बंगाल की खाड़ी में हलचल ने बढ़ाई बिहार-झारखंड में टेंशन, इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान

बंगाल की खाड़ी में हलचल ने बढ़ाई बिहार-झारखंड में टेंशन, इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान


पटना: बंगाल की खाड़ी में मौसम का मिजाज बदल गया है. पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव (Deep Depression) बना हुआ है. यह मौसम सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में मौसम खराब होने की संभावना है. वहीं, बिहार और झारखंड में भी बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. बता दें कि झारखंड के कई इलाकों में बारिश शुरू हो चुकी है. राजधानी रांची में भी 23 सितंबर की सुबह से बारिश हो रही है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल गहरे दबाव की स्थिति में है. आगे चलकर इसकी दिशा और ताकत में बदलाव हो सकता है. इसे चक्रवात में बदलने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि यह चक्रवाती तूफान का रूप लेगा या नहीं. अगर यह सिस्टम चक्रवात में बदलता है, तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका नाम ‘अर्नब’ रखा जा सकता है. वहीं मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि यह सिस्टम चक्रवात में बदल सकता है.

बिहार में अगले दो दिन तेज बारिश का अनुमान
इस मौसम सिस्टम का सबसे अहम असर बिहार में देखने को मिल सकता है. राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, समस्तीपुर और वैशाली में भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ गरज और बिजली की स्थिति बन सकती है. लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या भी बढ़ सकती है. वहीं, गया, नवादा, पटना, जहानाबाद, नालंदा, जमुई और बांका समेत दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. बारिश का असर खेती और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है. पहले से जलजमाव वाले इलाकों में लोगों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है.

झारखंड में तीन से चार दिन बारिश
झारखंड में भी इस मौसम सिस्टम का असर लंबे समय तक रहने का अनुमान है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान तेज बारिश हो सकती है. कई इलाकों में लगातार बादल छाए रह सकते हैं. कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ गरज और बिजली भी हो सकती है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण झारखंड और पश्चिम बंगाल के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. गंगीय पश्चिम बंगाल से लेकर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक बारिश बढ़ने का अनुमान है.

पूर्वी भारत में बढ़ेगी बारिश
डीप डिप्रेशन के आगे बढ़ने के साथ इसका असर पूर्वी भारत के दूसरे हिस्सों में भी पहुंच सकता है. बिहार और झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश बढ़ सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 सितंबर को अच्छी बारिश होने का अनुमान है. इसके बाद सिस्टम कमजोर होने के साथ बारिश का दायरा धीरे-धीरे बदल सकता है.

और कौन से राज्य होंगे प्रभावित
लैंडफॉल के समय ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है. आंध्र प्रदेश के उत्तरी जिलों में भी तेज बारिश का अनुमान है. तेज हवाएं चल सकती हैं. समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. तेलंगाना में भी अगले 48 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखेगा. राज्य के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक अच्छी बारिश का अनुमान है. खासकर उत्तरी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है.

26 सितंबर के बाद कमजोर होगा सिस्टम
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम अगले दो दिनों तक ज्यादा सक्रिय रह सकता है. इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. 26 सितंबर के आसपास इसकी ताकत कम हो सकती है. इसके बाद पश्चिमी हवाएं फिर से सक्रिय होने लगेंगी. पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है. फिलहाल बिहार और झारखंड के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत है. खासकर उन जिलों में सावधानी जरूरी है, जहां पहले से जलजमाव या बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. तेज बारिश के दौरान नदी, नहर और निचले इलाकों के आसपास जाने से बचना भी जरूरी होगा.



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