रियाद : हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की नाम में दम कर रखा है. उनके गोरिल्ला अटैक के सामने सऊदी के महंगे और हाईटेक हथियार भी किसी नहीं आ रहे थे. अब सऊदी अरब ने अपनी पुरानी रणनीति को पूरी तरह से अलमारी में बंद कर दिया है. यमन की राजधानी साना के नीले आसमान में अचानक सन्नाटा चीरती हुई एक आवाज गूंज उठी और फिर जो हुआ, उसकी कल्पना हूती विद्रोहियों ने सपने में भी नहीं की थी. सऊदी अरब ने इस बार आसमान से मिसाइलें नहीं बरसाईं, बल्कि हूतियों के गढ़ में एक साथ अनगिनत ‘ततैया’ छोड़ दीं, इसके बाद हूतियों की आखों ने तबाही का वो खौफनाक मंजर दिखा, जिसे वो जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे. ये सऊदी का ‘स्काईवास्प’ अटैक, जिसने रातों-रात मिडिल ईस्ट में पावर गेम को बदल कर रख दिया है.
Saudi Hit Houtis : साना के आसमान में ‘डेल्टा-विंग’ का खौफ
हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले शहर साना के आसमान में अचानक एक अजीब सी गूंज सुनाई दी. नीले आसमान में डेल्टा-विंग यानी त्रिकोणीय आकार का एक चीज उड़ती हुआ आ रही थी. ये खौफनाक ड्रोन्स थे जो सऊदी ने हूतियों की तबाही के लिए भेजे थे. देखते ही देखते जमीनी सुरक्षा बलों और हूती लड़ाकों की तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलने की आवाजें आने लगीं. एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को मार गिराने की नाकाम कोशिशें की गईं, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ड्रोन सीधे अपने टारगेट से जा टकराया.
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये ड्रोन बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे अपने टारगेट पर झपटता है. इस हमले के बाद पूरे साना शहर में हड़कंप मच गया और हूती विद्रोहियों के कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में जंग का तरीका अब पूरी तरह से बदल चुका है और इस बदलाव के सेंटर में खड़े हैं सस्ते, सटीक और बेहद विनाशकारी कामिकेज यानी ‘सुसाइड’ ड्रोन. ड्रोन का नाम ‘स्काईवास्प’ है, जो एक तरह के कीड़े WASP से लिया गया है, इसे हिंदी में ततैया कहते हैं. इन ड्रोन्स की शेप और हवा में झपटने का अंदाज ततैया से काफी हद तक मैच करता है.
ईरान के शाहिद-136 जैसा ‘आत्मघाती’ हथियार, जानिए क्या है SKYWASP?
इस हमले में जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ है, उसका नाम है ‘स्काईवास्प’. ये सऊदी अरब का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का कामिकेज या सुसाइड ड्रोन है. सुसाइड ड्रोन उन हथियारों को कहा जाता है, जो मिसाइल की तरह सीधे अपने टारगेट से टकराकर खुद को भी खत्म कर लेते हैं.
SKYWASP का डिजाइन काफी हद तक ईरान के मशहूर ‘शाहिद-136’ ड्रोन पर आधारित है. शाहिद-136 वही ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर हुआ है और जिसे हूती विद्रोही भी अक्सर सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं. अब सऊदी अरब ने इसी डिजाइन की ताकत को पहचानकर अपना खुद का कामिकेज ड्रोन तैयार कर लिया है, जो दुश्मन के घर में घुसकर सटीक हमला करने में माहिर है.
35 हजार डॉलर की कीमत और 1500 किमी रेंज: क्यों खास है ये हथियार?
आज के समय में युद्ध क्षेत्र में हथियारों की कीमत और उनकी क्षमता का बैलेंस सबसे ज्यादा मायने रखता है. महंगे लड़ाकू विमानों या करोड़ों डॉलर की क्रूज मिसाइलों की तुलना में कामिकेज ड्रोन बहुत सस्ते पड़ते हैं और काम पूरा कर देते हैं.
- बेहद कम कीमत: एक ‘स्काईवास्प’ ड्रोन की कीमत महज करीब 35,000 डॉलर यानी लगभग 29 से 30 लाख रुपए आती है. जहां एक मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर होती है, वहीं इतना सस्ता ड्रोन सेना के बजट पर भारी नहीं पड़ता.
- 1,500 किलोमीटर की लंबी रेंज: इस ड्रोन की मारक क्षमता करीब 1,500 किलोमीटर है. इसका मतलब ये है कि सऊदी अरब अपनी सीमा के अंदर सुरक्षित बैठकर भी यमन के गहराई वाले इलाकों में हूतियों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगा सकता है.
- सटीक निशाना: ये ड्रोन जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम से पूरी तरह लैस होता है, जिससे ये दुश्मन की लोकेशन पर सटीक वार करता है और एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सकता है.
सऊदी और अमेरिका की जुगलबंदी, ‘SR2Vector’ ने बदला गेम
SKYWASP ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये पूरी तरह से सऊदी अरब का पहला स्वदेशी प्रोजेक्ट माना जा रहा है. इसे बनाने का काम किया है ‘SR2Vector’ नाम की कंपनी ने, जो सऊदी अरब और अमेरिका का एक ज्वाइंट वेंचर है.
सऊदी अरब काफी समय से डिफेंस में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा है और अपने ‘विजन 2030’ के तहत विदेशी हथियारों पर अपनी निर्भरता घटा रहा है. अमेरिका की हाई-टेक एविएशन टेक्नोलॉजी और सऊदी अरब की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता ने मिलकर इस घातक ड्रोन को जन्म दिया है. इस प्रोजेक्ट के जरिए सऊदी अरब ने दुनिया के सामने ये साबित कर दिया है कि अब वो केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि खुद आधुनिक और घातक ड्रोन बनाने की क्षमता रखता है.
हूतियों को ‘उन्हीं की दवा का स्वाद’: बैकफुट पर आए विद्रोही
पिछले कुछ सालों का इतिहास उठाकर देखें तो यमन के हूती विद्रोहियों ने ईरान की मदद से सऊदी अरब के तेल ठिकानों, हवाई अड्डों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार शाहिद-136 जैसे ड्रोनों से हमले किए थे. सऊदी अरब के पास पैट्रियट मिसाइल जैसी दुनिया की सबसे महंगी और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियां थीं, लेकिन कुछ हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए लाखों डॉलर की मिसाइल दागना सऊदी के लिए काफी खर्चीला साबित हो रहा था.
अब सऊदी अरब ने पूरा पासा ही पलट दिया है. हूतियों को उन्हीं के स्टाइल में जवाब देकर सऊदी ने ये साफ संदेश दे दिया है कि अगर हूती ड्रोन से हमला करेंगे, तो उनका जवाब भी उसी रफ्तार, उसी आक्रामकता और उसी तकनीक से दिया जाएगा. साना में हुआ ये ‘स्काईवास्प’ प्रहार हूतियों के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका है, क्योंकि अब उनके वो ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रहे जिन्हें वो अब तक सऊदी की पहुंच से दूर मानते थे.,
NEW: Houthi-controlled Yemeni capital Sanaa was hit by Saudi SKYWASP kamikaze drones yesterday, modeled after Iran’s Shahed-136.
SKYWASP is Saudi Arabia’s first domestically produced long-range kamikaze drone, a Shahed-136-style delta-wing UAV built by SR2Vector (Saudi-US joint… pic.twitter.com/etIZd7drMY