Last Updated:
CM Yogi Goverment Job: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार का मुद्दा फिर चर्चा में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए. इस दौरान News18 Hindi ने नियुक्ति पाने वाले कुछ युवाओं से बात की. युवाओं ने अपनी पुरानी भर्ती का अनुभव बताते हुए मौजूदा चयन प्रक्रिया की तारीफ की.
सीएम योगी. (फाइल फोटो)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने का सिलसिला जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं से News18 Hindi ने बातचीत की. नौकरी मिलने की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दी. बातचीत के दौरान कई युवाओं ने अपनी पुरानी भर्ती की याद भी साझा की और मौजूदा भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपने अनुभव बताए. यूपी सरकार का मिशन रोजगार सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के साथ युवाओं को नौकरी से जोड़ने पर केंद्रित है.
युवाओं ने कहा कि नौकरी मिलने के बाद सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर मौका मिला. किसी ने कहा कि यह उसकी दूसरी सरकारी नौकरी है तो किसी ने बताया कि योगी सरकार में उसे तीसरी बार नौकरी मिली है. वहीं कुछ युवाओं ने साल 2016 की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नौकरी पाने के लिए पैसे की जरूरत पड़ने की बात सामने आती थी, जबकि इस बार उन्हें बिना किसी खर्च के नौकरी मिली है.
500 रुपये लेकर आए थे, एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ
दिलीप ने कहा कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुई है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. उनके मुताबिक, यह निष्पक्ष प्रक्रिया उनके लिए सबसे बड़ी बात है. प्रशांत गिरी ने 2016 की भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह और उनके साथी नौकरी की तलाश में पैसे लेकर घूमते थे. उन्होंने कहा कि उस दौरान आठ से दस लाख रुपये तक की जरूरत पड़ने की बातें होती थीं. प्रशांत के मुताबिक, उस समय मैनपुरी, इटावा, कन्नौज और आजमगढ़ से जुड़े चयन में वह पढ़ाई करने के बावजूद पीछे रह गए थे.
प्रशांत ने कहा कि इस बार वह करीब 500 रुपये लेकर आए थे, लेकिन नौकरी पाने में उनका एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि इस बार उन्हें बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली है.
योग्यता है तो नौकरी आपके हाथ में
प्रदीप कुमार ने बताया कि यह उनकी तीसरी नौकरी है, जो उन्हें योगी सरकार के दौरान मिली है. उन्होंने कहा कि अगर किसी युवा के पास योग्यता है तो उसे नौकरी पाने का मौका मिल सकता है. प्रदीप ने कहा कि उनके लिए सबसे खास बात यह है कि चयन उनकी योग्यता के आधार पर हुआ. उनका कहना था कि युवाओं को अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान देना चाहिए.
तब पैसा और जुगाड़ नहीं था, इसलिए रह गए
मिहिर प्रियदर्शी ने भी अपने पुराने अनुभव को साझा किया. उन्होंने कहा कि साल 2016 में भी भर्तियां निकली थीं और उनके पास उस समय योग्यता थी, लेकिन उनके पास न तो पैसा था और न ही कोई जुगाड़. इसी वजह से वह उस समय नौकरी नहीं पा सके. मिहिर ने कहा कि इस बार उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली है. उनके मुताबिक, मौजूदा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता महसूस हुई और इसी वजह से वह काफी खुश हैं.
युवाओं के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा
नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं की बातें ऐसे समय सामने आई हैं, जब उत्तर प्रदेश में रोजगार और सरकारी भर्ती चुनावी राजनीति के अहम मुद्दों में शामिल हैं. मिशन रोजगार के तहत प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों के साथ रोजगार मेलों और निजी क्षेत्र में नौकरी के अवसरों पर भी जोर दिया है. सरकारी रोजगार पोर्टल पर भी मिशन रोजगार और नौकरी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई है.