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Varanasi News: पूरा मामला वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के पिशाच मोचन कुंड का है. बुधवार की सुबह पिशाच मोचन कुंड में एक युवक की डूबने से मौत हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस में मुआयना किया और बॉडी का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. मगर, फिर जो हुआ आइए जानते हैं.
शव को ले जाते परिजन.
वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक बड़ा ही गजब का मामला सामने आया है. यहां एक शख्स के तालाब में डूबने से जान चली गई. जब पुलिस शव को लेकर अस्पताल पहुंची तो परिवार वाले भी पहुंच गए. फिर पुलिस कर्मियों को धक्का देकर शव को ई-रिक्शा में रखकर फरार हो गए. बाद में जब मामला बड़े पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा तो परिवार वालों को समझाया गया. इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव फिर अस्पताल ले जाया गया.
पूरा मामला वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के पिशाच मोचन कुंड का है. बुधवार की सुबह पिशाच मोचन कुंड में एक युवक की डूबने से मौत हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस में मुआयना किया और बॉडी का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. मृत व्यक्ति का नाम राजकुमार था और वह पिशाचमोचन का ही निवासी था.
दो पुलिसकर्मी बॉडी को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां पहले से मौजूद परिजनों से हंगामा कर दिया. परिजन पुलिसकर्मियों के कब्जे से शव छिनने लगे. सुरक्षा में तैनात दोनों पुलिसकर्मी घरवालों से शव लेने के लिए मशक्कत करने लगे, लेकिन भीड़ ने उन्हें धकेल दिया. हाथापाई करने लगे, मजबूरन उन्हें पीछे हटना पड़ा. अंत में ई-रिक्शा से परिजन बॉडी लेकर चलते बने.
पुलिस अधिकारियों को जब यह बात पता चली, तो अफरा तफरी का माहौल बन गया, आनन-फानन में पुलिस अधिकारी मृत युवक के घर पहुंची और परिजनों को समझा बुझाकर वापस बॉडी अपने कब्जे में ली. एसीपी चेतगंज ने बताया कि परिजनों को पोस्टमार्टम को लेकर विरोध था. उन्हें समझाया गया कि पोस्टमार्टम जरूरी है तब जाकर परिजन माने. पुलिस दोबारा डेड बॉडी अस्पताल लेकर पहुंची और कड़ी सुरक्षा में पोस्टमार्टम की कार्रवाई आगे बढ़ाई. वहीं इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हुआ है.