Last Updated:
Tea Price : असम में चाय की नीलामी तो हर साल होती है, लेकिन इस बार एक खास किस्म की चाय को 12 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर खरीदा गया. इस चाय को बनाने का तरीका चीन से आया है और इसे तैयार करने के बाद वाइन की तरह ऐज की जाती है. इससे चाय का एरोमा और कीमत दोनों काफी बढ़ जाते हैं.
पुएर चाय के बनाने का तरीका चीन से आया है.
नई दिल्ली. ऑफिस हो घर या फिर सड़कें, भारत की गली-गली में सुबह और शाम आपको चाय की खुशबू जरूर मिल जाएगी. शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां सुबह की शुरुआत बिना चाय के होती है. चाय की बात आते ही असम का नाम सबसे ऊपर होता है, क्योंकि देश में चाय की सबसे ज्यादा पैदावार भी इसी राज्य में होती है. यहां बनने वाली एक खास किस्म की चाय पुएर टी केक की कीमत 12 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक जाती है. इससे बनाने का तरीका भी काफी खास है, जिससे इसकी कीमत इतनी ज्यादा पहुंच जाती है.
असम की राजधानी गुवाहाटी में हाल में हुई एक नीलामी में विशेष किस्म की चाय ‘पुएर टी केक’ 12,000 रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंची कीमत पर बिकी. अधिकारियों का कहना है कि ‘पुएर टी केक’ को ऊंची कीमत मिलना राज्य में चाय उद्योग के लिए गौरव की बात है. गोलाघाट स्थित गौरीपुर टी इंडस्ट्री द्वारा तैयार ‘पुएर टी केक’ के पांच किलोग्राम की बिक्री 12,000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हुई. नीलामी में यह चाय उसके ब्रोकर जे. थॉमस के माध्यम से बेची गई.
चीन से आया है इसे बनाने का तरीका
नॉर्थ ईस्टर्न टी एसोसिएशन (एनईटीए) के सलाहकार बिद्यानंद बरकाकोटी ने कहा कि ‘पुएर’ चाय चीन के युन्नान प्रांत में पारंपरिक रूप से तैयार की जाने वाली एक फरमेंटेड चाय की किस्म है. इसे मुख्य रूप से कैमेलिया साइनेंसिस की बड़ी पत्तियों, विशेष रूप से असामिका किस्म से तैयार किया जाता है. ‘पुएर’ चाय को पारंपरिक रूप से केक या ईंट के आकार में तैयार किया जाता है. फरमेंटेशन और लंबे समय तक रखने की प्रक्रिया से इसमें विशेष स्वाद और सुगंध विकसित होती है.
असम में बनती है फालाप चाय
बरकाकोटी ने कहा कि गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में पुएर चाय की बिक्री से निकट भविष्य में सार्वजनिक नीलामी मंच के जरिए ‘फालाप’ चाय की बिक्री का रास्ता भी खुलेगा. ‘फालाप’ असम के तिनसुकिया और मरघेरिटा में रहने वाले सिंगफो समुदाय की पारंपरिक चाय है. इसे भी कैमेलिया साइनेंसिस की असामिका किस्म की बड़ी पत्तियों से तैयार किया जाता है. इस चाय की डिमांड अभी घरेलू बाजार में कम है, लेकिन धीरे-धीरे यहां की स्पेशल चाय मशहूर हो रही है.
कैसे तैयार की जाती है पुएर चाय
- चाय की बड़ी पत्तियों को तोड़कर इसे पैन में हल्का फ्राई किया जाता है. इससे पत्तियों की नमी और एंजाइम की गतिविधि नियंत्रित होती है.
- इसके बाद पत्तियों को बांस के खोखले टुकड़ों में भर दिया जाता है. यही इसकी सबसे खास बात है.
- अब इस बांस को आग पर धीरे-धीरे पकाया जाता है. इससे चाय में हल्का स्मोक और लकड़ी जैसा स्वाद आ जाता है.
- चाय तैयार होने के बाद इसे कुछ समय के लिए रखा जाता है और सुगंध व स्वाद में बदलाव आता है. इसी स्वाद की वजह से इस चाय की कीमत काफी ज्यादा बढ़ जाती है.