US Tariff India Russian Oil: अमेरिका का दोगलापन देखिए, भारत पर लगाने चला 100% टैरिफ, मगर रूस वाले कानून में खुद को बचा लिया

US Tariff India Russian Oil: अमेरिका का दोगलापन देखिए, भारत पर लगाने चला 100% टैरिफ, मगर रूस वाले कानून में खुद को बचा लिया


Last Updated:

US Nuclear Tariff: अमेरिका रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी कांग्रेस ने इससे जुड़ा बिल पास कर दिया है और अब राष्ट्रपति ट्रंप के पास यह हस्ताक्षर के लिए पहुंचा है. लेकिन इसी बीच अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड देखने को मिला है. जब बात खुद की आई तो उसने छूट दे दी. अमेरिका ने खुद को रूस से यूरेनियम खरीदने पर छूट दिया है.

Zoom

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन. (Reuters)

अमेरिका रूस से तेल, गैस और अन्य चीजें खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. गुरुवार को इससे जुड़ा बिल अमेरिकी कांग्रेस में पास किया गया. भारत और चीन भी इसकी संभावित जद में हैं. लेकिन जब अमेरिका के अपने घर की बात आई तो सारे नियम कायदे बदल गए. पास हुए बिल में रूस से जुड़े कुछ परमाणु सहयोग और कम एनरिच्ड यूरेनियम के आयात को अपवाद दिया गया है. यानी अमेरिका रूस से तेल खरीदने पर दूसरे देशों के खिलाफ सख्ती कर रहा है, लेकिन अपनी परमाणु जरूरतों की बात आई तो उसने नियमों में छूट दे दी.

भारत-चीन पर टैरिफ की तलवार

लिंड्से ओ ग्राम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 262-159 वोट से पास किया है. सीनेट इसे पहले ही 86-11 से मंजूरी दे चुकी है. अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है. इस कानून के तहत ट्रंप को उन देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा, जो रूसी कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं. भारत और चीन जैसे बड़े रूसी ऊर्जा खरीदारों पर इसका असर पड़ सकता है.

लेकिन यूरेनियम पर अमेरिका ने छोड़ा रास्ता

कानून में रूस से यूरेनियम आयात पर मौजूदा प्रतिबंधों को लागू करने की बात है. इसमें रूस की परमाणु कंपनी रोसाटोम और उसकी सहायक कंपनियों का भी जिक्र है. लेकिन इसी विधेयक में अमेरिकी-रूसी सिविल न्यूकलियर सहयोग समझौतों के तहत कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है. कुछ कम एनरिच्ड यूरेनियम के आयात के लिए भी मौजूदा कानूनों के तहत अपवाद मौजूद हैं. यानी अमेरिका ने रूस के साथ परमाणु कारोबार पर पूरी तरह दरवाजा बंद नहीं किया है.

अमेरिका टैरिफ क्यों लगा रहा है?

अमेरिका का तर्क है कि रूस से तेल और गैस की कमाई मॉस्को की युद्ध क्षमता को मजबूत करती है, इसलिए उसके खरीदारों पर दबाव जरूरी है. लेकिन दूसरी तरफ अमेरिकी परमाणु उद्योग की जरूरतें ऐसी हैं कि रूस से जुड़ी यूरेनियम सप्लाई के लिए अपवाद बचाए गए हैं. यानी भारत रूस से तेल खरीदे तो टैरिफ की धमकी, लेकिन अमेरिका की परमाणु जरूरत सामने आए तो नियमों में छूट का रास्ता मौजूद.



Source link