मधुबनी में पहली बार लाल अंगूर का फलन, आराधना देवी बनीं ‘अंगूर वाली चाची’

मधुबनी में पहली बार लाल अंगूर का फलन, आराधना देवी बनीं ‘अंगूर वाली चाची’


होमताजा खबरकृषि

मधुबनी में पहली बार लाल अंगूर का फलन, आराधना देवी बनीं ‘अंगूर वाली चाची’

Last Updated:

प्रकृति में इतनी ताकत है कि अगर लोग कुछ ना करें तब भी बिना पकाए खाए जाने वाले फल-फूल और सब्जियों से ही अपना पेट भरकर जिंदा रह सकते हैं. हालांकि, हर क्षेत्र में वहां के वातावरण के हिसाब से ही फल, अनाज और सब्जियों का उत्पादन होता है. बदलते समय के साथ कई जगहों का माहौल और पर्यावरण भी बदला है. इससे अब कई फसल ऐसी भी तैयार हो रही हैं जो उन इलाकों में कभी नहीं होती थी. कुछ ऐसा ही मधुबनी के….

आर्या झा/मधुबनी: यूं तो कुछ ऐसे फल है जिसकी बागवानी पूरे बिहार में ही संभव नहीं है, लेकिन आप से कहें तो अब मधुबनी में रह रही आराधना देवी लाल अंगूर की बागवानी कर रही हैं. ये 4 साल पहले लगाई थी अब फल दे रहा है. बिना खाद कैसे करती है जानिए..

मधुबनी में अंगूर की बागवानी

इस जिला में अंगूर की बागवानी संभव नहीं है.भारत में सबसे ज्यादा खेती अंगूर की महाराष्ट्र ,नासिक की तरफ होती है. बिहार में ही अंगूर की खेती नहीं होती है लेकिन मधुबनी में पहली बार किसी ने लाल अंगूर की बागवानी की है. उनका नाम आराधना देवी है लेकिन उन्हें आसपास के लोग अंगूर वाली चाची भी कहते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बगीचे में लाल अंगूर उगाया है, ऐसा करने वाली मधुबनी जिलाकी पहली महिला है.

कहती है 5 साल पहले पौधा लगाया जिसे तैयार होने में 2 साल का वक्त लगा और फिर तीसरे साल से वह फलन देने लगा है.बता दे कि वह सालभर फला रहता है. चूंकि ये लाल अंगूर है अभी फल हरा आ गया है जिसे पकने मे दो महीने का समय लगेगा. लोकल 18 टीम में पहली बार देखा कि यहां भी अंगूर की बागवानी संभव है फिर आगे बातचीत कि तो जाना की यह लाल अंगूर पिछले 3 साल से यह फल रहा, पिछले साल 25 किलो फलन हुआ है. बता दें कि 2 साल पौधा तैयार होने में लगा है . रखरखाव समय पर पौधे की कटिंग, आर्गेनिक खाद , जड़ की साफ सफाई समय – समय पर होता रहेगा तो 20 साल पौधा खराब नहीं होगा .

हालांकि मधुबनी में अंगूर की खेती या अंगूर का कोई पौधा किसी और ने नहीं लगाया, लेकिन बागवानी में रुचि होने के कारण आराधना देवी ने ट्राई किया जो सफल रहा है, जिसके बाद अब तो और नए लाल हरा दोनों की बागवानी की है.पकने के समय अंगूर वाली चाची के पास परोसी देखने और आर्गेनिक ताज़ा फल का स्वाद लेने आते हैं.



Source link