पॉकेट मनी से ₹13.9 लाख का फंड, 15 साल की लड़की ने यूट्यूब देखकर सीखी ट्रेडिंग और मचा दिया धमाल

पॉकेट मनी से ₹13.9 लाख का फंड, 15 साल की लड़की ने यूट्यूब देखकर सीखी ट्रेडिंग और मचा दिया धमाल


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Sinchana Santosh Success Story : छोटी उम्र से ही सिंचाना ने गुल्‍लक में पैसा जमा करना शुरू किया. 12 की उम्र में इसी पैसे को काम पर लगाया. 15 साल की उम्र की होते-होते उन्‍हेांने करीब 14 लाख रुपये का पोर्टफोलियो बना लिया.

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सिंचाना ने छुट्टियों और वीकेंड पर यूट्यूब को अपना गुरु बनाया. (Image credit: YouTube/ PowerUp Money)

नई दिल्‍ली. जिस उम्र में अधिकांश बच्‍चे मोबाइल स्क्रॉल करके रील देखने या वीडियो गेम्स खेलने में व्‍यस्‍त रहते हैं, उस उम्र में बेंगलुरु की 15 वर्षीय सिंचाना संतोष ने शेयर बाजार और पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली सिंचाना ने अपनी गुल्‍लक की बचत और यूट्यूब के जरिए सीखी ट्रेडिंग के दम पर ₹13.9 लाख का इन्‍वेस्‍टमेंट पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया है. गुल्लक के सिक्कों से शुरू हुआ उनका यह सफर आज वाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है.

आरआर नगर स्थित स्वर्गरानी स्कूल की छात्रा सिंचाना की यह यात्रा बहुत छोटी उम्र में शुरू हो गई थी. वे अपनी पॉकेट मनी और त्योहारों पर मिलने वाले पैसों को गुल्लक में जमा करती थीं. 12 साल की उम्र तक उन्होंने ₹10,000 जोड़ लिए थे. सिंचाना के अनुसार, जब उन्होंने बचपन में टेलीस्कोप खरीदने की जिद की, तो पिता संतोष कुमार और मां कीर्ति रायकर ने उन्हें पूरे पैसे देने के बजाय खुद फंड जुटाने को कहा. सिंचाना ने रिश्तेदारों से बातचीत कर ₹10,000 जुटाए और बाकी ₹2,000 माता-पिता ने दिए. इसी अनुभव ने उन्हें सिखाया कि नियमित बचत कैसे वित्तीय आजादी की राह खोलती है.

यूट्यूब बना क्लासरूम

सिंचाना ने छुट्टियों और वीकेंड पर यूट्यूब को अपना गुरु बनाया और अंकुर वारिकू, डेव रैमसे, पावर ऑफ मनी और सोनिया शेनॉय जैसे जाने-माने फिनफ्लूएंसर्स के वीडियो देखकर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और पर्सनल फाइनेंस की बारीकियों को समझा. यही नहीं सिंचाना ने NISM के दो और सेबी का एक प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन सफलतापूर्वक हासिल किया.

कमजोर बीमा पॉलिसियों से पैसा निकाल बनाया ₹13.9 लाख का पोर्टफोलियो
सिंचाना की वित्तीय समझ से प्रभावित होकर उनके माता-पिता ने उन पारंपरिक बीमा पॉलिसियों से पैसा निकाला, जहां रिटर्न बेहद कम मिल रहा था. इसके बाद माता-पिता की देखरेख में सिंचाना ने खुद अपने पोर्टफोलियो की कमान संभाली. आज उनका पोर्टफोलियो ₹13.9 लाख का है. उन्‍होंने भारतीय व अंतरराष्ट्रीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया है. सिंचाना अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई का खर्च खुद उठाने का लक्ष्‍य रख पैसा निवेश किया है.

सिंचाना ने बनाया GDP इन्‍वेस्‍टमेंट मॉडल

म्यूचुअल फंड चुनने के लिए सिंचाना ने खुद का एक आसान और सटीक फॉर्मूला विकसित किया है, जिसे उन्होंने ‘GDP मॉडल’ नाम दिया है-

  • G (Growth): वे ग्रोथ-ओरिएंटेड फंड चुनती हैं, क्योंकि उन्हें अभी पैसे निकालने की जल्दी नहीं है और वे कंपाउंडिंग का पूरा फायदा लेना चाहती हैं.
  • D (Direct): वे हमेशा डायरेक्ट प्लान में निवेश करती हैं, ताकि किसी एजेंट या बिचौलिए का कमीशन न कटे और रिटर्न अधिकतम मिले.
  • P (Passive): वे पैसिव फंड्स (इंडेक्स फंड) को तरजीह देती हैं, जो प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स को ट्रैक करते हैं और कम लागत में स्थिर रिटर्न देते हैं.

अब 10 लाख छात्रों को वित्तीय साक्षर बनाने का लक्ष्‍य

सिंचाना केवल खुद अमीर बनने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. 14 साल की उम्र में एनसीईआरटी सिलेबस पर आधारित ‘ITIHASA -The Royal Game’ कार्ड गेम बनाकर बेंगलुरु के 36 सरकारी स्कूलों को 170 सेट दान करने वाली सिंचाना अब एक नया फाइनेंशियल कार्ड गेम तैयार कर रही हैं. इस गेम के जरिए वे बच्चों को बजटिंग, बैंकिंग, ब्याज, महंगाई, जोखिम प्रबंधन और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के गुर खेल-खेल में सिखाएंगी. उनका लक्ष्य देश के 10 लाख स्कूली छात्रों को वित्‍तीय साक्षर बनाना है.



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