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Azamgarh News: आजमगढ़ में तीन लोगों की हत्या करने वाले अरविंद को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. हत्यारोपित अरविंद घंटों तक पुलिस के नाक में दम किए रखा. हालांकि जब यूपी एटीएस ने मोर्चा संभाला तो उसके कुछ देर बाद ही अरविंद एनकाउंटर में मारा गया. अब पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है.
आजमगढ़ में शख्स ने पत्नी और दो ब्राह्मणों की कर दी हत्या.
आजमढ़ः उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार की शाम को उस वक्त कोहराम मच गया. जब एक घर में ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं. फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हुए तो पता चला कि जिस घर में पिछले चार दिन से पूजा-पाठ चल रहा था, उसमें तीन लोगों की हत्या कर दी गई. मरने वाले में दो पंडित और एक महिला थी. महिला हत्यारोपित की पत्नी थी. इसके बाद आरोपित अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में कैद हो गया. वहीं स्थानीय लोगों से मिली सूचना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल पहुंची और अरविंद को समझाने-बुझाने लगी. लेकिन वह न तो बच्चों को सुरक्षित बाहर भेज रहा था और न ही खुद को पुलिस के हवाले कर रहा था.
बेटियों को रिश्तेदारों के हवाले किया गया
इसके बाद यूपी एटीएस की टीम ने मोर्चा संभाला और फिर आरोपी को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी. इस दौरान उसने बेटे को गोली मारी तो पुलिस ने फिर उसे समझाना शुरू किया. लेकिन इस बीच उसने पुलिस की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की और अरविंद बुरी तरह से घायल हो गया. इसके बाद पुलिस की टीम घर के अंदर पहुंची और घायल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया. जबकि दोनों बेटियों को रिश्तेदारों के हवाले सौंप दिया.
अरविंद ने पूजा बंद करने को कहा था
बताया जा रहा है कि अरविंद पूजा कराने से नाराज चल रहा था. पूजा के चौथे दिन उसने अचानक पूजा बंद करने को कहा. लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी तो फिर उसने अपने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की. इस फायरिंग में दो पंडित की मौत हो गई और फिर अपनी पत्नी से कहा कि तुम्हारी वजह से उसके भाई की मौत हुई है और फिर उसे भी गोली मार दी. बता दें कि आरोपित अरविंद के भाई की करीब 8 साल पहले हत्या हुई थी. परिवार को शक था कि वह भूत बनकर परेशान कर रहा है, जिसके लिए पूजा शुरू की गई थी.