असम के गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की एक छात्रा की होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस ने मामले में आसिक अली नाम के 26 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. आसिक पेशे से रैपिडो ड्राइवर बताया जा रहा है. इसके अलावा ‘रूद्रा किचन’ होमस्टे के मालिक जयंत साठी को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार, इन दोनों लड़के-लड़की को बिना किसी दस्तावेज़ के होमस्टे में रहने की इजाजत दी गई थी. पुलिस ने बताया कि वे बिना आधार कार्ड के भी होमस्टे में रह रहे थे. पुलिस के मुताबिक, ये युवक महीने में करीब पांच बार होमस्टे आते थे.
छात्रा की मौत को लेकर पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके बाद मामले की गुत्थी और उलझ गई है. पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. बताया जाता है कि पीड़िता के चेहरे, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ सिर पर भी चोटें आई थीं. पीड़िता के जननांगों पर भी चोट के निशान मिले हैं. हालांकि, ये चोटें कैसे, कब और किन परिस्थितियों में लगीं, इसकी जांच अभी जारी है. छात्रा की मौत के सही कारण का पता लगाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है.
शाम को आसिक के साथ पहुंची थी छात्रा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, छात्रा शाम के समय एक युवक के साथ होमस्टे पहुंची थी. बताया जा रहा है कि होमस्टे के कर्मचारियों ने दोनों को पहले भी कई बार वहां देखा था. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि रात में होमस्टे के कमरे में शराब पार्टी हुई थी. बताया जा रहा है कि खाने के लिए चावल और एग करी भी मंगाया गया था. इसके बाद रात करीब 2 बजे आसिक अली ने होमस्टे के रसोइये का दरवाजा खटखटाकर उसे जगाया.
रात 2 बजे मां को किया फोन
इस मामले में सबसे अहम कड़ी छात्रा का अपनी मां को किया गया फोन कॉल बताया जा रहा है. छात्रा के पिता ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि रात करीब 2 बजे उनकी बेटी ने मां को फोन किया था. पिता के मुताबिक, फोन पर बेटी ने कहा था कि उसे सीने पर लात मारी गई है और वह सांस नहीं ले पा रही है. परिवार का यह भी दावा है कि फोन के दूसरी तरफ दो-तीन युवकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं. इसके कुछ देर बाद छात्रा का मोबाइल फोन बंद हो गया. परिवार उससे संपर्क नहीं कर सका तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
गंभीर हालत में मिली छात्रा
परिवार से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छात्रा की तलाश शुरू की. सामने आई जानकारी के मुताबिक, छात्रा को गोरल स्थित रूद्रा किचन से गंभीर हालत में बरामद किया गया. उसे पहले गोरल पीएचई ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) भेजा गया. बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस ‘जोन’ नाम के एक व्यक्ति के फोन करने के बाद बुलाई गई थी. ऐसा बताया जा रहा है कि उस समय आसिक अली भी छात्रा के साथ मौजूद था.
पिता ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
छात्रा के पिता ने पुलिस की जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि उनकी बेटी की मौत के मामले में अभी तक सही तरीके से जांच नहीं हुई है. पिता के मुताबिक, उनकी बेटी शाम करीब 5 बजे घर से निकली थी. उसने परिवार से बाहर खाना खाने की बात कही थी. बाद में उसने परिवार को बताया था कि वह अपनी एक दोस्त के साथ हॉस्टल में रह रही है.
पिता ने कहा कि 22 साल तक उन्होंने अपनी बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया और अब उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
यूनिवर्सिटी की छात्रा थी युवती
मृतका गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के स्नातक वर्ग की छात्रा थी. उसकी अचानक हुई मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर होमस्टे में रात के दौरान क्या हुआ? छात्रा के शरीर पर चोट के निशान कैसे आए? रात 2 बजे फोन पर वह किन लोगों की मौजूदगी में थी? फोन कॉल के बाद उसका मोबाइल क्यों बंद हो गया? आसिक अली और छात्रा के अलावा होमस्टे में उस वक्त कोई और मौजूद था या नहीं? और सबसे बड़ा सवाल छात्रा की मौत की असली वजह क्या है? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है.
फिलहाल मामले में कई तरह के दावे और जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.