वैभव सूर्यवंशी-अभिषेक शर्मा को विदेश में भी बनाने होंगे रन…’, संदीप पाटिल ने टेस्ट क्रिकेट पर भी उठाए सवाल

वैभव सूर्यवंशी-अभिषेक शर्मा को विदेश में भी बनाने होंगे रन…’, संदीप पाटिल ने टेस्ट क्रिकेट पर भी उठाए सवाल


नई दिल्ली. बीसीसीआई के पूर्व चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने भारतीय क्रिकेट टीम की मौजूदा स्थिति, युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टेस्ट क्रिकेट के प्रति खिलाड़ियों के रवैये पर अपनी बेबाक राय रखी है. पाटिल ने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय क्रिकेटरों को सिर्फ अपनी घरेलू पिचों पर रन बनाने से संतोष नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें विदेशी सरजमीं पर भी अपनी असल उपयोगिता साबित करनी होगी. पाटिल ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को घर से बाहर भी रन बनाने होंगे.

दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ में न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम ‘जज्बा’ में शिरकत करते हुए संदीप पाटिल (Sandeep Patil) ने अपनी चर्चा के दौरान खास तौर पर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) और ताबड़तोड़ बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) का उदाहरण दिया. अभिषेक शर्मा की प्रतिभा को सराहते हुए पाटिल ने कहा कि बेशक उन्होंने टी20 क्रिकेट में महज 30 गेंदों पर विस्फोटक शतक जड़कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है, लेकिन क्रिकेट का असली पैमाना विदेशी दौरों पर तय होता है. पाटिल के मुताबिक, अभिषेक को यह साबित करना होगा कि वह केवल भारतीय उपमहाद्वीप की सपाट पिचों के ही नहीं, बल्कि विदेशी पिचों के भी माहिर खिलाड़ी हैं.

इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का संघर्ष
वहीं, हाल ही में सुर्खियों में आए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के बारे में बात करते हुए पूर्व दिग्गज ने ध्यान दिलाया कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को रन बनाने के लिए खासा संघर्ष करना पड़ा. यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इंग्लैंड की स्विंग लेती और तेज पिचों पर भारतीय युवाओं को अपनी तकनीक में काफी सुधार करने की जरूरत है. घर में रन बनाना आसान हो सकता है, लेकिन असली परीक्षा सेना (SENA – साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में होती है.

विदेशी टीमों की तैयारी और टेस्ट क्रिकेट की अनदेखी
पाटिल की चिंता केवल युवा बल्लेबाजों की फॉर्म तक सीमित नहीं रही. उन्होंने भारतीय टीम की टेस्ट क्रिकेट की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट की बुनियादी तैयारियों पर उस तरह से ध्यान नहीं दे रहे हैं, जैसा दिया जाना चाहिए. पाटिल ने कड़े शब्दों में कहा कि जब विदेशी टीमें भारत के दौरे पर आती हैं, तो वे हमारे खिलाड़ियों और हमारी पिचों के खिलाफ बहुत तगड़ा ‘होमवर्क’ करके मैदान पर उतरती हैं. इसके उलट, हम कहीं न कहीं अपनी रणनीतियों और तैयारियों में पिछड़ते नजर आ रहे हैं.

घरेलू क्रिकेट से बढ़ती दूरी पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की हालिया नाकामियों की सबसे बड़ी वजह घरेलू क्रिकेट से खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती दूरी को बताया. उन्होंने मंच से सीधा सवाल दागा कि हमारे कितने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आज खाली समय में घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी आदि) खेलते हैं? पाटिल का मानना है कि घरेलू क्रिकेट वह भट्टी है जो टेस्ट क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करती है. जब खिलाड़ी फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने में दिलचस्पी नहीं दिखाएंगे, तो पांच दिनों के खेल में उनका संयम और तकनीक मजबूत विदेशी टीमों के सामने निश्चित रूप से जवाब दे जाएगी.

संदीप पाटिल का शानदार क्रिकेट सफर
संदीप पाटिल की इन बेबाक टिप्पणियों को यूं ही खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह खुद अपने समय के एक ऐसे शानदार बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने देश और विदेश, दोनों जगह अपनी धाक जमाई थी. मुंबई में जन्मे संदीप पाटिल की गिनती 80 के दशक के सबसे आक्रामक और स्टाइलिश बल्लेबाजों में होती है. उनका क्रिकेटिंग करियर बताता है कि विदेशी पिचों पर तेज गेंदबाजों का सामना कैसे किया जाता है.

टेस्ट क्रिकेट में एडिलेड की यादगार पारी और रिकॉर्ड
पाटिल के इंटरनेशनल आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 29 टेस्ट मैच खेले. इन 29 टेस्ट मैचों की 47 पारियों में उन्होंने 36.93 की औसत से 1588 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से चार बेहतरीन शतक और सात अर्धशतक निकले. टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 174 रन रहा, जो उन्होंने 1981 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड के मुश्किल मैदान पर बनाया था. डेनिस लिली और लेन पास्को जैसे खूंखार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के बाउंसरों से चोटिल होने के बावजूद खेली गई उनकी वह पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे साहसिक पारियों में गिनी जाती है. इसके अलावा, एक ही ओवर में इंग्लिश गेंदबाज बॉब विलिस को लगातार छह चौके जड़ने का उनका कारनामा उनके निडर खेल को दर्शाता है. वनडे क्रिकेट में भी पाटिल का योगदान अहम रहा. उन्होंने 45 वनडे मैचों में 1005 रन बनाए, जिसमें 9 शानदार अर्धशतक शामिल थे. उनका सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 64 रन था.



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