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Jehanadbad Aerodrome Area History: जहानाबाद का एरोड्रम इलाका अंग्रेजों के समय से ही प्रसिद्ध है, जहां कार्गो विमान उतरते थे. 1977 में इंदिरा गांधी का विमान भी यहीं उतरा था. अब यह खेल मैदान के रूप में जाना जाता है.
जहानाबाद. बिहार का जहानाबाद जिला ऐतिहासिक रूप से बहुत समृद्ध है. ये वो जिला है, जिसके आसपास तीन प्रमुख और ऐतिहासिक शहरों की सीमाएं लगती हैं. पहले यह जिला, गया का हिस्सा हुआ करता था. हालांकि, 1986 में सीमा विभाजन के बाद जहानाबाद जिला के रूप में अस्तित्व में आया. इस जिले में कुल 7 प्रखंड हैं और 88 पंचायत हैं. यहां ऐसी कई धरोहर हैं, जो जिले के पुराने समय की याद दिलाती हैं. इन्हीं कारणों से कई बड़े शख्सियत का जिले में आना भी हुआ है. जहानाबाद में एक ऐसा ही स्थान है, जो एरोड्रम के नाम से प्रसिद्ध है.
एरोड्रम स्थान, जिला मुख्यालय में है और यह दरधा नदी के पश्चिम में स्थित है. वहीं, एरोड्रम से सटे दक्षिण में जिले का सबसे बड़ा खेल का मैदान है. आपको नाम सुनकर ऐसा जरूर लग रहा होगा कि आखिर एरोड्रम नाम क्यों पड़ा, क्या यहां कभी हवाई जहाज आया था? हालांकि, ऐसा तो कुछ है नहीं. जी हां, आपका सवाल एरोड्रम नाम को लेकर सही है. जानते हैं इसका जवाब.
अंग्रेजों के दौर से ही है एरोड्रम का इतिहास
जिले के पुराने लोग बताते हैं कि यह क्षेत्र नदी के किनारे स्थित है. एरोड्रम का इतिहास अंग्रेजी हुकूमत के समय से ही है. मगध क्षेत्र में तीन जगह पर एरोड्रम बनाने के लिए जगह चुनी गई थी, जिसमें जहानाबाद भी शामिल था. यहां भी एरोड्रम बनाया गया. तब से ही जिले का एरोड्रम इलाका चर्चा में आ गया. यहां अंग्रेजों के समय में ही कार्गो विमान से सामान उतरता था. हालांकि, अंग्रेजी हुकूमत की भारत से विदाई हुई तो यह इलाका फिर जस की तस स्थिति में रह गया.
चमड़ा उद्योग शुरू हुआ तो जगी थी उम्मीद
वहीं, स्थानीय राकेश कहते हैं कि अंग्रेजी हुकूमत के चले जाने के बाद जब शहर में उद्योग लगना शुरू हुआ तो यहां चमड़ा उद्योग लगने की बारी आई. उस दौरान भी इस स्थान को विकसित करने की बात उठी. कुछ प्रयास भी हुआ, लेकिन बाद में फिर से सब सन्नाटा छा गया. आज चमड़ा उद्योग भी बंद हो गया. साथ ही हवाई अड्डे के रूप में चिन्हित स्थान भी जस की तस स्थिति में है. यहां पर अब खेल गतिविधि जारी है.
1977 में इंदिरा गांधी आई थीं जहानाबाद
स्थानीय राकेश ने बताया कि एरोड्रम में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का विमान भी सन 1977 में उतरा था. चंद्रिका प्रसाद जब कांग्रेस की टिकट से जहानाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़े थे तो उनके प्रचार में ही पूर्व प्रधानमंत्री का आगमन हुआ था. उस दौर के बाद फिर जब सरकार की ओर से हर जिले में एक हवाई अड्डा चिन्हित करने की योजना शुरू हुई तो इसी स्थान का चयन किया गया. अभी तो एरोड्रम खेल मैदान के रूप में जाना जा रहा है. खेल की गतिविधियां आयोजित होती हैं.