Gold Loan Rule : गोल्ड लोन की ईएमआई भरने के बाद भी बैंक रख सकते हैं आपका सोना, छुड़ाने गए हैं तो जान लें इसका नियम

Gold Loan Rule : गोल्ड लोन की ईएमआई भरने के बाद भी बैंक रख सकते हैं आपका सोना, छुड़ाने गए हैं तो जान लें इसका नियम


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Gold Loan Rule : अगर आप अपना गोल्ड लोन पूरा चुका देते हैं, फिर भी बैंक आपके गिरवी रखे सोने के सामान नहीं छोड़ेगा. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में बैंक को यह अधिकार दिया है जिसमें गोल्ड लोन चुकाए जाने के बाद भी संविदा नियमों के तहत गिरवी रखे गहनों को अन्य लोन के चुकता होने तक बैंक ने जमा रखा है.

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गोल्ड लोन चुकाने के बाद भी बैंक गिरवी रखा सोना अपने पास रख सकते हैं.

नई दिल्ली. देश में गोल्ड लोन की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रही है. मिनिमम कागजी जरूरतों और हाथोंहाथ पैसे मिलने की सुविधा ने गोल्ड लोन का कारोबार कई लाख करोड़ रुपये पहुंचा दिया है. अगर आपने भी गोल्ड लोन लिया है और उसकी पूरी किस्त या फिर लोन का पूरा पैसा चुकाने के बाद समझ रहे हैं कि बैंक आपकी गिरवी रखी ज्वैलरी वापस दे देगा तो आप गलत हैं. लिहाजा अगर आप बैंक में अपना सोने का सामान छुड़ाने जा रहे तो इस नियम के बारे में जरूर जान लीजिए.

बैंकिंग नियम कहता है कि अगर आपने एक ही बैंक से कई तरह के लोन ले रखे हैं, जिसमें पर्सनल लोन या अन्य किसी तरह का बकाया है तो आप सिर्फ गोल्ड लोन को चुकाकर अपना सोना वापस नहीं ले सकते हैं. बैंक अन्य आउटस्टैंडिंग को पूरा करने के लिए भी आपकी ज्वैलरी को रख सकता है. इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट, 1872 की धारा 171 कहती है कि अगर बैंक का आपके ऊपर कोई बकाया है तो संबंधित ग्राहक के गिरवी रखे सामान को तब तक जमा रख सकता है, जब तक कि सारा बकाया चुकता न हो जाए.

हाईकोर्ट ने भी दिया है फैसला
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल में ही एक फैसला दिया है, जिसमें अपीलकर्ता उपभोक्ता ने अपना गोल्ड लोन पूरी तरह चुका दिया फिर भी बैंक ने उसका गिरवी रखा सोना नहीं लौटाया और उसे अन्य लोन के बदले अपने पास गिरवी रख लिया. कोर्ट ने भी बैंक के इस कदम को सही ठहराया और कहा कि संविदा का कानून इस तरह की छूट देता है. इसके साथ ही कोर्ट ने बैंक को गिरवी रखा सोना तब तक अपने पास रखने की छूट दे दी, जब तक सारा लोन चुकता नहीं हो जाता है.

बैंक कब रख सकते हैं गिरवरी सोना
अगर सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने वाले उपभोक्ता का उसी बैंक में अन्य कोई लोन चल रहा है तो गोल्ड लोन चुकता होने के बावजूद बैंक उसे अपने पास रख सकता है, जब तक कि दूसरा लोन भी पूरी तरह चुकता नहीं हो जाता है. हालांकि, इसे लेकर गिरवी के कॉन्ट्रैक्ट में पहले से प्रावधान बनाना होगा. सुप्रीम कोर्ट के वकील अमृतराज कौशल का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकों को गोल्ड लोन के हर मामले में ईएमआई चुकाने के बावजूद सोने को गिरवी रखे रहने का अधिकार मिल जाता है.

क्या हैं ग्राहकों के अधिकार 
कौशल का कहना है कि ग्राहकों को यह समझना होगा कि बैंकों को उनके लोन को गिरवी रखे रहने का अधिकार तभी मिलता है, जबकि गोल्ड लोन के समय किए गए कॉन्ट्रैक्ट में इसका उल्लेख पहले से हो. आंध्र प्रदेश के इस मामले में गोल्ड लोन लेने वाला व्यक्ति पहले से ही एक और लोन में को-अप्लीकेंट था, जिसकी वजह से बैंक उसके गोल्ड लोन चुकाने के बावजूद गिरवी रखे सोने को अपने पास रखे रह सकता है.



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