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Himachal Dadour and Nagchala Flyover: हिमाचल प्रदेश में कीरतपुर मनाली फोरलेन पर मंडी जिले के डडौर और नागचला में फ्लाईओवर कम अंडरपास के लिए NHAI ने ₹27 करोड़ का टेंडर जारी किया. इधर, झीड़ी फ्लाईओवर का काम भी शुरू होगा. हाईकोर्ट से झीड़ी फ्लाइओवर को हरी झंडी मिल गई है.
एनएचएआई ने नागचला और डडौर में 27 करोड़ का टेंडर एक निजी कंपनी को जारी कर दिए हैं.
मंडी. हिमाचल प्रदेश में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मंडी जिले के डडौर और नागचला के फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इन दोनों स्थानों पर फ्लाईओवर कम अंडरपास बनाने के लिए 27 करोड़ का टेंडर निजी कंपनी को जारी कर दिया है.
जानकारी के अनुसार, कंपनी को तीन महीने के अंदर काम शुरू करते हुए डेढ़ वर्ष में इसे पूरा भी करना होगा.
दरअसल, मंडी जिले में डडौर, नागचला और झीड़ी, फोरलेन पर तीन ऐसे ब्लैक स्पॉट थे, जहां पर आए दिन हादसे हो रहे थे. यहां स्थानीय लोगों की मांग और फ्लाईओवर की जरूरत को महसूस करते हुए एनएचएआई ने फ्लाईओवर कम अंडरपास बनाने का निर्णय लिया था. झीड़ी फ्लाईओवर का कार्य 33 करोड़ से किया जा रहा है जबकि डडौर और नागचला में 27 करोड़ का नया टेंडर जारी किया गया है.
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि डडौर में फोरलेन के दोनों हिस्सों को फ्लाईओवर के माध्यम से उठाया जाएगा और नीचे अंडरपास रहेगा. जबकि नागचला में सिर्फ बिलासपुर से मंडी आने वाली सड़क पर ही फ्लाईओवर कम अंडरपास बनेगा जबकि दूसरी सड़क यथास्थिति में रहेगी.
कोर्ट के आदेशों के बाद झीड़ी की बाधा भी हुई दूर
गौर रहे कि मंडी के ही झीड़ी में बन रहे फ्लाईओवर कम अंडरपास को भी एक ही लेन पर बनाया जा रहा है. मंडी से कुल्लू की तरफ जाने वाली लेन पर फ्लाईओवर कम अंडरपास बनाया जा रहा है. लेकिन स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे थे. मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और वहां से अब कार्य को सुचारू रखने के आदेश जारी हुए हैं. एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि झीड़ी में कार्य को दोबारा शुरू किया जा रहा है और इसे भी जल्द ही बनाकर तैयार कर लिया जाएगा.