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CM Yogi Give Appointment Letter : उत्तर प्रदेश में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में 21 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर नई सरकारी सेवाओं की शुरुआत की. साथ ही साल 2017 से पहले की सरकारों पर जमकर हमला बोला.
सीएम योगी आदित्यनाथ.
CM Yogi News : उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए आज का दिन बेहद ही खास रहा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास तथा उद्योग विभाग से जुड़े चयनित अभ्यर्थी शामिल थे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं 21 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपें, जबकि अन्य चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिया.
लखनऊ में UPPSC एवं UPSSSC द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र का वितरण कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग जब शासन की किसी राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा पारदर्शी, शुचितापूर्ण तरीके से पूरी होती हैं तो परिणाम इसी तरह दिखाई पड़ते हैं. साढ़े 9 लाख नियुक्ति पत्र जो पारदर्शी तरीके से विभिन्न विभागों में हमने दिए हैं उसके परिणाम हमारे सामने है. 2017 के पहले हर दूसरे दिन यूपी में दंगा होता था, महीनों कर्फ्यू लगता था, कोई व्यक्ति सुरक्षित नही था, भर्ती बोर्डों और आयोग में तत्कालीन सरकार ने अपने भाई, भतीजों को बिठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था.
उन्होंने कहा कि एक भी भर्ती ईमानदारी से नही होती थी. युवा पलायन करता था, उसके सामने एक तरफ कुआं था दूसरी तरफ खाई थी. उत्तर प्रदेश के नाम पर कोई व्यक्ति उसको स्थान नही देता था,किसी भी युवा के लिए यह स्थिति भयावह होती थी, उस समय के सरकार के बीमारू मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य हो गया था. उत्तर प्रदेश बीमार नही था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी, कार्य प्रणांली भ्रष्ट थी.
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि 2017 के पहले जिन्होंने इस नियुक्तिपत्र वितरण के लिए गदर मचाई थी, उनसे कहना चाहूंगा नोट कर लें अगले 6 महीने के अंदर 1 लाख युवाओं को हम नियुक्तिपत्र देने जा रहे हैं. साथ ही यह भी कहा कि साल 2017 के पहले यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन एक ऐसा व्यक्ति को बनाया गया जो स्वयं उसके लिए योग्य नहीं था. जब गदर मचा तो न्यायालय को कहना पड़ा कि इसको जेल भेजो, जिंदगी भर जेल में सड़ाओ. इन्होंने यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट पैदा कर दिया था.