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Ranchi Sister Duo Success Story: रांची की सोभिता और तापसी दो बहनें मिलकर मोती के हैंडमेड प्रोडक्ट्स बनाती हैं. इन्होंने नाबार्ड से लोन लिया और सरकारी सब्सिडी का भी फायदा उठाया, नतीजा ये है कि ये दोनों अच्छी कमाई कर रही हैं. वे पूरे भारत में अपने उत्पाद बेचती हैं और 20 अन्य महिलाओं को रोजगार दिया है.
रांची. रांची की रहने वाली सोभिता और तापसी दोनों बहनें हैं और खास बात यह है कि दोनों लगभग 70 साल के हैं. लेकिन अपने आप को इस उम्र में भी एकदम फिट रखे हैं. ये मुख्य तौर पर मोती पर काम करती हैं. पर इनके पास और भी बहुत सारे हैंडमेड प्रोडक्टस हैं जो ये बनाती हैं. इनका सेल्फ हेल्प ग्रुप है, जिसके तहत मोती के हैंडबैग से लेकर मोती की इयररिंग्स, चूड़ी और कई तरह की चीजें वह अपने हाथों से ही बनाने का काम करती हैं.
नाबार्ड की तरफ से इनको लोन भी मिला है और सरकार से अच्छी-खासी सब्सिडी भी. नतीजा यह है कि अब बढ़िया कमाई कर रही हैं. तापसी बताती हैं कि 70 साल की उम्र में आज वह पूरे घर की जिम्मेदारी, फाइनेंशियल से लेकर सब कुछ खुद उठाती हैं. इतना ही नहीं इन्हें सरकार की तरफ से ऑल ओवर इंडिया घूमने और अपने प्रोडक्ट को बेचने का मौका भी मिलता है.
इस उम्र में भी निभाती हैं सारी जिम्मेदारी
तापसी बताती हैं, मैं 70 साल की हूं, क्या मैं आपको देखने से लग रही हूं? नहीं ना. क्योंकि मैं खुश रहती हूं, अपने दम पर कमाती हूं और पूरे घर की जिम्मेदारी उठाती हूं. किसी पर निर्भर नहीं हूं और यही मेरी खुशी का राज है और यही मेरे फिट होने का भी. और यह मेरी बहन है, जो कि 67 इयर्स की है. हम दोनों मिलकर इस बिजनेस को संभालते हैं.
हम दोनों मिलकर ये सारे बैग बनाते हैं, सिर्फ मोती का बैग बनता है. यह हाई क्वालिटी के मोती होते हैं, जो खासतौर पर हम इंडियामार्ट से खरीदते हैं. इसके अलावा हमारे पास कपड़े की चूड़ी, समुद्री सीप की ज्वैलरी देखने को मिलेंगी, जो भी है सब हैंडमेड है, मशीन का कोई काम नहीं होता. हमारे पास ऐसे यूनिक प्रोडक्ट हैं.
पूरा भारत भ्रमण करती हूं
तापसी बताती हैं, पूरे भारत भ्रमण करते हैं, क्योंकि नाबार्ड की तरफ से पूरे भारत के हर एक स्टेट में एक्सपो लगाया जाता है. जहां पर हमें मुफ्त में स्टॉल मिल जाता है. ऐसे में हर राज्य में हमारे कस्टमर बनते चले जाते हैं और कुछ तो ऐसे होते हैं, जिनको हम लोगों को डिलीवर करना होता है. केरल और चेन्नई तक से ऑर्डर आते हैं. हम लोग इस तरीके के 25 से अधिक प्रोडक्ट बनाते हैं. हमारे साथ और 20 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिनको हम ट्रेनिंग देने का भी काम करते हैं.