दोनों परेशान थे पर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा, पीड़िता की मां को बेटी पर गर्व, जमुई कांड पर मनचलों को फटकार

दोनों परेशान थे पर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा, पीड़िता की मां को बेटी पर गर्व, जमुई कांड पर मनचलों को फटकार


जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले में पीड़िता के माता-पिता पहली बार मीडिया के सामने आए. उन्होंने घटना और अब तक हुई कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी. न्यूज18 से बात करते हुए छात्रा के माता पिता ने बताया कि वो पुलिस और सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं. हालांकि, उनकी मांग है कि मामले में जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई पूरी हो और दोषियों को सजा मिले. तो आइए जानते हैं सीएम से मुलाकात के बाद पीड़िता के माता पिता से न्यूज 18 से हुई बातचीत में क्या-क्या कहा.

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से आप कितने संतुष्ट हैं?
पीड़िता की मां ने कहा कि प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारी उनके पास पहुंचे. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में रहे. इस वजह से उन्हें कार्रवाई को लेकर संतोष है.

मुख्यमंत्री से मुलाकात में क्या बातचीत हुई?
पीड़िता की मां ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें काफी हौसला मिला. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बेटी की बहादुरी की तारीफ की. साथ ही परिवार को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की जरूरत होने पर वे संपर्क कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने पढ़ाई और भविष्य को लेकर भी मदद का भरोसा दिया.

घटना को लेकर आप क्या कहना चाहती हैं?
पीड़िता की मां ने कहा कि किसी लड़के और लड़की का साथ घूमना गलत नहीं है. समाज की सोच बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता अभी भी ऐसी है कि वे लड़के और लड़की को साथ देखकर गलत नजरिए से देखते हैं. इस सोच में बदलाव जरूरी है.

आप दोषियों के लिए क्या चाहती हैं?
पीड़िता के माता-पिता चाहते हैं कि मामले में जल्द कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि अगर संभव हो तो एक-दो महीने के भीतर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो. दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सजा का फैसला अदालत करेगी और उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है.

घटना के समय आपकी बेटी और उसके दोस्त ने जिस तरह हिम्मत दिखाई, उसे कैसे देखते हैं?
पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि दोनों बच्चों ने मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. परिवार ने बताया कि जब आरोपी उनकी बेटी को ले जाने की कोशिश कर रहा था, तब उसका दोस्त उसके साथ खड़ा रहा. वहीं जब उसके दोस्त को खींचकर ले जाने की कोशिश हुई, तो बेटी ने भी उसका हाथ नहीं छोड़ा. माता-पिता ने दोनों की समझदारी और हिम्मत की पर गर्व करते हुए सराहना की.

पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ को लेकर चल रही चर्चाओं पर क्या कहेंगे?
पीड़िता के परिवार ने कहा कि वे प्रशासन पर भरोसा करते हैं. उन्हें न्याय व्यवस्था पर भी पूरा विश्वास है. परिवार का कहना है कि अधिकारी और अदालत कानून के अनुसार जो फैसला करेंगे, वह उचित होगा. उनका मकसद है कि आगे कोई इस तरह की घटना करने की हिम्मत न करे.

अभी आपकी बेटी की स्थिति कैसी है?
माता-पिता ने बताया कि घटना के बाद उनकी बेटी मुश्किल दौर से गुजर रही है. लेकिन वे उसका हौसला टूटने नहीं दे रहे हैं. परिवार लगातार उसे हिम्मत दे रहा है. उन्होंने कहा कि बेटी को पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग करेंगे.

आपकी बेटी आगे क्या करना चाहती है?
माता-पिता ने बताया कि अभी बेटी ने अपने भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है. उसने कहा है कि 10वीं के बाद वह तय करेगी कि आगे क्या करना है. परिवार का कहना है कि बेटी जो बनना चाहेगी, वे उसका पूरा साथ देंगे.

समाज के लिए आपकी क्या अपील है?
पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि जिस तरह समाज और लोगों ने घटना के बाद परिवार का साथ दिया, उसी तरह आगे भी गलत के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. उनका कहना है कि लोगों की एकजुटता से गलत काम करने वालों में कानून का डर पैदा होगा. उन्होंने अपील की कि किसी भी गलत घटना के खिलाफ आवाज उठाई जाए.

ऐसी घटनाओं का पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है. इस पर क्या कहेंगे?
पीड़िता की मां ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित माहौल जरूरी है. उन्होंने कहा कि मानसिकता में बदलाव होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कम पढ़े-लिखे लोगों की सोच में ही बदलाव की जरूरत नहीं है. कई पढ़े-लिखे लोगों की सोच में भी बदलाव जरूरी है. लड़के और लड़की को साथ देखने का नजरिया बदलना होगा.

सरकार और प्रशासन से आपकी अंतिम मांग क्या है?
पीड़िता के माता-पिता की मांग है कि मामले में जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई हो. दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी हो. उन्हें कानून के अनुसार सजा मिले. परिवार का कहना है कि कार्रवाई ऐसी हो कि भविष्य में कोई भी मनचला इस तरह की घटना करने से पहले कानून का डर महसूस करे.

पीड़िता के माता-पिता ने इस पूरी घटना में अपनी बेटी और उसके दोस्त की हिम्मत को याद किया. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. परिवार ने पुलिस, प्रशासन और समाज से मिले सहयोग के लिए भी आभार जताया. साथ ही उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर उसे पूरा सहयोग देने की बात कही.



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