यूपी: आजमगढ़ मंडल में नमस्ते योजना से बदलेगी वेस्ट पिकर्स की जिंदगी, मिलेगा प्रशिक्षण और मेडिकल हेल्थ कार्ड

यूपी: आजमगढ़ मंडल में नमस्ते योजना से बदलेगी वेस्ट पिकर्स की जिंदगी, मिलेगा प्रशिक्षण और मेडिकल हेल्थ कार्ड


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आजमगढ़ मंडल के ग्रामीण इलाकों में अब स्वच्छता का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. शहरों की तर्ज पर गांवों में भी कचरा प्रबंधन को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ कूड़ा बीनने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक पहचान दिलाने के लिए त्रिस्तरीय मंत्रालयों ने हाथ मिलाया है. ‘नमस्ते योजना’ के जरिए न सिर्फ गांवों की सूरत बदलेगी, बल्कि उपेक्षित परिस्थितियों में काम करने वाले वेस्ट पिकर्स को सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा और कौशल विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.

आजमगढ़ शहरी क्षेत्र की तरह अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं कचरा बीनने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की तरफ से विशेष कदम उठाए जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके, इसके अंतर्गत जनपद की सभी 1810 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी. इसके तहत आजमगढ़ मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा बीनने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सम्मानजनक पहचान दिलाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की जा रही है.

तीन मंत्रालयों के साझा प्रयास से ‘नमस्ते योजना’
इस विषय पर जानकारी देते हुए डीडी पंचायत अभय कुमार शाही ने बताया कि नमस्ते योजना के अंतर्गत सड़क और कूड़े के ढेर से कचरा उठाने वाले कामगारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए तीन मंत्रालयों के विभिन्न अधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इसमें पंचायती राज मंत्रालय, शहरी एवं आवास मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय मिलकर कार्य कर रहे हैं. इन मंत्रालयों के साझा प्रयास से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो वेस्ट पिकर्स अब तक उपेक्षित और असुरक्षित परिस्थितियों में काम कर रहे थे, उन्हें सम्मानजनक आजीविका और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके.

मंडल स्तर पर वेस्ट पिकर्स का सर्वे और डेटा फीडिंग
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में सभी पात्र वेस्ट पिकर्स की पहचान के लिए जनपद में सर्वे किया जाएगा. आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों में सर्वे का काम किया जाएगा. इसके अंतर्गत जनपद आजमगढ़ में कुल 258 वेस्ट पिकर्स चिन्हित किए गए हैं, बलिया में 122 और मऊ जनपद में 136 वेस्ट पिकर्स का सर्वे किया गया है. इन तीनों जिलों के सभी चिन्हित कामगारों का संपूर्ण विवरण आधिकारिक ‘नमस्ते पोर्टल’ पर सफलतापूर्वक फीड कर दिया गया है.

कौशल विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और उपकरण
उन्होंने बताया कि चिन्हित किए गए कामगारों को कौशल विकास मिशन के तहत विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इस ट्रेनिंग के जरिए उन्हें कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़े कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके अलावा, इनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य रूप से मेडिकल हेल्थ कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बीमारी की स्थिति में इन्हें उचित इलाज मिल सके. साथ ही, कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाले आवश्यक सफाई उपकरण भी शासन स्तर से मुहैया कराए जाने की व्यवस्था की जाएगी.



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