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बिहार के जहानाबाद स्थित बेनीपुर गांव में गरीबी के कारण शौचालय नहीं बन पा रहा था. इससे तंग आकर पत्नी की नाराजगी और मान-सम्मान की चिंता के बीच पति ने बड़ा फैसला लिया. पति रंजन केवट ने अपनी भैंस बेचकर 80,000 रुपये में शौचालय का निर्माण कराया. अब पूरे परिवार को खुले में शौच की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है.
जहानाबादः ऐसा कहा जाता है कि स्वच्छ तन में स्वच्छ मन का निवास होता है. यह बात तो शरीर और आत्मा के लिए है, लेकिन स्वच्छ मन और स्वच्छ तन के साथ-साथ हमारे आस पास का इलाका भी साफ हो तो सुकून महसूस होता है. इन्हीं सोच को लेकर बिहार में एक परिवार ने बड़ा उदाहरण पेश किया है. आर्थिक तंगी के बावजूद भी स्वच्छता को तरजीह देते हुए रंजन केवट और उनकी पत्नी मालती देवी ने अपनी भैंस बेचकर शौचालय का निर्माण करवाया है. स्वच्छता को लेकर किया गया इस कार्य को ग्रामीण सराह रहे हैं.
दरअसल, रंजन केवट और मालती देवी जहानाबाद जिला स्थित हुलासगंज प्रखंड के बेनीपुर गांव की रहने वाले हैं. रंजन केवट की कमाई बहुत ज्यादा नहीं है. अपने गांव पर ही रहकर खेती बाड़ी का कार्य करते हैं. वो खेती बाड़ी भी पट्टे पर ही खेत लेकर कर रहे हैं. इस कारण बहुत ज्यादा आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती. ऐसे में घर की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. साथ ही घर में शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी. लंबे समय तक घर से बाहर जाकर शौच को जाना पड़ता. न सिर्फ पुरुषों को, बल्कि महिलाओं को भी घर से बाहर जाकर शौच करना पड़ता.
भैंस बेचकर बनवाया शौचालय
इस कारण कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. बारिश से खेत या अन्य इलाकों में पानी भर जाता तो और भी दिक्कत होती. कई बार शौचालय बनवाने को लेकर पति पत्नी के बीच झगड़ा भी हो जाते. एक दिन पत्नी ज्यादा नाराज हो गई. जिसके बाद पति ने सोचा कि क्यों न अब शौचालय बनवा ही लिया जाए. हालांकि, चुनौती तो पैसों की थी. इसी बीच आइडिया आया और लगा की हमारे पर दो पशु हैं. उनमें से एक पशु को बेचकर शौचालय क्यों न बनवा लिया जाय? बस इतना आइडिया आया और दोनों मिलकर बात की. फिर क्या? हमने एक पशु भैंस को बेच दी. उसकी कीमत 35000 रुपए मिली. अब ऐसे में लगा कि इतना पैसा आ ही गया है तो काम शुरू करवा दिया जाए.
₹80000 में बना शौचालय
रंजन केवट ने शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया. एक महीना में शौचालय बनकर तैयार हो गया है. इसमें करीब 80000 रुपए खर्च आया है. हालांकि, कुछ पैसा जमा था और कुछ उधार लेकर शौचालय का निर्माण करवाया है. शौचालय बनने के बाद अब मालती देवी और उनके परिवार को बाहर शौच को जाने से छुटकारा मिल गया है. साथ ही स्वच्छता को अपने दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है.
‘कई बार हो जाता था झगड़ा’
रंजन केवट ने कहा कि हमारे घर में शौचालय नहीं था. परिवार में कई बार झगड़ा हो जाता था. आर्थिक तंगी के कारण बाहर जाने को मजबूर थे. इसी क्रम में हमारे पास मौजूद भैंस को बेचकर शौचालय निर्माण का करवाया. 35000 रुपए में भैंस की बिक्री की थी. शौचालय में कुल 80000 रुपए खर्च आया. सरकारी लाभ भी नहीं मिल पाया था.
‘दिक्कतों का करना पड़ता था सामना’
वहीं, मालती देवी ने कहा कि हम सब घर में शौचालय नहीं रहने से काफी परेशान थे. बहु बेटी की इज्जत भी तो है. साथ ही बारिश में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. ऐसे में भैंस बेचकर शौचालय बनाने का फैसला किया. अब शौचालय बन गया है और घर में ही सुविधा मिल रही है.