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PCOS Symptoms in Young Girls: कम उम्र की लड़कियों में PCOS और PMS जैसी समस्याएं बढ़ती चिंता का विषय हैं. अनियमित पीरियड्स, अचानक वजन बढ़ना, चेहरे पर ज्यादा बाल और लगातार मुंहासे इसके संकेत हो सकते हैं. तनाव, खराब खान-पान, देर रात तक जागना और वजन में बदलाव हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं. हालांकि, PCOS का कारण हर महिला में अलग हो सकता है और जेनेटिक्स भी भूमिका निभा सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए.
नई दिल्ली: आजकल कम उम्र की लड़कियों में PCOS और PMS जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर ज्यादा बाल, मुंहासे और अचानक वजन बढ़ना इसके कुछ लक्षण हो सकते हैं. कई बार लड़कियां इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इन संकेतों को हल्के में लेना सही नहीं है. PCOS सिर्फ ओवरी से जुड़ी समस्या नहीं है. इसका संबंध हार्मोनल और मेटाबॉलिक हेल्थ से भी हो सकता है.
देर रात तक जागना और स्ट्रेस बढ़ा सकता है परेशानी
आयुर्वेदिक फिजिशियन और महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. पूजा के मुताबिक, आज की लाइफस्टाइल का असर शरीर पर पड़ सकता है. तनाव, प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन, देर रात तक जागना और वजन में लगातार बदलाव जैसी चीजें हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकती हैं. हालांकि, हर महिला में PCOS का कारण एक जैसा नहीं होता. अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही है, तो इसका असर भी हो सकता है. जेनेटिक्स से जुड़ा जोखिम भी इसकी एक वजह हो सकता है.
चेहरे पर बाल और मुंहासे भी हो सकते हैं संकेत
अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अचानक वजन बढ़ना भी एक संकेत हो सकता है. चेहरे पर जरूरत से ज्यादा बाल आने लगें या लगातार एक्ने की समस्या बनी रहे, तो भी ध्यान देना जरूरी है. इन लक्षणों को सिर्फ सामान्य हार्मोनल बदलाव मानकर छोड़ना सही नहीं है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सही जांच और मेडिकल मूल्यांकन करवाना भी जरूरी है.
हर लड़की का इलाज एक जैसा नहीं होता
डॉ. पूजा का कहना है कि PCOS में सभी के लिए एक जैसा इलाज नहीं हो सकता. डॉक्टर मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को देखते हैं. इसके बाद जरूरत के अनुसार ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाता है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए. सोशल मीडिया पर बताए गए घरेलू नुस्खों को भी बिना सलाह के अपनाने से बचना चाहिए.
नींद, डाइट और एक्सरसाइज पर भी दें ध्यान
PCOS को मैनेज करने में सिर्फ दवा की भूमिका नहीं होती. रोज की आदतों का भी अहम रोल हो सकता है. समय पर सोना और उठना जरूरी है. तनाव को मैनेज करने पर ध्यान देना चाहिए. संतुलित खाना खाना चाहिए. इसके साथ ही नियमित फिजिकल एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है. डॉ. पूजा के मुताबिक, PCOS से घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है. सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. जरूरत के मुताबिक इलाज और बेहतर लाइफस्टाइल से इसके लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि हर व्यक्ति के लिए सही तरीका अलग हो सकता है. इसलिए इलाज डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही शुरू करना चाहिए.