शिमला. हिमाचल प्रदेश में विदाई से पहले मॉनसून जमकर बरस रहा है. गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है. मंडी जिले के धर्मपुर, पंडोह समेत अन्य इलाकों में अंबर जमकर बरस रहा है. वहीं, मनाली और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों में सितंबर महीने में बर्फबारी हो रही है. लाहौल घाटी में बारालाचा के पास भी ताजा हिमपात हुआ है. चंबा के साच पास और पांगी में भी बर्फबारी हुई है.
गौर रहे कि सायर के त्योहार के दिन मौसम सुबह से ही बदला हुआ है. ऐसे में हल्की ठंड भी महसूस की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, चंबा जिले के अलमी में बुधवार देर शाम खराब मौसम के बीच आसमानी बिजली गिरने से 30 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हो गईं. हादसे में गद्दियों को को भारी नुकसान हुआ है. प्रभावितों की पहचान तिलक, ठाकरू और भिंदर के रूप में हुई है और तीनों लिल्ह क्षेत्र के डगेड़ गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. सभी ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. इसके अलावा, भरमौर में मणिमहेश यात्रा को भी लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है. गुरुवार को डल झील मणिमहेश, गौरीकुंड, सुंदरासी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है.
शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार सुबह नौ बजे अलर्ट जारी करते हुए बताया कि अगले 3 घंटों में चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला और सिरमौर ज़िलों में ज़्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, एक-दो स्थानों पर तेज़ बारिश,आंधी-तूफ़ान की बहुत संभावना है. उधर, रोहतांग पास, बारलाचा और शिंकुला पास पर ताजा बर्फबारी हुई है. कांगड़ा की धौराधार रैंज में, धर्मशाला के ऊपर की चोटियों पर भी हिमपात हुआ है.
मनाली में रोहतांग पास पर बर्फबारी.
मौसम विभाग ने सुबह 10 बजे के बुलेटिन में बताया कि बीते 12 घंटों के दौरान बिलासपुर और मंडी जिलों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई. इसमें बिलासपुर जिले के नैना देवी में सबसे अधिक 86.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. मंडी जिले के मुरारी देवी में 50.6 मिमी, स्लैपर में 48.1 मिमी और बिलासपुर के मलराओं में 48.0 मिमी बारिश हुई. घाघस में 40.2 मिमी और बरठीं में 38.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. सुंदरनगर में 37.1 मिमी, गोहर में 35.0 मिमी और जोगिंदरनगर में 33.0 मिमी, सिरमौर के नाहन में 34.2 मिमी और पांवटा साहिब में 31.0 मिमी और ऊना जिले के नंगल डैम में 32.0 मिमी बारिश हुई है.
मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा की उपतहसील मंडप के रहने वाले नरेश ठाकुर ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे से बारिश और तूफान चल रहा है. लगातार भारी बारिश से नदी नाले उफान पर हैं. उन्होंने बताया कि मक्की की फसल को तूफान से नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि ठंड की वजह से उन्होंने जैकेट निकाल ली है और काफी ठंड महसूस हो रही है.
लाहौल स्पीति में बर्फबारी को लेकर अपने ब्लॉग में महिला मनेपा ने बताया कि गुरुवार को हजारों लोग घाटी में ड्रिलबुरी कोरा (परिक्रमा) के लिए जा रहे हैं और इस दौरान बर्फबारी हो रही है. सीजन का यह पहला हिमपात है. वह बताती हैं कि देश और विदेश के सैलानी परिक्रमा के लिए पहुंचे हुए हैं. वह कहती हैं कि सितंबर महीने में जनवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है.
मौसम विभाग ने सुबह जारी किया अलर्ट.
मौसम विभाग ने बताया कि बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ जैसी स्थिति, सड़कों पर जलभराव और दृश्यता कम होने की समस्या पैदा हो सकती है. निचले इलाकों में जलभराव के साथ कुछ स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है. लोगों को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप शर्मा बताया कि बारिश के कारण प्रदेश में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह बीते 24 घंटों की तुलना में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है. शिमला में अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री, सोलन में 28 डिग्री और मैदानी क्षेत्रों में 32 से 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम साफ होने के बाद 19 सितंबर से तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, 1 जून से 17 सितंबर तक प्रदेश में मानसून की कुल बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम रही है. लाहौल-स्पीति में सामान्य से 64 प्रतिशत और हमीरपुर में 31 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि शिमला में सामान्य से 15 प्रतिशत और कुल्लू में 7 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है.
मंडी जिले के धर्मपुर के मंडप गांव में सुबह से बारिश हो रही है.
सायर का त्योहार
गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश के मंडी और कुल्लू समेत कुछ अन्य जिलों में गुरुवार को सायर का त्योहार मनाया जा रहा है. इस त्योहार को बरसात के खत्म होने पर मनाया जाता है और इस त्योहार के हिमाचल में सर्दी का आगाज होता है. साथ ही फसलों की कटाई भी आज से शुरू हो जाती है.