2 रोटी के 60-70 रुपये, चाय 40 की! सत्य निकेतन के PG में खाने-पीने के बढ़े दाम
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Satya Niketan Expensive Food: नई दिल्ली के सत्य निकेतन में रहने वाले छात्रों पर पीजी के किराये के साथ-साथ महंगे खाने-पीने का भी बोझ बढ़ रहा है. छात्रों के मुताबिक इलाके में चाय, पराठे, मोमोज, कोल्ड ड्रिंक और अन्य फास्ट फूड सामान्य बाजार के मुकाबले महंगे मिलते हैं. चाय के लिए 30 से 40 रुपये और एक पराठे के लिए करीब 60 रुपये तक देने पड़ते हैं. छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं. कुछ छात्रों ने खाने में कीड़ा मिलने का दावा किया है.
नई दिल्ली: सत्य निकेतन में दूर-दराज से पढ़ाई करने आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पीजी का किराया पहले से ही बड़ी चिंता है. अब खाने-पीने की चीजों की कीमत भी उनकी जेब पर भारी पड़ रही है. लोकल 18 की पड़ताल में सामने आया कि सत्य निकेतन में सिर्फ रहने और सोने का खर्च ही ज्यादा नहीं है. आसपास की चाय की दुकानों, छोटे-बड़े रेस्टोरेंट और खाने-पीने के स्टॉल पर भी सामान महंगे दामों में मिल रहा है. यहां जो चाय बाहर 10 से 20 रुपये में मिल जाती है, उसके लिए 30 से 40 रुपये तक देने पड़ रहे हैं. पराठे की कीमत भी करीब 60 रुपये बताई गई. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक, मोमोज और दूसरे फास्ट फूड के दाम भी अधिक हैं. इससे छात्रों का रोजमर्रा का खर्च बढ़ रहा है.
महंगा खाना, लेकिन क्वालिटी पर सवाल
सत्य निकेतन में रहने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा शालिनी ने बताया कि इलाके के कई पीजी में मेस की सुविधा है. मेस में खाना खाने के लिए छात्रों को अलग से पैसे देने पड़ते हैं. उनके मुताबिक मेस का खाना कुछ हद तक ठीक रहता है. समस्या तब होती है, जब छात्र पीजी से बाहर खाना खाने जाते हैं. पराठे, मोमोज, फास्ट फूड, जंक फूड, चाय और कॉफी जैसी चीजें यहां महंगी मिलती हैं.
महंगा खाना फिर भी गुणवत्ता अच्छी नहीं
शालिनी का कहना है कि किसी अच्छे रेस्टोरेंट में जाने पर कीमत के हिसाब से बेहतर क्वालिटी मिल सकती है, लेकिन सत्य निकेतन के आसपास कई जगहों पर महंगा खाना मिलने के बावजूद उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं होती. वहीं, छात्र अंकित पटेल ने आरोप लगाया कि छात्रों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं. उनके मुताबिक एक तरफ पीजी मालिक अधिक किराया लेते हैं. दूसरी तरफ खाने-पीने की दुकानों पर भी छात्रों से ज्यादा कीमत ली जाती है. उनका कहना है कि कई बार खाना स्वाद और गुणवत्ता दोनों में अच्छा नहीं होता है.
दो रोटी के लिए 60 से 70 रुपये
राजवर्धन राजपूत, अतुल और साहिल नाम के छात्रों ने भी इलाके में महंगाई को लेकर अपनी परेशानी बताई. उनका कहना है कि सत्य निकेतन में रहना, खाना और पीना तीनों महंगा पड़ रहा है. छात्रों के मुताबिक यहां किसी रेस्टोरेंट में दो रोटी लेने पर 60 से 70 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं. एक पराठे की कीमत करीब 60 रुपये है. चाय के लिए भी 30 से 40 रुपये तक लिए जाते हैं. वहीं बाहर कई जगह अच्छी चाय 20 से 25 रुपये में मिल जाती है. छात्रों का कहना है कि पिज्जा, बर्गर, कोल्ड कॉफी और मोमोज जैसी चीजों के दाम भी अधिक हैं. कीमत ज्यादा होने के बावजूद स्वाद और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें रहती हैं.
खाने में कीड़ा मिलने का भी दावा
छात्रों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें भी की हैं. उनका कहना है कि कई बार खाना उम्मीद के मुताबिक नहीं होता है. एक छात्र ने खाने में कीड़ा मिलने का दावा भी किया. छात्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में महंगा खाना खरीदना और भी ज्यादा परेशान करने वाला है. छात्रों का कहना है कि सरकार को पीजी के किराये पर नियंत्रण के साथ-साथ छात्र इलाकों में जरूरी खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी ध्यान देना चाहिए. उनका मानना है कि इससे छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होगा. साथ ही उनकी पॉकेट मनी का गलत तरीके से इस्तेमाल भी नहीं होगा.