देश की ऐसी अनोखी ट्रेन, जिसकी छत-दीवारें बनी हैं कांच की, गुजरती हैं 58 सुरंगों से

देश की ऐसी अनोखी ट्रेन, जिसकी छत-दीवारें बनी हैं कांच की, गुजरती हैं 58 सुरंगों से


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देश में कई तरह की ट्रेनें चलती हैं. वंदेभारत से लेकर शताब्दी और हमसफर तक. कुछ ट्रेनें छोटी दूरी तय करती हैं लेकिन इनकी यात्रा बहुत रोमांचकारी होती है. वैसे तो आपने ज्यादातर लोहे के ट्रेनें देखी होंगी लेकिन एक ट्रेन ऐसी है जिसकी छत-दीवारें कांच से बनी हैं. यह ट्रेन दर्जनों पुल और 58 सुरंगों से होकर गुजरती है. इसे भारत की सीनिक ट्रेन कहा जाता है. हर मोड़ पर खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. खिड़की से आप अपनी नजरें नहीं हटा पाएंगे. जहां से यह ट्रेन गुजरती है, उसे भारत का मोस्ट आइकॉनिक ट्रेन रूट कहा जाता है. यह ट्रेन कहां पर चलती है और कितना किराया है, आइये जानते हैं…..

दक्षिण भारत का एक खूबसूरत स्टेशन है विशाखापट्टनम. इसे संक्षेप में विजाग (Vizag) कहा जाता है. इसी स्टेशन से विशाखापट्टनम-किंरनडुल पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर 08551) चलती है. इसी रूट पर अरकू वैली है. यह पूर्वी घाट में स्थित एक बेहद खूबसूरत और लोकप्रिय हिल स्टेशन है. इस रूट पर ट्रेन सुरंग-पुलों से होकर गुजरती है. इसी रूट पर करोड़ों साल पुरानी बोर्रा की गुफाएं और कॉफी के बागान हैं. ये खुशबूदार कॉफी बागान पूरी दुनिया में फेमस हैं. इस ट्रेन में दो विस्टाडोम कोच हैं. भारतीय रेलवे की ओर से डिजाइन आधुनिक एसी डिब्बे . यात्रियों को सफर के दौरान चारों तरफ का खुला नज़ारा देते हैं.

2017 में यह ट्रेन शुरू की गई थी. तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे हरी झंडी दिखाई थी. विशाखापट्टनम-किंरनडुल पैसेंजर ट्रेन में दो विस्टाडोम कोच हैं. इन कोचों में टिकट के लिए दो महीने पहले एडवांस बुकिंग होती है. सितंबर से लेकर फरवरी तक इस रूट पर यात्री इन कोच में सबसे ज्यादा यात्रा करते हैं.

ये दोनों एसी कोच हैं. भारतीय रेलवे ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पहली बार इस तरह का प्रयोग किया था. कोच की दीवारें-छत सब कुछ कांच का है. इन डिब्बों के अंदर से प्रकृति का खूबसूरत नजारा आप देख सकते हैं. अरकू वैली का 128 किलोमीटर लंबा रेल रूट का खूबसूरत व्यू देखने के लिए देशभर से लोग आते हैं और इस ट्रेन में यात्रा करते हैं.

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इस ट्रेन में विस्टाडोम कोच में यात्रा के दौरान भारत का एक ऐसा हिस्सा देखने को मिलता है जो बहुत ही खूबसूरत है. विस्टाडोम कोच की सबसे बड़ी खासियत यही है कि सिर्फ टीटीई के अलावा इसमें दूसरे डिब्बे के पैसेंजर नहीं आ पाते. इसके दरवाजों में ऑटोमेटिक लॉक होता है. सामान रखने के लिए अलग से रैक होते हैं. इसकी सीट 360 डिग्री घूमती हैं. यानी आप जिस दिशा में चाहें, सीट को घुमा सकते हैं. साथ ही कोच के बाहर एक ओपन स्पेस मिलेगा, जहां पर बैठकर भी आप बाहर के खूबसूरत नजारे देख सकते हैं.

अब बात करते हैं इस ट्रेन में विस्टाडोम कोच के किराए की. व्यस्क यात्री का किराया 738 रुपये जबकि बच्चों का किराया 495 रुपये के आसपास है. आईआरसीटीसी ऐप या वेबसाइट पर आप किराया चेक कर सकते हैं. ट्रेन में नाश्ता भी मिलता है. सीट पर ही ट्रे दिया हुआ है, जहां पर अपना फूड रखकर खा सकते हैं. ट्रेन जर्नी शुरू होते ही एक घंटे बाद घाट सेक्शन शुरू होता है. ज्यादातर यात्री बाहर के नजारे को अपने मोबाइल में कैद करने लगते हैं. अगर आप ट्रेन में यात्रा करने के शौकीन हैं तो एक बार विशाखापट्टनम से अरकू वैली की यात्रा जरूर करें. 

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