सागवान, शीशम से भी मजबूत है सखुआ, 100 साल भी नहीं सड़ती लकड़ी
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Sakhua Tree Farming: आपने सागवान और शीशम के पौधों की मजबूती के बारे में बहुत सुना होगा. पर एक पौधा ऐसा भी है, जिसकी मजबूती को लेकर देहात में कहावत तक प्रचलित है. वो पौधा सखुआ का है. इसको लेकर देहात में कहा जाता है – सौ वर्ष खड़ा, सौ वर्ष पड़ा, तब जौ भर सड़ा, अर्थात 100 साल तक खड़ा और पड़ा भी रह जाए तो भी यह लकड़ी एक इंच भी नहीं सड़ती है.
यही कारण है कि रेल लाइन की पटरियों में भी इसी पौधे की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा पहले बनाए जाने वाले घरों में बीम के तौर पर इसका इस्तेमाल होता था. इन सब कारणों से ही बाजार में सखुआ पेड़ की लकड़ियां बहुत डिमांड में रहती हैं.
बिहार में भी सखुआ की लकड़ियां बहुत महंगी हैं, लेकिन मांग भी काफी ज्यादा रहती है. अब जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती जा रही है और आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, तो दरवाजे और चौखट सब लोहे से बनने लगे हैं. वहीं, स्थानीय बताते हैं कि पहले के समय में हर घर की चौखट और दरवाजा भी सखुआ का ही होता था. ऐसा क्यों? क्योंकि इतनी महंगी लकड़ी नहीं होती थी.
जहानाबाद जिले में भी सखुआ के पौधों की मांग रहती है. इसी के चलते कनौदी स्थित ग्रीन सिटी नर्सरी में सखुआ उपलब्ध रहता है. नर्सरी संचालक सत्येंद्र नारायण सिंह ने कहा कि हमारे यहां सखुआ के पौधों की मांग रहती है. अक्सर ग्राहक खरीदकर ले जाते हैं और उसे अपने बगीचे या खाली जमीन पर लगाते हैं. इन पेड़ों की डिमांड रहने के पीछे इसकी खासियत है. सखुआ को लेकर जिस प्रकार से कहावत प्रचलित है, उसी तरह इसकी नियति भी है. क्योंकि बहुत मजबूत लकड़ी होती है.
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वे कहते हैं कि सखुआ का पौधा 10 साल में तैयार होता है. अगर आप भी चाहते हैं कि सखुआ के पौधों की खेती करें, तो सबसे पहले आपको अपनी जमीन की उपजाऊ क्षमता के बारे में समझना होगा. वरना पेड़ में लगाए गए पैसों की बर्बादी हो जाएगी. आपको पहले सॉयल टेस्ट करवाना होगा. इसके अलावा सही मिट्टी का चयन करना होगा, जिसमें बलुआही बहुत सही है. इसके साथ ही सही घेराबंदी और जैविक खाद का समय-समय पर प्रयोग ही अच्छी उपज को बढ़ा सकता है.
उनका मानना है कि कमाई के लिहाज से देखा जाए तो एक पेड़ 10 से 12 साल में ही तैयार हो जाता है. अगर आप अपने 5 कट्ठा खेत में 50 पेड़ मेड़ पर लगा देंगे, तो आने वाले समय में एक पेड़ से 1 लाख रुपए तक की कमाई कर सकते हैं. 25 पेड़ भी सुरक्षित रह गए, तो 25 लाख रुपए की संपत्ति अर्जित कर लेंगे. इस प्रकार एफडी से भी बेहतर लाभ मिल जाएगा.