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Manali Women Story: ये कहानी हिमाचल प्रदेश के मनाली में दुकानें चलानी वाली पूनम शर्मा की है, जिनके पति कभी मनाली में सब्जी की दुकान पर काम करते थे. ऐसे में उन्हें PM मुद्रा योजना से लोन लिया और फिर मनाली में 5 दुकानें खोलीं. अब पूनम सफल कारोबारी के तौर पर सालाना आय 2 लाख से 15 लाख कमा रही हैं और उन्होंने छह लोगों को रोजगार भी दिया है.
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की रहने वाली पूनम शर्मा आज मनाली में सफल कारोबार कर रही है.
मनाली. हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की रहने वाली पूनम शर्मा आज मनाली में सफल कारोबार कर रही है और इस योजना का लाभ लेकर वह अन्य 6 लोगों को भी रोजगार दे रही है. पूनम शर्मा जिला कुल्लू के पर्यटन नगरी मनाली में अपने पति के साथ पांच दुकानों का संचालन कर रही है और इससे उनकी आर्थिक आय भी अब 2 लाख रुपए सालाना से 15 लाख रुपए हुई है.
ऐसे में छोटे से कारोबार से आज इस ऊंचे मुकाम तक पहुंचने में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उन्हें काफी फायदा पहुंचाया है.
दरअसल, ऊना की पूनम शर्मा के पति मनाली में पहले किसी सब्जी की दुकान में काम करते थे. ऐसे में जब पूनम शर्मा साल 2012 में मनाली आई तो उन्होंने अपने पति को सलाह दी कि वह दूसरों के वहां काम ना कर अगर अपना खुद का कोई छोटा कारोबार खोले. तो वह उनके जीवन के लिए अच्छा रहेगा. ऐसे में सबसे पहले मनाली के अलेयु में छोटी सी सब्जी की दुकान निकाली. अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेने के लिए भी आवेदन किया. लेकिन उस दौरान बैंक वालों ने उन्हें बाहरी जिला का होने के कारण ऋण देने से मना कर दिया. साल 2015 तक वह छोटी सी सब्जी की दुकान ही चलाते रहे.
बैंक ने किया संपर्क
साल 2015 में जब प्रधानमंत्री मुद्रा योजना लॉच हुई तो बैंक वालों ने उनसे संपर्क किया और शुरुआती दौर में उन्होंने अढ़ाई लाख रुपए ऋण लिया. इस ऋण से उन्होंने अपने सब्जी के कारोबार को आगे बढ़ाया और साथ में किराना स्टोर का भी काम शुरू किया. जो धीरे-धीरे काफी अच्छा चल पड़ा और आज इसी योजना का सहारा लेते हुए वह अलेयू और जगत सुख में पांच दुकानों का संचालन कर रही है. पूनम शर्मा ने बताया कि पहले उन्होंने अढ़ाई लाख रुपए का बैंक से ऋण लिया और अपनी छोटी दुकान को बड़ा किया. धीरे-धीरे उनका काम बढ़ने लगा और बैंक की तरफ से उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पहले 5 लाख, 10 लाख, 15 लाख और आज वर्तमान में उनके बैंक में ऋण की लिमिट 42 लाख रुपए है. जिससे वह आज सफल तरीके से अपना कारोबार कर रही है.
कारोबार में उनके पति भी उनका अच्छा सहयोग कर रहे हैं और वह दोनों मिलकर इस कारोबार को संभाल रहे हैं. पूनम शर्मा का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ना होती तो आज वह अपने कारोबार को नहीं बढ़ा पाती और छोटे से कारोबार तक ही सिमट कर रह जाती. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जो यह योजना चलाई गई. इससे उन्हें ही नहीं बल्कि देश भर के कई छोटे व्यापारियों को अपना कारोबार बड़ा करने में मदद मिली है.
पीएम मोदी से भी हुई थी मुलाकात
पूनम शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उन्होंने साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का भी मौका मिला. उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल 2015 को इस योजना के 10 साल पूरे हुए. तो हिमाचल प्रदेश से एकमात्र लाभार्थी के तौर पर उनका चयन भी किया गया. ऐसे में उनके परिवार के सभी लोगों में खासा उत्साह था कि उनके घर से एक महिला को पहली बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करने का मौका मिला.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे इस योजना के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि यह योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद बनकर आई और आज वह एक गृहणी से सफल कारोबारी भी बनी है.