कानपुर: शहर मेट्रो का नेटवर्क अब तेजी से पूरे शहर में फैलने जा रहा है. अभी आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो दौड़ रही है, जबकि कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक का काम भी लगभग पूरा हो चुका है. अब इसके आगे दूसरे कॉरिडोर का काम भी तेजी से चल रहा है. सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ तक बनाए जा रहे इस कॉरिडोर में दिसंबर तक ट्रायल रन कराने की तैयारी है. यानी आने वाले महीनों में कानपुर के एक बड़े हिस्से को मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी. सबसे खास बात यह है कि कॉरिडोर वन और कॉरिडोर टू के हिस्से पूरे होने के बाद शहर के उत्तर से दक्षिण तक आने-जाने का तरीका काफी बदल जाएगा. जाम से जूझने वाले लोगों के लिए मेट्रो एक तेज और सुविधाजनक विकल्प बनकर सामने आएगी. इससे 25 लाख से ज्यादा आबादी को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है.
आईआईटी से सेंट्रल तक 14 स्टेशन, अब नौबस्ता की बारी
कानपुर में मेट्रो का सफर दिसंबर 2021 में शुरू हुआ था. उस समय आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक मेट्रो चलाई गई थी. इस रूट पर आईआईटी कानपुर, कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, सीएसजेएमयू, गुरुदेव चौराहा, रावतपुर, एलएलआर और मोतीझील स्टेशन बनाए गए थे. इसके बाद मई 2025 में मेट्रो का विस्तार मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक किया गया. इस हिस्से में चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल स्टेशन जुड़े. इसके साथ आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक कुल 14 स्टेशनों पर मेट्रो दौड़ने लगी.
अब कॉरिडोर वन को नौबस्ता तक बढ़ाया जा रहा है. कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच सात नए स्टेशन बनाए गए हैं. इनमें झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर अंडरग्राउंड हैं. वहीं बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता स्टेशन जमीन के ऊपर हैं. इन स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है और अब संचालन शुरू होने का इंतजार है.
सीएसए से बर्रा आठ तक आठ स्टेशन, दिसंबर में ट्रायल
कानपुर के दूसरे कॉरिडोर पर भी तेजी से काम हो रहा है. सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ तक कुल आठ स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें रावतपुर, काकादेव और डबलपुलिया अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे. वहीं सीएसए विश्वविद्यालय, विजय नगर, शास्त्री चौक, बर्रा सात और बर्रा आठ स्टेशन जमीन के ऊपर बनाए जाएंगे. संयुक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क विभाग पंचानन मिश्रा ने बताया कि कॉरिडोर टू का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. लक्ष्य दिसंबर तक ट्रायल रन शुरू कराने का है. ट्रायल और जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस हिस्से में भी यात्री मेट्रो का सफर कर सकेंगे. इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद सीएसए, रावतपुर, काकादेव, विजय नगर, शास्त्री चौक और बर्रा क्षेत्र सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे शहर के उन इलाकों के लोगों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी सड़क मार्ग से लंबा सफर करना पड़ता है.
32.5 किमी के नेटवर्क पर दौड़ेंगी 39 ट्रेनें
कॉरिडोर टू का काम पूरा होने के बाद कानपुर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करीब 32.5 किलोमीटर तक हो जाएगा. इस पूरे नेटवर्क पर कुल 39 मेट्रो ट्रेनों के संचालन की योजना है. यात्रियों को करीब पांच मिनट के अंतराल में मेट्रो उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी. मेट्रो का नेटवर्क बढ़ने से जीटी रोड, गोविंदपुरी पुल और दादानगर पुल जैसे प्रमुख रास्तों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी. खासकर उत्तर और दक्षिण कानपुर के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा. दूरी के हिसाब से तय होगा किराया: आईआईटी से एक स्टेशन तक 10 रुपये, दो स्टेशन तक 15 रुपये, तीन से छह स्टेशन तक 20 रुपये, सात से नौ स्टेशन तक 30 रुपये, 10 से 13 स्टेशन तक 40 रुपये, 14 से 17 स्टेशन तक 50 रुपये और 18 से 20 स्टेशन तक 60 रुपये किराया होगा. आईआईटी से नौबस्ता तक कुल 20 स्टेशन होंगे.
मौजूदा समय में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के बीच 6-7 मेट्रो ट्रेनों का संचालन हो रहा है. कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच 16 से 22 और सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ के बीच करीब 10 ट्रेनों के संचालन की योजना है. यानी आने वाले समय में कानपुर में मेट्रो सिर्फ कुछ इलाकों की सुविधा नहीं रहेगी, बल्कि शहर के बड़े हिस्से को जोड़ने वाला तेज और सुविधाजनक सफर बन जाएगी.