Donald Trump Signs Russia Sanctions Law: भारत पर दिवाली से पहले फूटेगा टैरिफ बम! ट्रंप को कितने दिन में लेना है फैसला? सेक्शन 113 में ही सारा दांव-पेच

Donald Trump Signs Russia Sanctions Law: भारत पर दिवाली से पहले फूटेगा टैरिफ बम! ट्रंप को कितने दिन में लेना है फैसला? सेक्शन 113 में ही सारा दांव-पेच


Donald Trump Signs Russia Sanctions Law: अमेरिका में रूसी प्रतिबंध वाला बिल अब कानून बन चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून’ पर सिग्नेचर कर दिए. यह कानून अब ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. रूस से तेल खरीदने वालों में भारत और चीन टॉप 5 देशों में शामिल हैं. इसका मतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के इस टैरिफ वाले हथियार का शिकार भारत और चीन भी होंगे. रूसी प्रतिबंध वाले कानून का नाम है- ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून, 2026’. अब सवाल है कि आखिर भारत पर टैरिफ कब लगेगा, कितना लगेगा और डोनाल्ड ट्रंप को कितने दिन के भीतर यह फैसला लेना होगा? आखिर इस कानून का सेक्शन 113 क्या है, जिसमें सारा दांव-पेच लिखा है.

दरअसल, इस रूसी प्रतिबंध वाले कानून में रूस से तेल खरीद पर भारत पर 100% तक अमेरिकी टैरिफ का प्रावधान है. अगर अमेरिका के नए कानून को देखें तो दिवाली से पहले यानी मिड-अक्टूबर तक भारत पर टैरिफ लगाने की संभावना है. हालांकि, यह कितना लगेगा यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही तय करेंगे. लगेगा भी या नहीं, यह भी उन्हीं के हाथ में हैं. वैसे भी भारत पहले ही कह चुका है कि वह अपने हित को ध्यान में रखकर ही फैसला लेगा. वह किसी के आगे झुकेगा नहीं और न ही कोई समझौता करेगा. अगर उसे लगेगा कि रूसी तेल बाजार से सस्ता है तो वह खरीदेगा ही.

क्या है सेक्शन 113?

बहरहाल, रूस-ईरान प्रतिबंध वाले इस नए अमेरिकी कानून के सेक्शन 113 में सबकुछ साफ कर दिया गया है. अमेरिका के नए बिल में सेक्शन 113 (Section 113) के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर कार्रवाई का प्रावधान है. इसमें भारत का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है. हालांकि, यह बात साफ है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों में भारत टॉप 5 में शामिल है.

सेक्शन 113 (Section 113) के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर कार्रवाई का प्रावधान है.

कितना तक लग सकता है टैरिफ

सेक्शन 113 के तहत, अगर कोई देश रूस से कच्चा तेल या गैस खरीदने वाले टॉप-5 देशों में शामिल है और कानून लागू होने के 30 दिन बाद भी रूस से नई खरीद करता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड उस देश से आने वाले सभी सामान पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगा सकते हैं. यहां यह जानना जरूरी है कि यह 100% अधिकतम सीमा है, तय टैरिफ नहीं. अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी तरफ से 0% से 100% तक कोई भी टैरिफ का दर तय कर सकते हैं और यह शुल्क पहले से लागू अन्य अमेरिकी टैरिफ के ऊपर लगाया जा सकता है.

ट्रंप को कितने दिन के भीतर लेना होगा एक्शन

इसमें कहा गया है कि कानून बनने के 30 दिनों के भीतर राष्ट्रपति को कार्रवाई करनी होगी, जबकि टैरिफ लागू करने से कम से कम 10 दिन पहले कांग्रेस को लिखित जानकारी देनी होगी. इसलिए भारत के खिलाफ अक्टूबर 2026 के मध्य या उस से पहले तक टैरिफ लगाए जा सकते हैं. सेक्शन 113 में रूस से तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले टॉप-5 देशों को भी कार्रवाई के दायरे में रखा गया है. वहीं, गैस के लिए एक सीमित अपवाद है, लेकिन कच्चे तेल के लिए ऐसा अपवाद नहीं है.



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