Last Updated:
DM Action : उत्तर प्रदेश के बरेली में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त कार्रवाई की है. एक बाबू का डिमोशन किया. वहीं, एक को बर्खास्त कर दिया. इसके अलावा अब तीन लोगों पर तलवार लटकी हुई है.
डीएम अविनाश सिंह.
Bareilly News : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक बड़ा अजब गजब मामला सामने आया है. यहां एक बाबू तीन बार टाइपिंग टेस्ट में फेल हो गया. फिर भी उसकी टाइपिंग में कोई सुधार नहीं आया. इस पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की और बाबू का डिमोशन कर दिया. वहीं, एक कनिष्ठ सहायक को बर्खास्त कर दिया गया है. इसके अलावा, अन्य कर्मचारियों को चेतावनी जारी कर टाइपिंग टेस्ट पास करने का अंतिम मौका दिया गया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
मृतक आश्रित कोटे में मिली थी नौकरी
प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कार्रवाई की. मीरगंज तहसील में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात कर्मचारी रेहान खान को मृतक आश्रित कोटे के तहत साल 2021 में नियुक्ति मिली थी. नियम के अनुसार, कनिष्ठ सहायक पद के लिए कंप्यूटर टाइपिंग आना अनिवार्य है. रेहान को टाइपिंग में सुधार के लिए लगातार 3 बार अवसर दिए गए, लेकिन वह तीनों बार फेल रहा.
दूसरा मामला यहां का
शासन के निर्देशों और जीओ के तहत कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने रेहान खान का डिमोशन कर उसे कनिष्ठ सहायक से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) के पद पर तैनात करने का आदेश दे दिया. वहीं, दूसरा मामला फरीदपुर का है. यहां कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात रहे अंशु वर्मा (शर्मा) पर राजस्व वसूली के पैसों के गबन का आरोप था. उसने अमीनों द्वारा जमा कराई गई राजस्व राशि को सरकारी खाते में जमा करने के बजाय अपने व्यक्तिगत खाते में डालकर हड़प लिया था.
अंशु वर्मा को सेवा से बर्खास्त
वर्ष 2015-16 में उसे पहले भी बर्खास्त किया गया था, जिसके बाद मामला ट्रिब्यूनल में चला गया. ट्रिब्यूनल के आदेश पर एडीएम सिटी की अध्यक्षता में फिर जांच कमेटी गठित की गई. जांच के दौरान आरोप पत्र में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह सिद्ध पाए गए. इसके आधार पर जिलाधिकारी ने सख्त एक्शन लेते हुए अंशु वर्मा को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया.
इन 3 अधिकारियों पर लटकी तलवार
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने टाइपिंग टेस्ट में कमजोर तीन अन्य कर्मचारियों को सुधार का अंतिम अवसर भी दिया है. कंचित चौधरी, राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को निर्धारित टाइपिंग मानक पूरा करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है.