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Guna News: गुना में ज्योतिरादित्य सिंधिया एक श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे, जिसे लेकर ही वह पूर्व विधायक ममता मीना के निशाने पर आ गए हैं. ममता ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपना महाराज वाला मुखौटा उतारना ही नहीं चाहते हैं. वहीं उनके चप्पलों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं और उनसे माफी की मांग भी कर डाली है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.
ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूर्व विधायक ने क्यों घेरा?
Guna News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के तीन दिनों के गुना के दौरे पर हैं. इसी बीच पूर्व विधायक ममता मीना ने एक तीखा वीडियो जारी कर उन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया है. मामला चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के नवलपुरा गांव से जुड़ा है, जहां संघ के विभाग कार्यवाह कदम सिंह मीना के पिता के निधन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सिंधिया शामिल हुए थे. ममता ने आरोप लगाया कि सिंधिया ने सभा स्थल पर अपनी चरण पादुकाएं (जूते-चप्पल) नेताओं, कार्यकर्ताओं और कदम सिंह मीना के परिवार के बीचों-बीच रखवा दीं. उन्होंने इसे ‘घोर निंदनीय कृत्य’ बताते हुए कहा कि यह पूरे मीना समाज और चाचौड़ा क्षेत्र का अपमान है.
ममता मीना ने लगाए गंभीर आरोप
ममता मीना ने अपना आरोप साबित करने के लिए चाचौड़ा विधायक प्रियंका मीणा की फेसबुक पोस्ट का हवाला दिया. वीडियो में ममता ने तंज कसते हुए कहा कि सिंधिया ‘महाराजा वाला मुखौटा’ उतारना ही नहीं चाहते और चरण पादुकाओं को बीच में रखकर मानो ‘पूजन’ करवाने पहुंचे हों, न कि श्रद्धांजलि देने. उन्होंने यह भी कहा कि सिंधिया रात के अंधेरे में गांव पहुंचे, जबकि दिन में जाते तो कम बारिश से सूखी और अब अधिक बारिश से सड़ रही किसानों की फसलें देख पाते.
पूर्व विधायक ने भाजपा जिलाध्यक्ष, स्थानीय विधायक और मंच पर बैठे अन्य पदाधिकारियों को भी निशाने पर लिया. उनका कहना है कि किसी ने भी मौके पर इस अशोभनीय दृश्य पर आपत्ति नहीं जताई, बल्कि विधायक ने खुद उसी तस्वीर को सार्वजनिक कर दिया. ममता मीना ने इसे भी उतना ही निंदनीय बताया जितना मूल घटना को.
ममता मीना ने सिंधिया से माफी की कर डाली मांग
ममता मीना ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से सीधी मांग करते हुए कहा कि उन्हें कदम सिंह मीना और उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्रवासियों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए. ममता ने कांग्रेस से भाजपा में सिंधिया के आगमन का जिक्र करते हुए तंज कसा कि वे केवल पद के लिए पार्टी बदलते हैं और संस्कार पीछे छूट गए. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो यह मुद्दा आगे और तूल पकड़ेगा और क्षेत्र इसे भुला नहीं पाएगा.
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया इन दिनों गुना जिले के गहन दौरे पर हैं, जिसमें प्रशासनिक अमला लगातार उनके साथ है. इस विवाद के बाद जिले की सियासी सरगर्मी और तेज होती नजर आ रही है. भाजपा या सिंधिया कैंप की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.