मध्य प्रदेश में आज No UPI डे, व्यापारियों ने स्कैनर पर डाला काला कपड़ा

मध्य प्रदेश में आज No UPI डे, व्यापारियों ने स्कैनर पर डाला काला कपड़ा


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Bhopal News: मध्य प्रदेश के व्यापारी आज (बुधवार) नो UPI डे मना रहे हैं. व्यापारी दो हजार रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR का विरोध कर रहे हैं. वहीं इंदौर में कांग्रेस ने यूपीआई MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों को ‘नो UPI, ओनली कैश’ लिखे चश्मे बांटे.

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यह व्यापारियों का सांकेतिक विरोध है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश में आज (बुधवार) नो UPI डे मनाया जा रहा है. यह व्यापारियों का सांकेतिक विरोध है. व्यापारी 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर MDR का विरोध कर रहे हैं. व्यापारी UPI स्कैनर पर काला कपड़ा डालकर विरोध जता रहे हैं. उनका कहना है कि थोक किराना बाजार में 90 फीसदी से ज्यादा लेनदेन 2000 रुपये से ऊपर का होता है. MDR के फैसले से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले कैशलेस बिजनेस की आदत डाली और अब चार्ज वसूली की जा रही है. 2000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी साफ नजर आ रही है. वहीं 16 अक्टूबर से राज्य के 4700 पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान का विरोध होगा.

मध्य प्रदेश के व्यापारियों और कारोबारी संगठनों का मानना है कि इस नए शुल्क का सबसे घातक असर कम मार्जिन वाले व्यवसायों जैसे- किराना, पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनाज और मोबाइल व्यापार पर पड़ेगा. इन व्यवसायों में मुनाफा पहले से ही बहुत सीमित होता है. ऐसे में 0.4 प्रतिशत शुल्क कटने से व्यापारियों का मार्जिन पूरी तरह खत्म हो जाएगा. अनुमान के मुताबिक, सिर्फ MDR शुल्क के रूप में भोपाल के कारोबारियों पर 663.152 करोड़ रुपये और इंदौर के कारोबारियों पर करीब 2,265 करोड़ रुपये के भुगतान पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिससे व्यापारी काफी आक्रोशित हैं.

कांग्रेस का अनोखा विरोध
वहीं इंदौर में कांग्रेस ने यूपीआई MDR का अनोखे अंदाज में विरोध जताया. कांग्रेस ने ‘नो UPI, ओनली कैश’ के चश्मे बांटकर विरोध किया. कांग्रेस 2000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर MDR के प्रस्तावित नियम का विरोध कर रही है. कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के नेतृत्व में अनोखा प्रदर्शन किया गया. कांग्रेसियों ने सियागंज और छावनी में व्यापारियों को ‘नो UPI, ओनली कैश’ लिखे चश्मे बांटे. कांग्रेस ने कहा कि UPI पर अतिरिक्त शुल्क से छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है.

अगस्त में 63,628 करोड़ रुपये का UPI लेनदेन
बताते चलें कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त माह में मध्य प्रदेश में कुल 63,628 करोड़ रुपये का UPI लेनदेन हुआ, जिसमें से 28 प्रतिशत हिस्सा अकेले भोपाल और इंदौर का रहा. यूपीआई की करीब 20 फीसदी रकम 2000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजैक्शन की होती है. इस अनुपात के आधार पर भोपाल और इंदौर में करीब 2,928 करोड़ रुपये की राशि एमडीआर के दायरे में आएगी, जिससे 0.4 प्रतिशत की दर से हर महीने लगभग 14.4 करोड़ रुपये का एमडीआर बनेगा.



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