अगर आप सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक खुशखबरी है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ‘सूर्य शक्ति सोलर फाइनेंस’ नाम से एक खास लोन योजना शुरू की है. इस योजना के तहत कारोबारी, MSME और हाउसिंग सोसाइटी जैसे ग्राहक सोलर पावर सिस्टम लगाने के लिए बैंक से लोन ले सकते हैं.
सोलर प्लांट छत या जमीन पर लगाया जा सकता है. इससे बिजली का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है. SBI के मुताबिक, योजना में अलग-अलग तरह की सोलर परियोजनाओं के लिए अलग लोन लिमिट और पेमेंट अवधि तय की गई है. कुछ मामलों में ब्याज पर सब्सिडी का भी फायदा मिल सकता है. इस योजना के बारे में क्या-क्या डिटेल्स हैं, ये जान लें.
क्या है SBI की सूर्य शक्ति सोलर फाइनेंस योजना?
SBI की इस योजना का मकसद ग्रिड से जुड़े सोलर पावर सिस्टम लगाने के लिए फाइनेंशियल मदद देना है. इसके तहत रूफटॉप और जमीन पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट के लिए लोन मिल सकता है. यह योजना खास तौर पर ऐसे बिजनेस, MSME और हाउसिंग सोसाइटी के लिए है, जो अपनी बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं.
कुछ परियोजनाओं में सोलर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे पक्ष को बेचने की व्यवस्था भी हो सकती है. यानी योजना का इस्तेमाल सिर्फ खुद की बिजली जरूरत के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ दूसरी परियोजनाओं के लिए भी किया जा सकता है.
कितने रुपये तक का लोन मिलेगा?
कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट के तहत MSME, कारोबारी संस्थाओं और को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन दिया जा सकता है. इसमें ग्राहक को कम से कम 20 फीसदी राशि खुद लगानी होगी. लोन चुकाने के लिए अधिकतम 10 साल तक का समय मिल सकता है. वहीं, दूसरी तरह की सोलर परियोजनाओं के लिए लोन की लीमिट 50 करोड़ रुपये तक बताई गई है. इन मामलों में ग्राहक को कम से कम 25 फीसदी रकम खुद लगानी होगी. ऐसे लोन की अवधि अधिकतम 15 साल तक हो सकती है. इसमें तय शर्तों के अनुसार शुरुआती राहत अवधि भी शामिल हो सकती है.
उदाहरण से समझें-
मान लीजिए किसी MSME को सोलर प्लांट लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये की जरूरत है. कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट में उसे कम से कम 20% यानी 1 करोड़ रुपये खुद लगाने होंगे, जबकि बाकी 4 करोड़ रुपये का लोन SBI से लिया जा सकता है. इस लोन को अधिकतम 10 साल में चुकाने का समय मिल सकता है. वहीं, अगर किसी दूसरी सोलर परियोजना की लागत 20 करोड़ रुपये है, तो ग्राहक को कम से कम 25% यानी 5 करोड़ रुपये खुद लगाने होंगे और बाकी 15 करोड़ रुपये का लोन लिया जा सकता है. ऐसे लोन की अवधि अधिकतम 15 साल तक हो सकती है.
ब्याज दर और सब्सिडी का क्या फायदा?
इस योजना में ब्याज दर ग्राहक और लोन की कैटेगरी के हिसाब से तय होगी. न्यूज 18 तेलगु के मुताबिक, कुछ मामलों में ब्याज दर करीब 9 फीसदी हो सकती है. एक बैंक अधिकारी के अनुसार, एलिजिबल ग्राहकों को 4 फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है. ऐसे में सब्सिडी लागू होने पर ग्राहक पर प्रभावी ब्याज करीब 5 फीसदी रह सकता है. MSME के लिए ब्याज दर EBR से जुड़ी हो सकती है, जबकि गैर-MSME ग्राहकों के लिए 6 महीने की MCLR से लिंक्ड दर लागू हो सकती है.
लोन लेने के लिए क्या शर्तें हैं?
इस योजना का फायदा लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. कैप्टिव कैटेगरी में आवेदन करने वाले ग्राहक का CIBIL स्कोर कम से कम 650 होना चाहिए. MSME यूनिट के पास वैध बिजनेस रजिस्ट्रेशन नंबर भी होना जरूरी है. सोलर सिस्टम का ग्रिड से जुड़ा होना जरूरी है. इसके अलावा, सोलर प्लांट लगाने वाली EPC कंपनी का संबंधित सरकारी संस्था या डिस्कॉम के साथ रजिस्ट्रेशन होना चाहिए.
समय से पहले लोन चुकाने पर चार्ज नहीं
SBI की इस योजना में लोन जल्दी चुकाने वालों के लिए भी राहत है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्राहक अगर तय समय से पहले लोन का पेमेंट करता है तो उस पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगाया जाएगा. को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के लिए अलग शर्तें भी लागू हैं. ऐसी सोसाइटी को 25 फीसदी कैश मार्जिन देना होगा और प्रमोटर्स की व्यक्तिगत गारंटी की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, बैंक के नियमों के अनुसार पर्याप्त सिक्योरिटी उपलब्ध होने पर अतिरिक्त गारंटी की जरूरत नहीं हो सकती है.
SBI की सूर्य शक्ति सोलर फाइनेंस योजना कारोबारियों और संस्थाओं को सोलर प्लांट लगाने के लिए लोन का ऑप्शन देती है. हालांकि, लोन लेने से पहले ग्राहक को ब्याज दर, अपनी हिस्सेदारी, सिक्योरिटी और पेमेंट की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए.