1600 करोड़ खर्च कर बनाई गई स्मार्ट सिटी में आवारा कुत्ते भगाने के लिए लाल बोतल, बड़े-बड़े बंगलों के बाहर भी लटकी

1600 करोड़ खर्च कर बनाई गई स्मार्ट सिटी में आवारा कुत्ते भगाने के लिए लाल बोतल, बड़े-बड़े बंगलों के बाहर भी लटकी


सागर: बुंदेलखंड का संभागीय मुख्यालय सागर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख शहर है. इसे 1600 करोड़ रुपए खर्च करके रिनोवेट किया गया है. स्मार्ट सिटी सागर अक्सर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मामलों को लेकर चर्चा में रहती है. लेकिन, इन दिनों यह शहर एक अनोखी वजह से सुर्खियों में है. सागर की एक-एक गली और एक-एक मोहल्ले में दरवाजों के सामने लाल बोतलें लटकी दिखाई दे रही हैं.

यह लाल बोतल सिर्फ आम इलाकों तक सीमित नहीं है. शहर का पॉश इलाका सिविल लाइन भी इससे अछूता नहीं है, जहां नगर निगम आयुक्त का बंगला और कलेक्ट्रेट है. इसके अलावा यहां कई अन्य सरकारी कार्यालय भी हैं और बड़े-बड़े धनाढ्य लोग रहते हैं. इसके बावजूद यहां के लोगों को भी लाल बोतल का सहारा लेना पड़ रहा है. लोग इसे मजबूरी कहें या टोना-टोटका, लेकिन यह तरीका लोगों को काफी रास आ रहा है.

घर से निकलना मुश्किल
दरअसल, सागर शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ये कुत्ते छोटे-छोटे बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को काट रहे हैं. हालत यह हो गई है कि बच्चों का घर से अकेले निकलना मुश्किल हो रहा है. इसके साथ ही आवारा कुत्तों के कारण शहर में खूब गंदगी भी फैल रही है. इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए सागर में एक बार फिर लाल बोतल का चलन तेजी से शुरू हो गया है.

पिछले साल भी यही हुआ था
बता दें कि पिछले साल भी लोगों ने यह टोटका आजमाया था. हालांकि, तब यह उपाय कुछ ही गली-मोहल्लों तक सीमित था, जिसमें डॉक्टरों की कॉलोनी भी शामिल थी. लेकिन, इस बार सागर शहर का कोई भी वार्ड और इलाका ऐसा नहीं बचा है, जहां यह उपाय न किया जा रहा हो. अब घरों से लेकर दफ्तरों तक और छोटी-छोटी दुकानों के सामने भी लाल बोतल लटकी हुई नजर आ रही है.

ऐसे तैयार हो रही लाल बोतल
इस लाल बोतल को तैयार करना काफी आसान है. इसके लिए लोग पानी पीने वाली प्लास्टिक की पारदर्शी बोतल लेते हैं, जो आसानी से मिल जाती है. इसके बाद उसमें एक रुपए का महावर मिलाते हैं. पानी भरने के बाद महावर घोलने से बोतल का रंग लाल हो जाता है. फिर लोग इसे किसी रस्सी के सहारे अपने घर के दरवाजे, खिड़की या खंभों से लटका देते हैं.

दुकान के बाहर लगा दिया
सिविल लाइन के रहने वाले नवल किशोर कुर्मी बताते हैं कि उन्होंने शहर में कई जगह इस तरह की बोतल लटकी देखी थी. जब उन्होंने लोगों से पूछा तो पता चला कि ऐसा करने से कुत्ते गंदगी नहीं करते हैं, इसीलिए उन्होंने भी अपनी दुकान के सामने बोतल रख ली है.

80 परसेंट कारगर है…
वहीं विष्णु सेन का कहना है कि सागर शहर के कई घरों और जगहों पर लोगों ने यह बोतल लगाई है. इसकी वजह से कुत्ते गंदगी नहीं फैलाते हैं. विष्णु सेन ने खुद भी लाल बोतल लगाई और देखा कि कुत्ते वहां बैठ नहीं रहे हैं और न ही गंदगी कर रहे हैं. उनके मुताबिक इस उपाय से 70 से 80 परसेंट तक बदलाव देखने को मिला है.



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