पाकिस्तान का हाल इस वक्त ऐसा है कि आसमान से गिरे और खजूर पर भी नहीं अटके, सीधे जमीन पर आ गिरे हैं. खाड़ी देशों में चल रहे बवाल और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने पाकिस्तान का तेल निकाल दिया है. हालत इतनी टाइट हो गई है कि सरकार ने खजाना बचाने के लिए अपने ही अफसरों और सरकारी तामझाम पर कैंची चला दी है. फरमान जारी कर कह दिया है कि गाड़ियों को सिर्फ 50 फीसदी तेल मिलेगा. अफसरों के विदेश जाने पर रोक लगा दी गई है.
अब तक बड़ी-बड़ी सरकारी गाड़ियों में बैठकर घूमने वाले पाकिस्तानी अफसरों की मौज खत्म हो गई है. शहबाज शरीफ सरकार ने फरमान जारी कर दिया है कि सरकारी गाड़ियों को अब कोटे का सिर्फ 50 फीसदी ही पेट्रोल-डीजल मिलेगा. बाकी या तो पैदल चलो या अपनी जेब से भरवाओ. नई सरकारी गाड़ी खरीदने पर भी पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है.
विदेशी दौरों पर ब्रेक, दावतों पर भी ताला
सरकारी पैसों पर जो अफसर विदेश घूमने जाते थे, उनके पासपोर्ट भी समझो अब अलमारी में रखवा दिए गए हैं. विदेश यात्राएं रद्द कर दी गई हैं. इतना ही नहीं, सरकारी मीटिंग्स के बाद जो दावतें उड़ती थीं, उन पर भी रोक है. सरकार ने साफ कह दिया है कि आमने-सामने बैठकर मीटिंग करने में खर्चा है, इसलिए अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही काम चलाइए. दफ्तरों में अब आईटी का सामान छोड़कर कोई नया सामान नहीं खरीदा जाएगा.
आम जनता पर क्या होगा असर?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल, ईरान और हूतियों के बीच जो मिसाइलें चल रही हैं, उससे सप्लाई चेन टूट गई है. इसका इंपैक्ट ये है कि पाकिस्तान को एलएनजी नहीं मिल पा रही है. मतलब साफ है, आने वाले दिनों में पाकिस्तान की आम जनता को भयंकर बिजली कटौती और गैस की किल्लत का सामना करना पड़ेगा. फैक्ट्रियों का पहिया रुकेगा और महंगाई और रुलाएगी.
गरीबों को लॉलीपॉप या असली राहत?
इन सबके बीच आम जनता के गुस्से को शांत करने के लिए एक नई योजना भी शुरू की गई है. मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कार वालों को तय सीमा के अंदर पेट्रोल पर 100 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी. लेकिन इकॉनमी के जानकारों का कहना है कि जब खजाने में डॉलर ही नहीं हैं, तो ये सब्सिडी आखिर कितने दिन टिकेगी?
मार्च वाला जुगाड़ फिर से
ये कोई पहला मौका नहीं है. इसी साल मार्च में भी पाकिस्तान ने ऐसे ही हाथ खड़े कर दिए थे. तब तो बाकायदा दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद कर दिए गए थे और सरकारी कर्मचारियों से कहा गया था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर लो, हमारे पास गाड़ी में डालने को तेल नहीं है.