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Greater Noida Bus Accident Painful Story: नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बस हादसे में जान गवाने वालों में नोएडा की श्रुति भी शामिल थीं, जो अपनी बहन का जन्मदिन मनाने जालौर जा रही थीं. श्रुति के मंगेतर मोहित ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी श्रुति से आखिरी बात कब हुई थी और श्रुति ने क्या कहा था.
यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार, 23 सितंबर को भयानक बस हादसा हुआ, जिसने 9 लोगों की जान ले ली. दरअसल इस बस में अचानक आग लग गई, जिसके बाद कई यात्री बस में ही फंस गए, बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जान चली गई. इस हादसे में जान गंवाने वालों में श्रुति भी शामिल थी. श्रुति अपनी बहन का जन्मदिन मनाने जालौन के उरई जा रही थी. श्रुति को छोड़ने उसका मंगेतर मोहित शर्मा कश्मीरी गेट बस स्टैंड तक आया था. लेकिन श्रुति और उसके मंगेतर को यह पता नहीं था कि ये उनकी आखिरी मुलाकात होगी.
मंगेतर मोहित की शादी श्रुति से नवंबर के महीने में होने वाली थी और दोनों एक-दूसरे को पिछले 7 महीने से डेट कर रहे थे. मोहित ने TOI से बात करते हुए बताया कि श्रुति को बस में बैठाने के बाद मैं उसके पीछे 22 किलोमीटर तक स्कूटी से गया था और बस के नोएडा पहुंचने के बाद मोहित वापस चला आया. तब तक दोनों फोन पर लगातार बात करते रहे. मोहित ने कहा, ‘प्यार में, हम उस व्यक्ति से आसानी से विदा नहीं ले पाते जिससे हम जुड़े होते हैं.’
श्रुति के साथ जाने वाला था मंगेतर मोहित
मोहित ने बातचीत में बताया कि उसकी श्रुति से लगभग 50 मिनट तक बात हुई, जिसके बाद श्रुति ने उसे वापस घर जाने के लिए कहा. मोहित, श्रुति के साथ जाना चाहता था, लेकिन काम की वजह से वो साथ नहीं जा सका. मोहित ने कहा कि आखिरी बार उसने 10:19 बजे फोन किया था और कहा कि घर पहुंचकर वह उसे फोन करेगी, यह मोहित और श्रुति की आखिरी बातचीत थी. इसके बाद श्रुति ने गुड नाइट बोलकर फोन रख दिया.
सुबह लड़की के परिवार ने मोहित को दी जानकारी
मोहित ने TOI से आगे बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे श्रुति की बहन जब उसे लेने बस स्टैंड पहुंची तो उसे पता चला कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बस के साथ अग्निकांड हुआ है. श्रुति के परिवार के बार-बार फोन करने के बाद मोहित ने फोन उठाया, तब उसे घटना के बारे में जानकारी मिली. पहले वह भागता-भागता जेवर के कैलाश हॉस्पिटल पहुंचा, जहां उसे उत्कर्ष का नंबर मिला, जो इस घटना का गवाह था. उत्कर्ष ने पूरी घटना विस्तार से बताई.
नोएडा में काम करते थे श्रुति और मोहित
इसके बाद मोहित श्रुति को ढूंढता हुआ दूसरी जगह गया, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि श्रुति मिल जाएगी. लेकिन अब श्रुति उसे छोड़कर जा चुकी थी. मोहित ने कहा कि उसके दिमाग में कल शाम की बात ही परेशान कर रही थी कि शायद वह इस घटना को रोक सकता था. अगर वह श्रुति के साथ चला जाता, तो वह उसे बचा सकता था. उसने बताया कि श्रुति नोएडा में एक IT कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के पोस्ट पर काम करती थी और वह अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए IIT दिल्ली के ‘परम प्रज्ञा प्रोजेक्ट’ पर काम कर रहा है.