Trump Balance India China : जिनपिंग के लिए रेड कारपेट, पीएम मोदी के साथ युद्ध वाली डील, ट्रंप घुटनों पर आ गए?

Trump Balance India China : जिनपिंग के लिए रेड कारपेट, पीएम मोदी के साथ युद्ध वाली डील, ट्रंप घुटनों पर आ गए?


अभी ब्रिक्स की जब मीटिंग हुई थी तो उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि किसी एक की मनमानी नहीं चलेगी. अब वक्त आ गया है कि सबको साथ चलना होगा. ये वर्ल्ड ऑर्डर को बदल डालने का खुला ऐलान था. और आप आज की डेट में देखिए कि वर्ल्ड ऑर्डर कैसे हिल गया है. जो ट्रंप किसी को कुछ नहीं समझते नहीं थे. वो ट्रंप भारत को भी डोरे डाल रहे हैं और चीन को भी सेट कर रहे हैं. वहां अमेरिका में ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए रेड कारपेट बिछा रहे हैं. बॉम्बर उड़वा रहे हैं. और यहां ट्रंप के सबसे करीबी अमेरिका और भारत की सैन्य शक्ति का डंका बजा रहे हैं

एक तरफ चीन का स्वागत, दूसरी तरफ भारत पर डाल रहे डोरे

दुनिया भर को धमकाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने एकदम से ऐसी लाइन बदली है कि लोग हैरान है कि ट्रंप को क्या हो गया है. डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ऐसी खातिरदारी करने में जुटे हैं, जो अमेरिका के इतिहास में 50-60 साल में कभी नहीं हुआ. लेकिन सिर्फ चीन की बात नहीं है.

ट्रंप उधर चीन को सेट करने में जुटे हैं. तो इधर भारत पर भी डोरे डालने में ट्रंप कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. यहां भारत-अमेरिका का साझा सैन्य अभ्यास हो रहा है और इसे देखने के लिए ट्रंप के बेहद करीबी और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ग्राउंड पर पहुंच गए.

मुनीर वाली हो गई ट्रंप की हालत

ट्रंप ने जब से मुनीर को दोस्त बनाया है तब से ट्रंप की उसी तरह से बेइज्जती हो रही है जिस तरह की बेइज्जती की आदत मुनीर और पाकिस्तान को है. दो ऐसी तस्वीरें आई हैं जिन पर ट्रंप का खूब मजाक उड़ रहा है. एक तस्वीर तो जिनपिंग के लिए दरी बिछाने वाली है दूसरी तस्वीर बॉम्बर उड़ाने वाली है

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब तीन दिन के दौरे पर पहुंचे तो ट्रंप सारे प्रोटोकॉल तोड़कर खुद वेलकम के लिए पहुंच गए. शी जिनपिंग का प्लेन जब अमेरिका के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पर उतरा तो ट्रंप वेलकम करने के लिए सामने खड़े थे. ट्रंप एकदम सीढ़ियों के पास जाकर खड़े हो गए. उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी साथ में मौजूद थीं. सामने से जब शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ सीढ़ियों से नीचे उतरकर आए तो दोनों ने हैंडशेक कर एक-दूसरे का अभिवादन किया. ट्रंप दस्ताने और ओवरकोट पहने हुए थे. लेकिन जिनपिंग से हाथ मिलाने के लिए उन्होंने अपना दस्ताना तक उतार दिया. ट्रंप झुके भी लेकिन जिनपिंग डटकर खड़े रहे.

जिनपिंग के स्वागत में बिछ गए ट्रंप

शी जिनपिंग के स्वागत के लिए लगभग 100 फीट लंबा रेड कार्पेट बिछाया गया था. रेड कार्पेट के दोनों ओर 21 गार्ड्स सलामी के लिए खड़े थे. सामने की ओर तीन-तीन गार्ड्स दोनों देशों का नेशनल फ्लैग लेकर खड़े थे. दोनों देशों के झंडे के पास राष्ट्रगान गाया गया. US एयर फोर्स बैंड ने परफॉर्म किया. इस दौरान गन सैलूट की बारी आई. एक के बाद एक कई गोले दागे गए. एकदम माहौल बन गया. अमेरिका में ऐसा बहुत कम होता है कि किसी विदेशी नेता के वेलकम के लिए वहां का राष्ट्रपति खुद एयरपोर्ट जाए.

सालों पहले 1962 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन से मिलने के लिए जॉन एफ कैनेडी बेस तक पहुंचे थे. लेकिन ट्रंप ने जिनपिंग के वेलकम में बिछ गए. खुद एयरपोर्ट पहुंच गए, रेड कारपेट बिछा दिया. ऊपर से बॉम्बर उड़वा दिए. जिनपिंग के स्वागत में दो B-1 लांसर बॉम्बर ने मिलिट्री फ्लाईओवर के साथ वेलकम किया. अमेरिका का ये सुपरसोनिक जेट पलक झपकते ही दुश्मन के ठिकानों का नामोनिशान मिटाने की ताकत रखता है. जब ये गुजरता है तो इसकी तेज गूंज दूर तक सुनाई देती है.

लेकिन जब ये B-1 लांसर बॉम्बर सिर के ऊपर से गुजरा तो ट्रंप का रिएक्शन देखने लायक था. फेस एक्प्रेशन एकदम से बदल गया. मुंह बनाने लगे. लेकिन उनके ठीक बगल में खड़े जिनपिंग को कोई फर्क ही नहीं पड़ा. जिनपिंग ने बाएं देखा फिर दाएं देखा, ये क्या ही चीज है. कुछ नहीं. शी जिनपिंग के चेहरे का भाव ही नहीं बदला. कोई लोड ही नहीं लिया.

इस वीडियो को लेकर अमेरिका में ट्रंप का बहुत मजाक उड़ रहा है. लोग कह रहे हैं कि ट्रंप ने खुद को चमकाने के लिए B-1 बॉम्बर को बहुत नीचे उड़ाया लेकिन ये पैंतरा बैकफायर कर गया है. लोग कह रहे हैं कि ट्रंप इतना चौंक क्यों रहे हैं, ये अरेंजमेंट तो उन्होंने की करवाया है. अमेरिका में लोग कह रहे हैं कि एक बार फिर ट्रंप ने फजीहत करवा दी

इन सब के अलावा बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट के टरमैक पर छह F-16 और छह F-22 फाइटर जेट भी खड़े किए गए थे. जब B-1 लांसर बॉम्बर आसमान में गरज रहे थे तब जमीन पर अमेरिकी सेना के 479 सैनिक गार्ड ऑफ ऑनर दे रहे थे. देखिए पायलट, गार्ड्स और अमेरिकी एयरफोर्स की बैंड टीम कैसे एक कतार में खड़ी है. ये सारा स्पेशल अरेंजमेंट शीं जिनपिंग को इम्प्रेस करने के लिए किया गया था.

चीन के साथ भारत को भी पटाने में जुटे ट्रंप

उधर जिनपिंग के लिए ट्रंप बिछे हुए हैं, इधर ट्रंप ये भी कोशिश कर रहे हैं कि भारत भी सेट हो जाए. क्योंकि उधर अमेरिका में ट्रंप अगर जिनपिंग के लिए फाइटर जेट उड़वा रहे है तो इधर भारत के साथ मिलकर तोप भी चला रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच ज्वाइंट एक्सरसाइज चल रही है. इसे देखने के लिए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी पहुंच गए. सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी और भारतीय सेना को एक साथ ट्रेनिंग करते हुए देखना वाकई में प्रभावशाली है. ये भारत और अमेरिका की डिफेंस पार्टनरशिप की ताकत को दर्शाता है.

भारत-अमेरिका के बीच चल रही ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज

भारत और अमेरिकी सेना के बीच ये ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज राजस्थान और उत्तराखंड में चल रही है. बीकानेर में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में तोपें गरज रही है. दोनों देशों की सेना आमने-सामने की लड़ाई वाले हालात को ध्यान में रखकर युद्धाभ्यास कर रही है. जंग के दौरान तोप की तैनाती, सेना के बीच तालमेल, जवाबी गोलाबारी और वॉर के बीच शूट एंड स्कूट वाली प्लानिंग की एक्सरसाइज चल रही है. युद्धाभ्यास के दौरान देखिए कैसे होवित्जर तोप से ताबड़तोड़ फायरिंग की जा रही है.

जमीन पर तोपों की फायरिंग और आसमान में अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर की गूंज भी सुनाई दे रही है. लड़ाकू हेलीकॉप्टर और जमीनी सैनिक एक-दूसरे के साथ कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं. इसकी भी प्रैक्टिस चल रही है. अपाचे की मौजूदगी ने युद्ध अभ्यास को और भी खास बना दिया है.

टैरिफ की धमकी के देने वालों के कैसे बदले सुर?

सोचिए ये वही अमेरिका है जो टैरिफ की धमकी देता है. जिसके नेता कह रहे थे कि रूस के साथ डील करने में भारत अपना रवैया बदले. लेकिन कैसे सबके सुर बदले हुए है, उसका एक और उदाहरण देखिए कि ट्रंप के एक और करीबी हैं मार्को रुबियो, जो अमेरिका के विदेश मंत्री हैं, उन्होंने कहा है कि टैरिफ वाली फाइल रखी है, जब जरूरत होगी तब इस्तेमाल होगा. सुनिए मार्को रुबियो को अमेरिका के सुर अगर बदले हैं तो वो भारत चीन और ब्रिक्स की ताकत असर है. क्योंकि ब्रिक्स में पीएम मोदी ने क्लियर कट कह दिया था कि किसी एक के हिसाब से चीजें नहीं चलेंगी.

इसी के बाद से ट्रंप बदले बदले नजर आ रहे हैं. शी जिनपिंग का जो स्वागत चल रहा है, भारत के साथ जो ड्रिल चल रही है, वो सब इसी का नतीजा है.

पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग की तिकड़ी ने उतारा ट्रंप का भूत

ब्रिक्स के मंच से मोदी-पुतिन और जिनपिंग की तिकड़ी ने जो जलवा दिखाया था उसका असर ये हो रहा है कि अब सबको सेट करने में लगे हैं. टैरिफ टैरिफ का माहौल बनाने वाले ट्रंप ने चीन को राहत दे दी है. अमेरिका और चीन के बीच इस वक्त आर्थिक मोर्चे पर तनातनी चल रही है. अमेरिका ने चीन को धमकी दी हुई है कि अगर द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित नहीं करेगा. तो उस पर टैरिफ लगा देंगे. अमेरिका ने इसके लिए 10 नवंबर तक की तारीख तय की थी. जिसे अब आगे बढ़ाकर 10 जनवरी कर दिया गया है

अमेरिका और चीन के तनातनी को टालकर ट्रंप पॉजिटिव मैसेज दे रहे हैं. दूसरी तरफ ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को भी G-20 में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है. ताकी अमेरिका में होने वाले G-20 सम्मेलन में पुतिन और जेलेंस्की की भी मुलाकात हो जाए.

भारत-चीन के बीच में क्या चल रहा

इधर शी जिनपिंग ट्रंप को समझा रहे हैं, उधर चीन भारत के साथ दोस्ती की बातें कर रहा है, भारत में चीन के राजदूत ने कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के तौर पर देखा जाना चाहिए. दोनों देश एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं बल्कि विकास के अवसर हैं. दोनों देशों को सही रणनीतिक सोच बनाए रखने के साथ ही रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंध विकसित करने की जरूरत है’. चीन के राजदूत ने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है. यानी इधर शी जिनपिंग अमेरिका में हैं, उधर चीन भारत के साथ दोस्ती बढ़ाने की बातें कर रहा है.

अमेरिका भारत के साथ यु्द्धाभ्यास कर रहा है. चीन भारत के साथ दोस्ती की बात कर रहा है. दोनों देश ये समझ रहे हैं कि जिस तरह से भारत बढ़ रहा है. उसकी ताकत को इग्नोर नहीं किया जा सकता है. और ये सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि नरेंद्र मोदी ने भारत को इकॉनमी का पावरहाउस बनाया हुआ है.



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