IAS C Vanmathi Success Story: कुछ सपने ऐसे होते हैं जो गरीबी, समाज और हालात – तीनों को चुनौती देकर पूरे होते हैं. तमिलनाडु के इरोड जिले की रहने वाली सी. वनमथी (C. Vanmathi) की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है. बचपन में घर चलाने के लिए भैंसें चराने वाली यह लड़की कभी कम उम्र में शादी के दबाव से लड़ी, तो कभी परिवार की आर्थिक परेशानियों से. लेकिन उन्होंने अपने सपने को टूटने नहीं दिया. मेहनत, पढ़ाई और हिम्मत के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 152 हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं. उनकी कहानी बताती है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए सबसे बड़ी ताकत पैसे नहीं, बल्कि मजबूत इरादे होते हैं.
गरीबी में बीता बचपन, भैंस चराकर की परिवार की मदद
दरअसल, सी. वनमथी का बचपन बेहद साधारण और संघर्षों से भरा रहा. उनके पिता ड्राइवर थे और परिवार की आमदनी बहुत कम थी. घर की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वनमथी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार का हाथ भी बंटाती थीं. वह भैंसें चराती थीं और उनके लिए चारे का इंतजाम भी करती थीं. वहीं, सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और हमेशा आगे बढ़ने का सपना देखा.
12वीं में ही शादी का दबाव, लेकिन चुनी पढ़ाई
वनमथी जिस समुदाय से आती हैं, वहां लड़कियों की कम उम्र में शादी कर देना आम बात मानी जाती थी. जब वह 12वीं कक्षा में थीं, तभी रिश्तेदारों और समाज की ओर से उन पर शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा. हालांकि, उन्होंने साफ फैसला किया कि पहले अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी और अपने पैरों पर खड़ी होंगी. समाज के दबाव के बीच यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया.
एक टीवी सीरियल से मिला IAS बनने का सपना
वनमथी की जिंदगी में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब वह स्कूल के दिनों में ‘गंगा यमुना सरस्वती’ नाम का टीवी सीरियल देखा करती थीं. इस धारावाहिक में एक महिला IAS अधिकारी का किरदार दिखाया गया था. उस किरदार का सम्मान, जिम्मेदारी और समाज पर उसका प्रभाव देखकर वनमथी काफी प्रेरित हुईं. उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि वह भी एक दिन IAS अधिकारी बनेंगी.
BCA और MCA के बाद शुरू की UPSC की तैयारी
अपने फैसले पर कायम रहते हुए वनमथी ने अपनी पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन में BCA की डिग्री हासिल की और फिर MCA भी पूरा किया. इसके बाद उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखा.
इंटरव्यू की तैयारी के दौरान आई सबसे बड़ी चुनौती
UPSC के पहले प्रयास में वनमथी इंटरव्यू तक पहुंच गई थीं. लेकिन इसी दौरान उनके पिता अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए. एक तरफ अस्पताल और परिवार की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ देश की सबसे कठिन परीक्षा का इंटरव्यू. इन मुश्किल हालात में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दोनों जिम्मेदारियों को संभालते हुए तैयारी जारी रखी.
AIR 152 हासिल कर बनीं IAS अधिकारी
आखिरकार वनमथी की मेहनत रंग लाई. उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2014 में ऑल इंडिया रैंक 152 हासिल की और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हो गईं. यह सफलता सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि बड़े सपने सिर्फ बड़े साधनों से पूरे होते हैं.