VB Net Foundation: रांची का वीबी नेट फाउंडेशन महिलाओं के उत्थान के लिए काम करता है. इसकी अधिकारी शिल्पी ने महिलाओं को धमकी मिलने पर कानूनी मदद के कई उपाय बताए हैं. उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन, एनजीओ और पुलिस की मदद जरुर लेनी चाहिए. इसके साथ ही यहां मदद न मिलने पर कोर्ट जाया जा सकता है.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची का वीबी नेट फाउंडेशन खासतौर पर महिलाओं के उत्थान के लिए काम करता है. इस फाउंडेशन की अधिकारी शिल्पी ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि कई बार उनके पास यह समस्या आती है कि महिलाओं को धमकी मिल रही है कि यह हमारी जमीन है, यह हमारा घर है, तुम्हें निकाल देंगे. उन्होंने बताया कि इस समय महिलाएं क्या कर सकती हैं. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा
शिल्पी ने बताया कि ऐसे कई सारे एनजीओ हैं, जो तुरंत महिलाओं के लिए आगे जाती हैं और पुलिस का महिला विंग उनके लिए हमेशा तत्पर रहता हैं. उन्होंने 4-5 उपाय बताए हैं, जिससे उनको यह ताने कभी सुनने को नहीं मिलता है. शिल्पी आगे बताती हैं अगर ऐसे ताने सुनने को मिलते हैं तो आपको सबसे पहले महिला हेल्पलाइन नंबर को डायल कर शिकायत दर्ज करा देनी चाहिए.
एनजीओ महिलाओं की जरुर करता है मदद
शिल्पी बताती हैं कि कई सारे एनजीओ हैं, जो महिलाओं के लिए काम करती है. रांची में उनका भी एनजीओ है. इसके अलावा कुछ और भी हैं. जहां महिलाओं को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए. उनसे जाकर मिलना चाहिए कि ऐसा सिचुएशन आ जाए तो हमें क्या करना चाहिए. ऐसे में एनजीओ इस समय आपकी मदद करता है. अगर आप डायरेक्ट पुलिस स्टेशन जाने से डरती हैं तो फिर ये आपके लिए खड़े हो जाते हैं. यहां तक की एनजीओ पुलिस स्टेशन तक जाकर शिकायत करते हैं.
अगर किसी बड़े एनजीओ का सहयोग आपके पास रहेगा, तब पुलिस भी आपके लिए तुरंत काम करेगी. इसके अलावा दूसरा काम आप कर सकते हैं. आप महिला थाना डायरेक्ट जा सकते हैं. वहां पर आपकी बात तुरंत सुनी जाएगी. वहां पर काउंसलिंग भी होती है, दोनों पार्टी को बैठकर समझाया जाता है और समझ से बात ना निकले तो कार्रवाई भी की जाती है.
यह भी कर सकते हैं काम
अगर जमीन और घर का कुछ ज्यादा ही विवाद है तो फिर महिला थाने से भी नहीं होगा. तब आप सीधा कोर्ट जा सकती हैं. बस आपको यह पता होना चाहिए सीएनटी एसपीटी एक्ट में महिलाओं को विशेष अधिकार दिया गया है, लेकिन महिलाओं को यह पता ही नहीं है, तो थोड़ा सा महिलाओं को भी अपनी जानकारी बढ़ानी होगी. इसके तहत आप कोर्ट जाते हैं तो आपको आपका हक अधिकार मिलेगा और सामने वाला कभी आपको इस तरह का ताना नहीं दे पाएगा.