अमरीका के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बदले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए वीजा नियम
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ऑस्ट्रेलिया की सरकार का लक्ष्य है कि वो 2028 तक देश में नेट ओवरसीज माइग्रेंट्स की संख्या 2,25,000 करना चाहती है. ये संख्या अभी 2,90,000 है. पिछले तीन वर्षों से सरकार ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है. ऑस्ट्रेलिया के होम मिनिस्टर टोनी बर्क का कहना है कि वह ये सब ऑस्ट्रेलिया में बाहरी लोगों के आकर बसने को कम करने की कोशिश का हिस्सा है.
अब ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अकेले ही ऑस्ट्रेलिया आना होगा. फोटो- रायटर्स
New Students Visa Rules in Australia: अमेरिका के बाद अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार भी विदेशी स्टूडेंट्स के लिए वीजा के कानून सख्त करने जा रही है. नए वीज़ा नियमों में जल्द ही ऐसे बदलाव किए जाने वाले हैं जिनसे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान अपने परिवार को साथ लाना मुश्किल हो जाएगा. साथ ही, ऐसे नए नियम भी बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य स्टूडेंट्स को ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए बार-बार कोर्स बदलने से रोकना है. अब ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए जा रहे स्टूडेंट्स को पति-पत्नी या परिवार को साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. ऑस्ट्रेलिया के होम मिनिस्टर टोनी बर्क का कहना है कि वह ये सब ऑस्ट्रेलिया में बाहरी लोगों के आकर बसने को कम करने की कोशिश का हिस्सा है.
क्या हैं नए नियम?
टोनी बर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अकेले ही ऑस्ट्रेलिया आना होगा. हालांकि कुछ अपवाद होंगे , जिनमें पैसेफिक और आसियान देशों के लोग और पीएचडी स्टूडेंट शामिल हैं. पिछले साल, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के परिवार के सदस्यों को 45,000 से अधिक वीजा दिए गए थे. देश में अपना प्रवास बढ़ाने के लिए अक्सर विदेशी स्टूडेंट्स ‘वीज़ा हॉपिंग’ करते हैं, यानी अलग-अलग कॉर्सेस में एडमिशन लेते हैं. पर अब छात्रों को अपना स्टूडेंड वीज़ा बढ़ाने के लिए यह साबित करना होगा कि वे उच्च स्तर के पाठ्यक्रम में आगे बढ़ रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया की सरकार का लक्ष्य है कि वो 2028 तक देश में नेट ओवरसीज माइग्रेंट्स की संख्या 2,25,000 करना चाहती है.
क्यों अपना रही है सरकार ये नए नियम?
ऑस्ट्रेलिया की सरकार का लक्ष्य है कि वो 2028 तक देश में नेट ओवरसीज माइग्रेंट्स की संख्या 2,25,000 करना चाहती है. ये संख्या अभी 2,90,000 है. पिछले तीन वर्षों से सरकार ऑस्ट्रेलिया में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है. दरअसल कोरोना महामारी के बाद, अंतरराष्ट्रीय छात्र उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से ऑस्ट्रेलिया लौट आए. साल 2022 में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अनुमान लगाया था कि छात्रों की संख्या महामारी से पहले के स्तर तक पहुंचने में लगभग चार साल का समय लगेगा. लेकिन उतने स्टूडेंट्स 1 ही साल में लौट आए. इस उछाल के कारण एक ऐसी वृद्धि हुई है जो अभी भी सिस्टम में अपना असर दिखा रही है. कोर्स पूरा करने के बाद, कई अंतरराष्ट्रीय छात्र ग्रेजुएट वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसका मतलब है कि वे अपना प्रवास 18 महीने या उससे अधिक समय के लिए बढ़ा सकते हैं.
इमीग्रेशन डाटा के एनलसिस के बाद पता चलता है कि पिछले 6 महीनों में ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के की वीजा रिजेक्शन रेट काफी ज्यादा बढ़ी है. ये दर अभी तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है. असल में ऑस्ट्रेलिया भी उसी इंटरनेशनल ट्रेंड को फॉलो कर रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया से पहले कनाडा भी अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम से पीछे हट गया है. अब वहां असीमित वीजा की जगह निर्धारित सीमा तय की गई है. यूके ने भी 2024 में छात्र वीजा पर परिवार के सदस्यों को आवेदन करने पर रोक लगाने की घोषणा की थी.