स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल में गंदगी से नाले चोक, महीनों बाद कूड़ा उठाता है नगर निगम, बदबू से स्थानीय परेशान

स्मार्ट सिटी मुरादाबाद के कोठीवाल में गंदगी से नाले चोक, महीनों बाद कूड़ा उठाता है नगर निगम, बदबू से स्थानीय परेशान


Last Updated:

Moradabad News: कोठीवाल नगर के फैज़ और विनय ने बताया कि यहां सफाई बहुत कम होती है और सड़क की हालत भी बेहद खराब है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बारिश होती है तो स्थिति और भी खराब हो जाती है. चारों तरफ गंदगी फैल जाती है और बदबू आने लगती है. लोगों ने नगर निगम से अपील की है कि इस ओर ध्यान दिया जाए. लोगों का कहना है कि आगे चुनाव आ रहा है.तब नेता वादे करते हैं लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं. नाले की समय-समय पर सफाई होनी चाहिए.

ख़बरें फटाफट

मुरादाबादः एक तरफ तो यूपी का मुरादाबाद स्मार्ट सिटी बन गया है. वहीं दूसरी तरफ इसी स्मार्ट सिटी की बदहाली का नजारा कोठीवाल नगर क्षेत्र में देखने को मिला है. जहां पर एक नल गंदगी के कारण चौक हो जाता है. इसकी वजह से बारिश होने पर नालो का पानी सड़कों पर आ जाता है. वहीं सड़कों का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है. इसकी वजह से स्थानीय लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहां की जनता का कहना है कि जहां पर नगर निगम की टीम कभी-कभी सफाई करने के लिए आती है. इस प्रकार अधिकारियों की लापरवाही के चलते मजबूरन स्थानीय लोगों को इसी गंदगी में जीवन काटना पड़ रहा है.

नाले की सफाई न होने से स्थानीय लोग परेशान

कोठीवाल नगर के फैज़ और विनय ने बताया कि यहां सफाई बहुत कम होती है और सड़क की हालत भी बेहद खराब है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बारिश होती है तो स्थिति और भी खराब हो जाती है. चारों तरफ गंदगी फैल जाती है और बदबू आने लगती है. लोगों ने नगर निगम से अपील की है कि इस ओर ध्यान दिया जाए. लोगों का कहना है कि आगे चुनाव आ रहा है.तब नेता वादे करते हैं लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं. नाले की समय-समय पर सफाई होनी चाहिए. लोग कई बार नगर निगम से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कभी-कभार सफाई करके नगर निगम भूल जाता है. हम अंदर गली में रहते हैं. आप देख सकते हैं कि कितनी गंदगी है और कितने ढेर लगे हैं. इस पर कोई ध्यान नहीं देता और सड़क भी बहुत खराब हो चुकी है.

कभी-कभी होती है सफाई

स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर निगम की टीम 6 महीने में कभी-कभी 3-4 महीने में एक बार आती है. बारिश में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि नाले का पानी घरों में घुस जाता है. बारिश रुकने के बाद नाले में कूड़ा जमा हो जाता है. जिससे तेज बदबू आती है और इस सड़क से निकलने का मन भी नहीं करता है. यह जगह बीमारियों का घर बन गई है. तो वहीं विनय नाम के स्थानीय युवक ने बताया कि नगर निगम की टीम कभी 3 महीने में तो कभी 6 महीने में आती है और आधा कचरा उठाती है. आधा वहीं छोड़ जाती है. ना तो नाले की ठीक से सफाई होती है और ना ही सड़क की बारिश में घरों में पानी भर जाता है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस नाले में स्थानीय लोग और फैक्ट्रियों का कचरा भी डाला जाता है. जो बहकर नाले में आ जाता है नालियों का कचरा भी यहीं आकर जमा हो जाता है. जिसकी वजह से नाला पूरी तरह से कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है. बारिश होने पर पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों में घुस जाता है. जिससे लोगों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इन सब का जिम्मेदार नगर निगम है नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोगों को समस्याएं हो रही हैं.



Source link