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Iran-Putin Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो वह देश के बाकी हिस्सों को भी तबाह कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका की मंजूरी के बिना परमाणु कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ा सकता. दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई से मुलाकात कर युद्ध खत्म कराने में मदद का भरोसा दिया. ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत के लिए सात शर्तें रखी हैं.
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने ट्रंप से मुलाकात की है.
Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह करने का फैसला ले सकते हैं. दूसरी तरफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. उन्होंने मॉस्को में ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई से मुलाकात में भरोसा दिया कि रूस युद्ध खत्म कराने के लिए हर संभव कोशिश करेगा. ऐसे में एक तरफ अमेरिका का दबाव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान को रूस का साथ मिलने की उम्मीद है.
ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे- ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बात की. उनसे पूछा गया था कि क्या ईरान के वार्ताकार परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए अमेरिका के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. इस पर ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका की मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, ‘वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर रहे हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. उन्हें परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा.’ ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका जल्द फैसला करेगा कि ईरान के खिलाफ और कार्रवाई की जाए या नहीं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मैं संभव हो तो देश के बाकी हिस्सों को तबाह नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े. आपको जल्द ही पता चल जाएगा.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद ईरान को दोबारा खड़ा होने में 25 साल लग सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि अमेरिका आगे किस तरह की कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है.
पुतिन ने ईरान को दिया भरोसा
इसी बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने गुरुवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के मुताबिक, रेजाई ने बताया कि पुतिन ने युद्ध खत्म कराने में हर संभव मदद का भरोसा दिया है. रेजाई के अनुसार, पुतिन ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की और मौजूदा संघर्ष को गलत बताया. मुलाकात के दौरान रेजाई ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का संदेश भी पुतिन तक पहुंचाया. जवाब में रूसी राष्ट्रपति ने ईरानी नेता को शुभकामनाएं और अपना अभिवादन भेजा.
दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय हालात, युद्ध के बाद की स्थिति और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. ऊर्जा सहयोग का मुद्दा भी बातचीत में शामिल रहा. खास तौर पर रूस से ईरान तक गैस पाइपलाइन बनाने की योजना पर बात हुई. रेजाई के मुताबिक, इस परियोजना से ईरान में गैस की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है और रूस पड़ोसी देशों तक भी गैस पहुंचा सकता है.
होर्मुज खोलने से पहले ईरान ने रखीं 7 शर्तें
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई रास्ता नहीं निकल पाया है. बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्य, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी रोक, प्रतिबंध और ईरान का परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल हैं. रेजाई ने पुतिन को बताया कि ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं. उनका कहना है कि जब तक अमेरिका इन शर्तों को पूरा नहीं करता, ईरान न तो होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा और न ही बातचीत फिर से शुरू करेगा.
रूसी दूत ने ट्रंप से की मुलाकात
ट्रंप ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि यह संघर्ष समझौते के काफी करीब है. ट्रंप के मुताबिक, युद्ध खत्म करने के लिए होने वाला समझौता सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पूरे यूरोप की भूमिका हो सकती है. उन्होंने इसे बड़ा समझौता बताते हुए कहा कि इससे सभी पक्ष खुश होंगे. हालांकि, ट्रंप ने यह भी बताया कि गुरुवार को उनकी यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से कोई मुलाकात नहीं हुई.