फायर वाली लाल बाल्टी का तला गोल क्यों होता है? जानें कारण, चोर भी नहीं चुराते, कबाड़ी भी नहीं खरीदते

फायर वाली लाल बाल्टी का तला गोल क्यों होता है? जानें कारण, चोर भी नहीं चुराते, कबाड़ी भी नहीं खरीदते


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Bahraich News: अधिकारी गोंड विशाल रामानुज के मुताबिक बाल्टी का तला नीचे से गोल होने का सबसे बड़ा और मजेदार फायदा यह है कि चोर इसे चुराने की सोच भी नहीं सकते. गोल तले के कारण इस बाल्टी को जमीन पर सीधा खड़ा नहीं किया जा सकता. इसलिए आम लोगों के लिए घरेलू उपयोग जैसे पानी भरना या सामान रखने में यह पूरी तरह बेकार है. उन्होंने बताया कि कबाड़ वाले भी फायर बाल्टी देखते ही पहचान जाते है और इसे खरीदने से साफ इनकार कर देते है. उपयोग में न आने और बिकने का रास्ता बंद होने के कारण चोर इस बाल्टी से हमेशा दूर ही रहते है.

बहराइच: आपने अक्सर सरकारी दफ्तरों, सिनेमाघरों, थानों, पेट्रोल पंपों या बड़ी इमारतों के बाहर लाल रंग की लोहे की बाल्टियां टंगी देखी होंगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये बाल्टिया नीचे से गोल क्यों होती हैं? इन्हें जमीन पर टिकाकर रखने के बजाय हमेशा टांगकर ही क्यों रखा जाता है? बहराइच के मुख्य अग्निशमन अधिकारी गोंड विशाल रामानुज ने इस अनोखे डिजाइन के पीछे छिपे मजेदार और व्यावहारिक कारणों के बारे में जानकारी साझा की है.

अधिकारी गोंड विशाल रामानुज के मुताबिक बाल्टी का तला नीचे से गोल होने का सबसे बड़ा और मजेदार फायदा यह है कि चोर इसे चुराने की सोच भी नहीं सकते. गोल तले के कारण इस बाल्टी को जमीन पर सीधा खड़ा नहीं किया जा सकता. इसलिए आम लोगों के लिए घरेलू उपयोग जैसे पानी भरना या सामान रखने में यह पूरी तरह बेकार है. उन्होंने बताया कि कबाड़ वाले भी फायर बाल्टी देखते ही पहचान जाते है और इसे खरीदने से साफ इनकार कर देते है. उपयोग में न आने और बिकने का रास्ता बंद होने के कारण चोर इस बाल्टी से हमेशा दूर ही रहते है.

फायर फाइटिंग में छुपा है असली साइंस
सुरक्षा के साथ-साथ बाल्टी के गोल होने का आपातकालीन कारण भी बहुत अहम है. गोल डिजाइन की वजह से बाल्टी में सपाट तले वाली बाल्टी के मुकाबले ज्यादा रेत आती है. आग बुझाते समय जब इस बाल्टी से रेत फेंकी जाती है तो गोल आकार के कारण रेत सीधे और तेजी से आग पर जाकर गिरती है और अच्छा असर दिखाती है.

पानी नहीं, रेत ही क्यों?
आग लगने की स्थिति में बाल्टी में रखी रेत बहुत काम आती है. रेत आग के ईंधन की ऑक्सीजन सप्लाई को तुरंत काट देती है. जिससे आग पलक झपकते ही बुझ जाती है. बातचीत के दौरान विशाल रामानुज ने एक और जरूरी बात बताई. आग लगने पर अक्सर लोग लपटों से कम और धुएं की वजह से ज्यादा जान गंवाते है. इसलिए किसी भी थिएटर, मॉल या मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में जाते ही सबसे पहले फायर एग्जिट और वेंटिलेशन पर नजर दौड़ानी चाहिए. पैनिक होने के बजाय अलर्ट रहना ही ऐसी घटनाओं में जान बचा सकता है.



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