बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की हालत क्या है, इसका अंदाजा वहां के हिंदुओं के नरसंहार से लगाया जा सकता है. यहां पर महिलाएं और स्कूल की बच्चियां भी कतई सुरक्षित नहीं हैं. हाल ही में एक मदरसे से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां का शिक्षक ही ‘भेड़िया’ बन गया है. इस शिक्षक ने बुर्के में दिख रही एक महिला के साथ जो किया, वो देखकर हर किसी की रूह कांप गई. एहसानुल हक नाम के इस टीचर का एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें वो मौका देखकर महिला को बार-बार गलत तरह से छूता दिखाई दे रहा है. लोगों का दिल ये सोचकर बैठा जा रहा है कि कहीं बुर्के में ये महिला कोई स्टूडेंट तो नहीं.
मदरसे के अंदर टीचर का घिनौना खेल
ये मामलानेत्रकोना जिला मुख्यालय स्थित एन अकंद कामिल मदरसे का है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है. मदरसे के एक लेक्चरर मौलाना एहसानुल हक का एक विवादित CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो एक कमरे के भीतर काले बुर्के और नकाब में मौजूद महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद मदरसा प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को तुरंत सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए एक विशेष जांच समिति गठित की गई है और स्थानीय प्रशासन को भी इसकी लिखित सूचना दे दी गई है.
मदरसे के CCTV फुटेज में क्या नजर आया?
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ये वीडियो मंगलवार, 22 सितंबर को सामने आया. ये फुटेज करीब 2 मिनट 10 सेकंड का है, जिसमें कमरे के अंदर की पूरी घटना साफ दिखाई दे रही है.
वीडियो में दिखता है कि मौलाना एहसानुल हक एक कमरे में काले रंग के बुर्के और नकाब में बैठी एक महिला के साथ मौजूद हैं. फुटेज में मौलाना की हरकतों से साफ जाहिर होता है कि उन्हें किसी के आ जाने का डर था. वो बार-बार कमरे के दरवाजे और खिड़कियों से बाहर की तरफ देखता है ताकि ये पक्का कर सके कि कोई उन्हें देख तो नहीं रहा.
इसी दौरान वो कमरे में मौजूद महिला को बार-बार छूता है और उसे गले लगाते हुए नजर आता है. कुछ देर तक ये सब चलने के बाद वो महिला कमरे से बाहर निकल जाती है. ये पूरा वाकया वहां लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और जैसे ही ये फुटेज इंटरनेट पर पहुंचा, देखते ही देखते वायरल हो गया. ये सोच-सोच कर लोगों का दिल बैठा जा रहा कि कहीं ये महिला कोई स्टूडेंट तो नहीं, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.
कौन है आरोपी मौलाना एहसानुल हक?
मामले में नामजद आरोपी मौलाना एहसानुल हक एन अकंद कामिल मदरसे में बतौर शिक्षक कार्यरत था. वो मदरसे के अल हदीस और इस्लामिक स्टडीज विभाग में लेक्चरर के पद तैनात था.
मदरसा प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, मौलाना एहसानुल हक एक गैर-एमपीओ शिक्षक था. इसका मतलब ये है कि वो सरकारी वेतन के दायरे से बाहर थे और मदरसे की तरफ से ही नियुक्त किया गया था. धार्मिक और नैतिक शिक्षा देने वाले एक शिक्षक का ऐसा वीडियो सामने आने के बाद मदरसे के अन्य स्टाफ और छात्रों के बीच भी काफी हैरानी है.
मदरसा प्रशासन का एक्शन और सस्पेंशन
जैसे ही ये वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, एन अकंद कामिल मदरसे के प्रिंसिपल मोहम्मद अब्दुल बातेन ने इस पर तुरंत कड़ा एक्शन लिया. उन्होंने बिना कोई देर किए आरोपी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की. प्रिंसिपल ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस वीडियो और घटना का पता चला, उन्होंने मौलाना एहसानुल हक को तुरंत सस्पेंड कर दिया. उनका कहना है कि किसी भी मदरसे या पढ़ाई-लिखाई की जगह पर ऐसा बर्ताव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब बात अनुशासन और मर्यादा की हो.
उन्होंने ये भी साफ किया कि घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दी गई है ताकि सरकारी स्तर पर भी जरूरी कदम उठाए जा सकें.
जांच समिति का गठन और कानूनी प्रक्रिया
घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है, ये वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और कमरे में मौलाना के साथ मौजूद महिला कौन थी? इन सभी सवालों के जवाब पाने के लिए मदरसा प्रशासन ने एक जांच समिति बनाई है.
प्रिंसिपल के अनुसार, ये समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल करेगी. CCTV फुटेज की सच्चाई जांचने के साथ-साथ ये भी पता लगाया जाएगा कि ये मामला किस तारीख और समय का है.
जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपी शिक्षक के खिलाफ आगे की सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में आरोप पूरी तरह साबित होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ नौकरी से स्थायी बर्खास्तगी और पुलिस कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाएंगे.
क्या महिला मदरसे की छात्रा थी? पहचान पर सस्पेंस
इस पूरी घटना में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का कारण बनी हुई है, वो है वीडियो में दिख रही महिला की पहचान. सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि बुर्के में नजर आ रही महिला मदरसे की ही एक छात्रा है.
हालांकि, मदरसा प्रशासन ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है. जब प्रिंसिपल मोहम्मद अब्दुल बातेन से महिला की पहचान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दावा किया है कि अभी तक महिला की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है.
क्योंकि महिला ने पूरी तरह से काला बुर्का और नकाब पहन रखा था, इसलिए केवल वीडियो देखकर पहचान कर पाना मुमकिन नहीं है. जांच समिति इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या वो महिला वाकई मदरसे की छात्रा थी या कोई और.
इलाके में चर्चा का माहौल और अभिभावकों की चिंता
CCTV फुटेज वायरल होने के बाद से ही नेत्रकोना इलाके में ये मामला मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
स्थानीय निवासियों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा देने वाले संस्थानों में ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं. अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और माहौल को लेकर अपनी चिंता जताई है. फिलहाल सभी को जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है. मदरसा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सच्चाई सामने आते ही कड़े कदम उठाए जाएंगे.