रिजीम चेंज का ख्वाब देख रहे ट्रंप अपनी हार की तस्वीर देख लें – America president Donald trump iran Regime change massive solidarity march in Tehran

रिजीम चेंज का ख्वाब देख रहे ट्रंप अपनी हार की तस्वीर देख लें – America president Donald trump iran Regime change massive solidarity march in Tehran


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Tehran March: अमेरिका और इजरायल ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ईरान पर हमले के बाद युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा. अब सूरत-ए-हाल यह है कि सशस्‍त्र संघर्ष अभी भी खत्‍म लेने का नाम नहीं ले रहा है. अब ईरान जंग की आग होर्मुज से बाब अल-मंदेब स्‍ट्रेट तक पहुंच चुकी है. इससे पैदा हुए एनर्जी क्राइसिस में एशिया की तमाम उभरती हुई शक्तियां झुलस रही हैं.

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तेहरान की सड़कों पर हजारों की तादाद में आर्म्‍ड फोर्सेज के जवानों के अलावा महिलाओं और पुरुषों ने एकजुटता मार्च निकाला. राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी सॉलिडेरिटी मार्च में हिस्‍सा लिया. (फोटो: Reuters)

Tehran March: ईरान युद्ध के 6 महीने से ज्‍यादा वक्‍त हो चुके हैं. डोनाल्‍ड ट्रंप का कुछ ही हफ्तों में ईरान को तबाह करने और सत्‍ता परिवर्तन करने का ख्‍वाब अभी भी बस एक हसीन ख्‍वाब ही है. जमीनी सच्‍चाई यह है कि महीनों बीतने के बाद भी न तो ईरान जंग खत्‍म हुई है और न ही तेहरान में रिजीम चेंज हुआ है. दोनों मोर्चों पर अमेरिका जद्दोजहद करता हुआ दिख रहा है. अरबों डॉलर फूंक कर भी राष्‍ट्रपति ट्रंप अभी तक अपने हसीन सपनों के साथ तन्‍हा हैं. कोढ़ में खाज यह है कि अरब देशों में मौजूद अमेरिका के कई ठिकानों को ईरान ने जबर्दश्‍त नुकसान पहुंचाया है. यहां तक कि अमेरिकी नेवी के कुछ एयरक्राफ्ट कैरियर को भी नुकसान पहुंचा है. दूसरी तरफ, पूरी दुनिया एनर्जी क्राइसिस से जूझ रही है. इतना कुछ गंवाने के बाद भी ट्रंप का सपना अभी भी अधूरा है. अब ईरान की राजधानी तेहरान से जो तस्‍वीरें सामने आई हैं, वो ट्रंप की धड़कनों को और ज्‍यादा बढ़ा देंगी. हजारों की तादाद में मह‍िला और पुरुषों ने तेहरान की सड़कों पर उतर कर अंत‍िम क्षण तक अमेरिका से जंग करने की हुंकार भरी है. इस सॉलिडेरिटी मार्च में राष्‍ट्रपति मसूद पेश्कियन ने भी हिस्‍सा लिया. मार्च के फुटेज और तस्‍वीरों में महिलाओं को भी हथ‍ियारों के साथ देखा जा सकता है.

ईरान की राजधानी तेहरान में सरकार द्वारा आयोजित एक विशाल रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. ईरानी अधिकारियों की मानें तो इस रैली में 3.13 लाख लोग शामिल हुए. हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. रैली में ईरान की राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया गया. साथ ही अमेरिका और इजरायल को जवाब भी दिया गया. नवगठित फोर्स के सदस्यों को सीमित सैन्य प्रशिक्षण के साथ इमरजेंसी रिएक्‍शन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, यह फोर्स इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बासिज मिलिशिया के लिए सुरक्षा के अतिरिक्‍त लेयर के तौर पर काम करेगा.

ईरान ने इस प्रदर्शन के दौरान अस्‍त्र-शस्‍त्र का भी प्रदर्शन किया. (फोटो: Reuters)

तेहरा की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन

सेंट्रल तेहरान में निकाली गई रैली में नवगठित फोर्स के लड़ाकू वर्दी में नजर आए. कुछ लोगों के हाथों में ईरानी झंडे और हथियार थे. सरकार की ओर से ड्रोन, एंट एयरक्राफ्ट सिस्‍टम और अन्य सैन्य उपकरण भी प्रदर्शित किए गए. रैली में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और बासिज प्रमुख हुसैन ताएब समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. तेहरान के IRGC प्रमुख हसन हसंजादेह ने सरकारी ब्रॉडकास्‍टर IRIB को बताया कि ‘जफांदा-ये-ईरान’ अभियान में 6 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्‍ट्रेशन कराया है. इसका अर्थ मोटे तौर पर ‘ईरान के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले’ हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

इस मार्च में सशस्‍त्र महिलाओं ने भी हिस्‍सा लिया. इस दौरान ट्रंप, नेतन्‍याहू, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ खूब नारे लगे. (फोटो: Reuters)

ईरान और उसकी जनता तैयार

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने भाषण में रैली को एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर पेश किया. इसका संदेश केवल अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के लिए नहीं था, बल्कि ईरान की सत्ता के लिए भी था कि जनता किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार है. यह रैली ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और नए अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था दबाव में है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इसे नागरिकों को अधिकतम पीड़ा पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘क्रूर आर्थिक युद्ध’ बताया. अमेरिका ने गुरुवार को ईरानी प्रतिबंधित संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच दिलाने वाले कथित अवैध डिजिटल करंसी नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की. हालांक‍ि, तमाम दबावों के बावजूद ईरान अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं है और डोनाल्‍ड ट्रंप के लिए रिजीम चेंज फिलहाल ख्‍वाब ही रहने वाला है.

ईरान के दुश्मनों के लिए दुस्वप्न…

बासिज प्रमुख ताएब ने इस रैली को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयंसेवक ‘पूरी तरह से रक्षा’ के लिए तैयार रहेंगे और ईरान के दुश्मनों के लिए ‘दुस्वप्न’ साबित होंगे. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, नए स्वयंसेवी बल को संगठित करना देश की व्यापक रक्षा रणनीति का हिस्सा है. महिलाओं और किशोरों ने भी स्वयंसेवी इकाइयों के लिए रजिस्‍ट्रेशन कराया है. एक वॉलेंटियर बहेहरा ने कहा कि वह दुनिया को दिखाना चाहती हैं कि ईरान मजबूत और एकजुट है. उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन देश की रक्षा के लिए अंत तक तैयार है. एक अन्य स्वयंसेवक ने कहा कि यह उनकी मातृभूमि है और वे दूसरों को उसका भविष्य तय करने की अनुमति नहीं देंगे.



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