बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार पूरा, 19 घंटे बाद खुले मंदिर के पट, गूंजे जयकारे
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KhatuShyam Ji: विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए. करीब 19 घंटे तक पट बंद रहने के बाद दर्शन शुरू होते ही मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा. तिलक श्रृंगार के बाद बाबा श्याम श्याम वर्ण के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु विशेष स्वरूप के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर कमेटी के अनुसार बाबा श्याम को लाल, गुलाबी, सफेद और पीले फूलों से सजाया गया है. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 75 फीट मार्ग पर 14 कतारों में दर्शन की व्यवस्था की गई है. वीकेंड पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण शनिवार और रविवार को दोपहर में मंदिर के पट बंद नहीं होंगे.
KhatuShyam Ji: विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए है. करीब 19 घंटे तक मंदिर के पट बंद रहने के बाद जैसे ही दर्शन शुरू हुए, मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा. तिलक श्रृंगार के बाद बाबा श्याम अब श्याम वर्ण के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. देशभर से पहुंचे श्रद्धालु इस विशेष स्वरूप के दर्शन कर मनोकामना मांग रहे हैं. बाबा श्याम का देश विभिन्न राज्यों से मंगाए गए विशेष लाल, गुलाबी, सफेद और पीले फूले से सजाया गया है.
मंदिर कमेटी के अनुसार बाबा श्याम के तिलक श्रृंगार की परंपरा के तहत बुधवार रात 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे. इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारियों ने संपूर्ण विधि-विधान के साथ बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार किया. करीब 19 घंटे बाद गुरुवार को पट दोबारा खोले गए. पट खुलते ही श्रद्धालुओं में बाबा श्याम के नए श्रृंगार के दर्शन को लेकर उत्साह दिखाई दिया.
एक महीने में दो स्वरूपों में दर्शन देते हैं बाबा
खाटूश्यामजी मंदिर की परंपरा के अनुसार बाबा श्याम महीने में दो प्रमुख स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं. इनमें एक शालिग्राम स्वरूप है, जिसमें बाबा अपने मूल स्वरूप में दिखाई देते हैं. इस स्वरूप के दर्शन महीने में करीब सात दिन होते हैं. इसके बाद बाबा श्याम श्याम वर्ण में दर्शन देते हैं. इस स्वरूप में वे करीब 22 से 23 दिन तक भक्तों को दर्शन देते हैं. श्याम वर्ण स्वरूप में बाबा श्याम के मस्तक पर चंदन का विशेष लेप किया जाता है. अमावस्या के अवसर पर स्नान के बाद यह चंदन लेप उतारा जाता है. इसके कुछ दिन बाद मंदिर परंपरा के अनुसार विधि-विधान से दोबारा तिलक श्रृंगार किया जाता है. इसी प्रक्रिया के तहत हाल ही में बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार किया गया.
75 फीट मार्ग पर 14 कतारों में दर्शन
वीकेंड पर दिन में बंद नहीं होंगे कपाट
आमतौर पर खाटूश्यामजी मंदिर में दोपहर 2 से 4 बजे तक पट बंद रहते हैं. लेकिन शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने के कारण दिन में मंदिर बंद नहीं किया जाएगा. शुक्रवार को दोपहर 2 से 4 बजे तक मंदिर बंद रहेगी. वहीं एकादशी और द्वादशी जैसे विशेष अवसरों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था के समय में बदलाव किया जाता है.