ऑपरेशन सिंदूर की चोट से नहीं उबरा पाकिस्तान, अब भी सरगोधा एयरबेस का रनवे है कबाड़, उधर भारत को घेरने का बनाया प्लान

ऑपरेशन सिंदूर की चोट से नहीं उबरा पाकिस्तान, अब भी सरगोधा एयरबेस का रनवे है कबाड़, उधर भारत को घेरने का बनाया प्लान


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ऑपरेशन सिंदूर के करीब 16 महीने बाद भी पाकिस्तान के सरगोधा स्थित मुशफ एयरबेस के मुख्य रनवे पर मरम्मत का काम जारी दिखाई दे रहा है. सितंबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीर में उस हिस्से को दोबारा खोदा गया है, जहां 2025 में इंडियन एयरफोर्स के हमले का प्रभाव दिखा था. रिपोर्टों के मुताबिक रनवे पर दो स्थानों पर सटीक हमले हुए थे. इसी बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी रक्षा कंपनी पावरस के साथ ड्रोन और ड्रोन रोधी तकनीक से जुड़ा समझौता किया है. ऑपरेशन सिंदूर में बड़े पैमाने पर ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद यह कदम अहम माना जा रहा है. हालांकि शुरुआती खरीद की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है.

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ऑपरेशन सिंदूर के 16 महीने बाद सरगोधा एयरबेस के रनवे पर फिर मरम्मत दिखी. इसी बीच पाकिस्तान की पावरस से ड्रोन डील.

पाकिस्तान ने शायद सोचा होगा कि सरगोधा के रनवे पर पड़े जख्म पर पैचवर्क कर कहानी खत्म हो जाएगी. लेकिन करीब 16 महीने बाद भी तस्वीर कुछ और ही दिख रही है. 12 सितंबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीर में पाकिस्तान एयरफोर्स के मुशफ एयरबेस के मुख्य रनवे पर फिर से खुदाई और मरम्मत का काम दिखाई देता है. जिस जगह पर पहले मिसाइल हमले के बाद रोक लगाई गई थी, उसी हिस्से को दोबारा खोला गया है. सड़क की तरह रनवे पर सिर्फ ऊपर से डामर डाल देना काफी नहीं होता. नीचे की परत भी मजबूत करनी पड़ती है. यही वजह है कि ताजा काम को लेकर सवाल उठ रहे हैं. भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरगोधा एयरबेस को निशाना बनाए जाने के बाद यह मरम्मत अब भी जारी है. यानी पाकिस्तान के लिए मामला सिर्फ एक गड्ढा भरने का नहीं दिख रहा. इस बीच खबर है कि पाकिस्तान भारत को घेरने के लिए अमेरिका के साथ ड्रोन डील कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने ड्रोन का खूब इस्तेमाल किया था.

बता दें कि सरगोधा का मुशफ एयरबेस पाकिस्तान के लिए मामूली जगह नहीं है. यह लाहौर से करीब 172 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और भारत-पाकिस्तान सीमा से लगभग 200 किलोमीटर दूर है. 10 मई 2025 को यहां के करीब 3,200 मीटर लंबे मुख्य रनवे पर इंडियन एयरफोर्स के दो सटीक हमलों की तस्वीरें सामने आई थीं. विश्लेषकों के मुताबिक एक जगह बना गड्ढा करीब 8-9 मीटर चौड़ा और 4-5 मीटर गहरा था. बाद में वहां मरम्मत की गई. अगस्त 2026 की तस्वीर में हिस्सा ठीक दिखाई दिया, लेकिन अब वही जगह फिर से खोदी जा रही है. रिटायर्ड एयर मार्शल एके भारती ने इसे इंडियन एयरफोर्स की सटीक मार का उदाहरण बताया है. हालांकि हमले में इस्तेमाल हथियार की आधिकारिक पुष्टि इंडियन एयरफोर्स ने नहीं की है.



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