नई दिल्ली (DUSU Election Result 2026). दिल्ली यूनिवर्सिटी की गलियों में चुनावी सरगर्मी चरम पर है. डूसू चुनाव नजदीक आते ही नॉर्थ और साउथ कैंपस के कॉलेज के नुक्कड़, कैंटीन और पार्क सियासी चर्चाओं के अखाड़े बन जाते हैं. डूसू चुनाव 2026 ने एक बार फिर से अपनी रंगत दिखा दी है. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव- इन चारों अहम पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार का चुनाव सिर्फ पर्चे और पोस्टरों की जंग नहीं है. यह अलग-अलग बैकग्राउंड से आने वाले युवाओं की ऐसी महापरीक्षा है, जो आने वाले समय की मुख्यधारा की राजनीति की दिशा तय करेगी.
प्रेसिडेंट पद की जंग: दिग्गजों का आमना-सामना
अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल 7 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसमें मुख्य मुकाबला एबीवीपी के यश डबास, एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा और वामपंथी गठबंधन (AISA-SFI) की तरफ से उतरीं अनन्या रतूड़ी के बीच माना जा रहा है.
- यश डबास (ABVP): बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग से ताल्लुक रखने वाले यश मूल रूप से कंझावाला के हैं और उनका बैकग्राउंड स्पोर्ट्स पर्सन (टेनिस खिलाड़ी) का रहा है.
- विजय शंकर मीणा (NSUI): यह भी बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग से ही मैदान में हैं और राजस्थान से हैं.
- अनन्या रतूड़ी (AISA-SFI): पीजीडीएवी कॉलेज से ताल्लुक रखने वाली अनन्या वामपंथी खेमे से मुख्य चेहरे के रूप में अध्यक्ष पद का मोर्चा संभाल रही हैं.
उपाध्यक्ष और सचिव पद के चेहरे: खेल और कानून का संगम
उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे 5 उम्मीदवारों में एबीवीपी के इशू मौर्य (कैंपस लॉ सेंटर, जो सत्यवती कॉलेज मॉर्निंग के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं) और एनएसयूआई के वीर चतरथ (बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग) के बीच कड़ी टक्कर है.
वहीं, सचिव पद पर एबीवीपी से श्री अरबिंदो कॉलेज की बास्केटबॉल खिलाड़ी रिया छाबड़ी मैदान में हैं, जो अपनी ऊर्जावान शैली के लिए जानी जाती हैं. उनके सामने एनएसयूआई की नम्रता चौधरी और वामपंथी गठबंधन की स्टेंजिन डेस्क्योंग जैसी मजबूत दावेदार हैं.
संयुक्त सचिव पद और नया हॉटस्पॉट ‘बुद्धिस्ट स्टडीज’
संयुक्त सचिव पद के लिए एबीवीपी के टिकट पर उतरे लक्ष्यराज सिंह (कैंपस लॉ सेंटर) राष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं. ये एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप से जुड़े रहे हैं. उनके मुकाबले एनएसयूआई के गोपाल चौधरी और अन्य निर्दलीय उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं. इस बार एक खास बात देखने को मिली है कि डिपार्टमेंट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज डीयू चुनाव का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. यहां से कई प्रमुख उम्मीदवार पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं.
डूसू का चुनाव क्या नया रंग लाएगा?
डूसू चुनाव 2026 के इन 20 उम्मीदवारों के प्रोफाइल देखकर स्पष्ट है कि अब छात्र राजनीति केवल सतही नारों तक सीमित नहीं है. इसमें खेल की दुनिया से लेकर कानून के जानकारों तक की नुमाइंदगी बढ़ रही है. देखना यह होगा कि कैंपस के युवा वोटर इन चेहरों में से किस पर अपना भरोसा जताते हैं और जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है.