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हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे हैं, जो वक्त बीतने के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि हर दौर में अपनी एक अलग पहचान बनाए रखते हैं. साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म ‘धरती कहे पुकार के’ का गाना ‘जे हम तुम चोरी से…’ भी ऐसे ही गाना है. इस गाने में जितेंद्र और नंदा की रोमांटिक केमिस्ट्री देखने को मिली थी.गाने में जितेंद्र का जबरदस्त डांस आज भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आता है. गाने को लता मंगेशकर और मुकेश ने अपनी आवाज से अमर बना दिया.
गाने के बोल जीत लेते हैं दिल
नई दिल्ली. जितेंद्र ने अपने करियर में हर एक्ट्रेस के साथ काम किया था. उनकी जोड़ी हर एक्ट्रेस के साथ हिट मानी जाती थी. साल 1969 में उन्होंने नंदा के साथ फिल्म ‘धरती कहे पुकार के’ में काम किया था. इस फिल्म में नंदा के साथ भी उनकी जोड़ी काफी हिट हुई थी. फिल्म के गाने भी काफी पसंद किए गए थे. खासतौर पर एक गाने ‘जे हम तुम चोरी से…’ में तो दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया गया था.
फिल्म ‘धरती कहे पुकार के’ में जितेंद्र और नंदा ने लीड रोल निभाया था. उस दौर में दोनों कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों का खूब प्यार मिला. फिल्म की कहानी और इसके गानों के बीच भी खास तालमेल देखने को मिला था. ‘जे हम तुम चोरी से…’ इसी फिल्म का एक बेहद खूबसूरत रोमांटिक गीत है, जिसमें प्यार को बेहद सहज अंदाज में पर्दे पर दिखाया गया.
जितेंद्र-नंदा का 57 साल पुराना सुपरहिट गाना
साल 1969 में जितेंद्र और नंदा की फिल्म धरती करे पुकार रिलीज हुई तो, लोगों ने फिल्म को सुपरहिट बना दिया था. खासतौर पर इस फिल्म का एक गाना ‘जे हम तुम चोरी से…’ इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी मासूमियत और सादगी है. प्यार भरे बोल, लोक संगीत की मिठास और देसी अंदाज ने इसे हर उम्र के दर्शकों के बीच खास बना दिया. यही वजह है कि सालों बाद भी यह गीत शादी, पारिवारिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर खूब सुनने को मिलता है.
नदी किनारे फिल्माया गया था गाना
‘जे हम तुम चोरी से…’ गाने की सबसे खास बात इसका फिल्मांकन भी है. गाने में जितेंद्र और नंदा नदी किनारे रोमांटिक अंदाज में नजर आते हैं. दोनों के बीच की मासूमियत और उस दौर के सिनेमा का सादगी भरा रोमांस गाने के दृश्यों में साफ दिखाई देता है. आज के दौर के मुकाबले उस समय रोमांस को पर्दे पर काफी सादगी के साथ पेश किया जाता था और यही इस गाने की खूबसूरती भी है. जितेंद्र का अंदाज जहां चंचल और आकर्षक नजर आता है, वहीं नंदा की स्क्रीन प्रेजेंस गाने में एक अलग ही मासूमियत लेकर आती है. दोनों की जोड़ी ने गीत के भाव को पर्दे पर अच्छी तरह उतारा. नदी, खुला प्राकृतिक माहौल और दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री मिलकर गाने को यादगार बनाती है.
बता दें कि गाने को आवाजा मुकेश और लता मंगेशकर ने दी है. दोनों ही हिंदी फिल्म संगीत के ऐसे नाम हैं, जिनकी आवाज कई पीढ़ियों के लिए यादों का हिस्सा बन चुकी है.इस गाने के संगीत की सादगी और बोलों की मिठास इसे उस दौर के रोमांटिक गीतों की खास श्रेणी में खड़ा करती है. यही वजह है कि 57 साल बाद भी ये गाना आज भी सुनकर संगीतप्रेमी झूम उठते हैं.