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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक पर्यटन के संगम के रूप में एक नई सौगात मिली है. मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा मियांवाला में ₹8.64 करोड़ की लागत से पुनर्जीवित किए गए ऐतिहासिक जोहड़ यानी ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर दिया है. यह पार्क न केवल दूनवासियों और पर्यटकों के लिए सुकून, योग व मनोरंजन का नया ठिकाना बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जल संचयन और प्रकृति की अहमियत सिखाने का प्रमुख केंद्र भी सिद्ध होगा.
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जा रहा ‘जल सृष्टि पार्क’ स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है. इस पार्क में हरित क्षेत्र यानी ग्रीन कवर और वॉकिंग ट्रैक के साथ-साथ योग और ध्यान के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा. बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक और सुरक्षित प्ले-एरिया तैयार किया जा रहा है, जबकि बुजुर्गों के बैठने और आराम करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई जगहें बनाई जा रही हैं. इसके अलावा, कैफे और साफ पेयजल की सुविधाएं पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगी.
₹8.64 करोड़ की लागत से पुनर्जीवित हुआ पुराना जोहड़
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुराने जोहड़ को पुनर्जीवित कर बनाए गए जल सृष्टि पार्क का लोकार्पण किया जिसकी लागत 8.64 करोड़ रुपए है. मनोरंजन के साथ-साथ यह पार्क जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का एक बड़ा केंद्र भी बनेगा. यहाँ वर्षा जल संचयन यानी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और रीसाइक्लिंग मॉडल प्रदर्शित किए जाएँगे, जिससे आगंतुक जल संरक्षण के तरीकों को आसानी से समझ सकें. भविष्य में पार्क में आयोजित होने वाले एजुकेशनल टूर्स के जरिए स्कूली बच्चों और युवाओं को पानी की हर बूंद का महत्व समझाया जाएगा. यह पहल न सिर्फ शहरवासियों को स्वास्थ्यप्रद वातावरण प्रदान करेगी, बल्कि दून में पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को भी बढ़ावा देगी.
स्थानीय निवासियों की पुरानी यादें और पार्क का नया स्वरूप
स्थानीय निवासी मोहन सिंह रावत ने बताया कि वह नजदीक के गांव में रहते हैं और बचपन से ही यहां खेलने के लिए आया करते थे. पहले यह जोहड़ होता था. आस-पास पुराने घर और बड़े-बड़े पेड़ हुआ करते थे पेड़ तो आंधी में गिर गए और यह जगह चारों तरफ से घरों से ढक गई. उन्होंने बताया कई सालों से यह यहां दलदल थी और फिर यह पुराना तालाब सूख गया था. मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने इसका रूप पूरी तरह से बदल दिया. उन्होंने अपने स्थानीय विधायक उमेश कुमार काऊ, पार्षद और मेयर सौरभ थपलियाल का आभार जताया. उन्होंने कहा कि पार्क का इस तरह से सौंदर्यीकरण हो गया है कि अब बुजुर्ग ही नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी कई सुविधाएं यहां होंगी. सेल्फी प्वाइंट बन गए हैं और इसके साथ यहां पेडल बोटिंग भी कर पाएंगे.
2 हजार से अधिक पेड़-पौधों से सजा पार्क
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पुराने तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए जिलेभर में काम किए जा रहे हैं. मियांवाला में स्थित इस पार्क को ग्रीन कवर के रूप में डेवलप किया गया है. यह पार्क दूनवासियों के साथ ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा जिसमें एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, जॉगिंग ट्रैक और योगा डेक जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी. इतना ही नहीं यहां लगाए गए पौधे और घास के बारे में भी डिटेल यहां लगे पोस्टर पर दी गई है. इस पार्क परिसर में 2 हजार से ज्यादा तरह-तरह के पेड़ पौधे हैं.