गोबर से बनाएं जैविक खाद, एक पिट बनाने पर सरकार देगी ₹5 हजार अनुदान, 30 सितंबर तक कर दें आवेदन

गोबर से बनाएं जैविक खाद, एक पिट बनाने पर सरकार देगी ₹5 हजार अनुदान, 30 सितंबर तक कर दें आवेदन


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गोबर से बनाएं जैविक खाद, एक पिट बनाने पर सरकार देगी ₹5 हजार का अनुदान

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Gaya Vermicompost Pit Grant: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग वर्मी कंपोस्ट इकाई पर 50% अनुदान दे रहा है. इसी क्रम में गया में 2000 यूनिट का लक्ष्य तय किया गया है. इच्छुक किसान 30 सितंबर के पहले आवेदन कर सकते हैं.

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गया. जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता कम करने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है. राज्य जैविक मिशन के तहत किसानों को पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है. योजना के लिए कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू है. आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है. पक्की वर्मी कंपोस्ट पिट की अनुमानित लागत 10 हजार रुपये निर्धारित है. इस पर 50 प्रतिशत यानी अधिकतम पांच हजार रुपये का अनुदान मिलेगा.

एक किसान अधिकतम तीन इकाइयों का लाभ ले सकता है. गया जिले में इस वर्ष 2000 वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित कराने का लक्ष्य मिला है. 18 सितंबर तक जिले के 514 किसानों ने आवेदन कर दिए हैं, जिसमें 1489 वर्मी पिट सैंक्शन कर दिए गए हैं. शेष 511 वर्मी पिट के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं.

हाल के वर्षों में बढ़ी डिमांड
हाल के वर्षों में वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुए की खाद की डिमांड में इजाफा दर्ज किया जा रहा है. ऐसे में किसान बहुत ज्यादा लागत के बिना वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर आपके घर में जानवर हैं तो आप गोबर को वर्मी कंपोस्ट खाद में बदलकर आमदनी में इजाफा कर सकते हैं. किसान चाहें तो अपने घर के आसपास की खाली जमीन पर वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का काम शुरू कर सकते हैं.

5 हजार मिलेंगे
गया जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि वर्मी बेड बनाने के लिए सरकार जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के तहत अनुदान भी दे रही है. गयाजी जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 2000 वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित किए जाएंगे. क्षेत्र में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने के लिए चयनित किसानों को 5 हजार प्रोत्साहन राशि मिलेगी. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू है.

एक किसान को अधिकतम तीन इकाई
किसान वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने के लिए 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सरकार की इस पहल से वर्मी खाद का उत्पादन बढ़ने से रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता कम होगी. साथ ही खेतों की मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी. योजना के तहत एक किसान को अधिकतम तीन वर्मी कंपोस्ट इकाइयां स्थापित कर अनुदान का लाभ पा सकते हैं.

ऐसे बनेगी खाद
वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने में किसानों को बेहद कम लागत आएगी. इसके लिए एक सीमेंटेड बेड बनाने की जरूरत होगी. इसके अलावा केंचुए खरीदने पड़ सकते हैं, बाकी कोई ज्यादा खर्च नहीं आएगा. बेड में ठंडा गोबर या किचन वेस्ट डाल दें और उसमें केंचुआ डाल दें. एक महीने में केंचुआ गोबर को खा कर वर्मी कंपोस्ट में तब्दील कर देगा. इस खाद को किसान अपनी खेती में इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसका फायदा यह होगा कि किसानों को खेती में कम लागत आएगी और उपज भी बढ़िया होगा तथा खेत की मिट्टी भी बढ़िया रहेगी. ज्यादा उत्पादन होने पर इसे 6-8 रुपये प्रति किलो बेचा भी जा सकता है. इसका इस्तेमाल खेती के अलावा बागवानी, सब्जी की खेती और नर्सरी में भी किया जाता है.



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